फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Kar Sevaks accepted Shriram's blessings in CBI court's decision

बाबरी मस्जिद विध्वंस मामला : सीबीआई कोर्ट के फैसले को कारसेवकों ने माना श्रीराम का आशीर्वाद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2020 12:09 AM IST
विज्ञापन
Kar Sevaks accepted Shriram's blessings in CBI court's decision
स्वामी ज्ञानानंद - फोटो : Kurukshetra
राजेश शांडिल्य
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र। श्रीराम की जन्मभूमि के लिये 1989 से 1992 तक कई बार श्रीकृष्ण की कर्मभूमि से संघर्ष की आवाज बुलंद हुई थी और इस दौरान कई जत्थे अयोध्याजी रवाना हुए थे। इनमें से कुछ चेहरे ऐसे हैं जो परलोक सिधार चुके हैं, लेकिन जो हैं वे बुधवार को बाबरी मस्जिद विध्वंस केस पर सीबीआई कोर्ट का फैसला आने के बाद बेहद खुश हैं। इस आंदोलन में कई परिवारों के एक या दो नहीं, तीन तीन सदस्य शामिल हुए थे। इन्हीं में शामिल था कुरुक्षेत्र का बजाज परिवार। भाजपा के वरिष्ठ नेता कृष्ण बजाज, उनके भाई अशोक बजाज, विनोद बजाज कुरुक्षेत्र से अयोध्या के लिये नगर वासी वीरेंद्र शर्मा, शशि शर्मा, राजू भटनागर, तिलक वधवा, रमेश कुमार सहित दर्जनों युवकों के साथ अयोध्या पहुंचे थे।
वहीं विश्व हिंदू परिषद के सुरेश जोशी के नेतृत्व में उनकी धर्मपत्नी सुमनलता, बजरंग दल के नेता अतुल शर्मा शास्त्री, शाहाबाद से गुलशन कवातरा और 20 महिलाओं सहित 60 लोगों का जत्था अयोध्या पहुंचा था। धर्मनगरी और जिलेभर से ऐसे अनेक ज्ञात अज्ञात लोग रहे, जोकि राममंदिर आंदोलन से जुड़े और अयोध्याजी में 1989 से लेकर 1992 तक एक या दो बार नहीं, बल्कि तीन-तीन बार वहां पहुंचे थे। श्रीरामलाल विराजमान स्थल पर मंदिर निर्माण के लिये भूमिपूजन के बाद बुधवार को जो फैसला आया उससे रामभक्तों में और उस आंदोलन से जुड़े रहे कारसेवकों में खुशी की लहर है। इनका कहना है कि श्रीराम ने अपने भक्तों की रक्षा की है और जिस ढंग से उन्हें झूठे केस में फंसाने का प्रयास हुआ था, वो विफल हुआ है। वहीं प्रांत प्रमुख धर्म प्रसार विभाग विश्व हिंदू परिषद हरियाणा सुरेश जोशी ने कहा कि ये खुशी का अवसर है। इस फैसले की आवश्यकता थी। आरएसएस के डॉ. प्रीतम सिंह ने फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि एफआईआर में गलत नाम थे, जिन्होंने ढांचा गिराया उनकी जगह शांति की अपील करने वालों के नाम लिखवाये गये थे।
विज्ञापन

औवैसी की प्रतिक्रिया पर जोशी का जवाबी ट्वीट
लखनऊ में सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा बाबरी विध्वंस मामले पर फैसला आने के बाद असुद्दीन औवैसी ने जो प्रतिक्रिया दी थी, उसके जवाबी ट्वीट में विश्व हिंदू परिषद हरियाणा के धर्म प्रसार विभाग प्रांत प्रमुख कुरुक्षेत्र वासी सुरेश जोशी ने लिखा है कि मियां असुद्दीन, नाइंसाफी किसके साथ की ? आततातियों ने करोड़ों हिंदुओं पर, उनके प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि पर स्थापित भव्य मंदिर का विध्वंस करके। उस पवित्र जन्मभूमि को अपने शौर्य व पराक्रम से आततायियों के चंगुल से मुक्त करा लेने पर।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्वामी ज्ञानानंद बोले, युगों से न्याय का प्रतीक हैं श्रीराम
1992 में राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे गीता ज्ञान संस्थानम के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि सबसे पहले देश में ऐसा वातावरण होना चाहिये कि प्रत्येक नागरिक को अपनी न्याय व्यवस्था पर विश्वास हो। बुधवार को 28 साल बाद सीबीआई की विशेष अदालत ने जो फैसला सुनाया है,वो निश्चित ही रामभक्तों के लिये एक बड़ी राहत देने वाली है। भगवान श्रीराम हमारे आराध्य हैं। जब भी न्याय की बात आती है तो व्यवस्था की तुलना युगों बाद भी रामराज्य की कसौटी पर ही होती है। ऐसे में भगवान श्रीराम के काम में अन्याय कैसे होता। स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि सीबीआई की विशेष अदालत ने जो फैसला सुनाया है,उसका सभी को आदर करना चाहिये। इसी के साथ हम सभी को आपसी भाईचारा और सौहार्द का वातावरण बनाकर राष्ट्र की प्रगति में अपना योगदान देना चाहिये।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed