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Kurukshetra News: जो बोले सो निहाल, सतश्रीअकाल... उद्घोष होते ही हर हाथ ने थाम लिए कस्सी व तसले, दो घंटे में ही पवित्र सरोवर से गाद कर दी बाहर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Mar 2023 02:00 AM IST
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Jo bole so nihal, satshree akal... As soon as the announcement was made, every hand held the pot and the pan, within two hours the silt was thrown out of the holy lake.
कुरुक्षेत्र। जो बोले सो निहाल, सतश्रीअकाल का उद्घोष हुआ और हर हाथ में कस्सी व तसला दिखाई देने लगे। हर कोई एक-दूसरे से आगे बढ़कर सेवा करने के लिए लालायित हो उठा। श्रद्धा ऐसी कि न उम्र की फिक्र न ही कोई हिचक। बस थी तो अपने गुरु के स्थान को पवित्र बनाए जाने की ललक। यह नजारा बुधवार को ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी में दिखाई दिया।
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मौका था हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी द्वारा गुरुद्वारा साहिब परिसर में स्थित पवित्र सरोवर की सफाई का। जिसकी कार सेवा के लिए प्रदेश भर से सिख संगत उमड़ पड़ी। कोई बस में सवार होकर पहुंचा तो कोई ट्रैक्टर-ट्राली से ही पहुंच गया। हजारों की संख्या में कस्सी, तसले से लेकर कोई बाल्टी तो कोई अन्य सामान से पवित्र सरोवर की सफाई में जुट गया। यह गुरु के प्रति अगाध श्रद्धा ही थी कि जिस सरोवर की आज तक कभी सफाई न की जा सकी, उसकी पूरी गाद महज दो घंटे में ही साफ कर दी गई। 57 साल बाद पवित्र सरोवर की इस सफाई के लिए की गई कार सेवा को देखकर हर कोई दंग रह गया।
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पहले शीश नवाया फिर पंज प्यारों की अगुवाई में बाबा कर्मजीत सिंह ने शुरू की कार सेवा
कार सेवा का आरंभ एचएसजीपीसी के प्रधान बाबा कर्मजीत सिंह ने किया। इससे पहले उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज के समक्ष शीश नवाया। तत्पश्चात पंज प्यारों की अगुवाई में कार सेवा के लिए सरोवर तक पहुंचे। इस दौरान संगत ने पुप्ष वर्षाकर पंज प्यारों का स्वागत किया। फिर संत महापुरुषों की मौजूदगी में बाबा कर्मजीत सिंह ने गुरु चरणों में अरदास की और कस्सी चलाकर कार सेवा का शुभारंभ किया। कार सेवा शुरु होते हुए बोले सो निहाल सत श्री अकाल और सतनाम वाहेगुरु की गूंज चारों तरफ गूंज उठी।
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ये रहे मौजूद
शुभारंभ अवसर पर संत बाबा जोगा सिंह, संत बाबा राजिंदर सिंह इसराना साहिब वाले, संत बाबा सतनाम सिंह, संत बाबा गुरमीत सिंह जी शाहबाद वाले, बाबा शुबेग सिंह, बाबा चमकौर सिंह, बाबा जसदीप सिंह जगाधरी वाले, बाबा सुरेंद्र सिंह मंडोखरा साहिब वाले, बाबा सोहन सिंह कार सेवा वाले, संत बाबा गुरविंदर सिंह, बाबा दर्शन सिंह कार सेवा वाले, एचएसजीपीसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध, जूनियर उप प्रधान बाबा गुरमीत सिंह तिलोकेवाला, महासचिव गुरविंदर सिंह धमीजा, संयुक्त सचिव मोहनजीत सिंह, कार्यकारिणी समिति मैंबर बीबी रविंदर कौर अजराना, जसवंत सिंह दुनियामाजरा, गुरबख्श सिंह, रमणीक सिंह मान, विनर सिंह, कवलजीत सिंह अजराना, तजिंदर सिंह मक्कड़, एचएसजीपीसी के सचिव सर्वजीत सिंह, धर्म प्रचार के सचिव मुखत्यार सिंह, सुरेंद्र सिंह, लीगल सहायक राजपाल सिंह, हैड ग्रंथी भाई गुरदास सिंह, मैनेजर अमरिंदर सिंह धंतौड़ी, तजिंदर सिंह स्याहपोश पटवारी, सुच्चा सिंह, हरप्रीत सिंह चीमा सहित हजारों की तादात में संगत मौजूद रही।

प्रदेश के हर गुरुद्वारा के पवित्र सरोवर की होगी सफाई : महंत कर्मजीत
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान बाबा कर्मजीत सिंह ने कहा कि संस्था ने पवित्र सरोवर साहिबान की सफाई की कार सेवा शुरु कर दी है। इसे आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के प्रत्येक गुरुद्वारा साहिब के पवित्र सरोवरों की सफाई की कार सेवा की जाएगी। वरिष्ठ उपाध्यक्ष जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध ने कहा कि संस्था ने गुरुद्वारा साहिबान का प्रबंध और भी बेहतरीन बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा। महासचिव गुरविंदर सिंह धमीजा ने कहा कि संस्था की कार्यकारिणी की पहली बैठक में गुरुद्वारा साहिब के पवित्र सरोवर की सफाई करने का फैसला लिया गया था, जिसे अमलीजामा पहनाने हुए आज प्रधान साहिब ने कार सेवा का शुभारंभ किया है। कवलजीत सिंह अजराना ने कहा कि एसजीपीसी ने इस ओर कभी कोई ध्यान नहीं दिया था और एचएसजीएमसी ने गुरुद्वारा साहिबान की सेवा संभालने के बाद अपनी पहली बैठक में सरोवर की सफाई का फैसला लिया था।

कार सेवा के दौरान चलता रहा नाम सिमरन
कार सेवा शुरु होने से पहले गुरुद्वारा साहिब के पवित्र सरोवर में स्टेज पर भाई मोहकम सिंह कीर्तनी जत्थे ने शबद कीर्तन श्रवण कर संगत को निहाल किया। ढाडी जत्था जसवंत सिंह व गुरमीत सिंह कविशरी जत्थे ने इतिहास की रचनाओं के माध्यम से संगत को गुरु साहिबान की शिक्षाओं और कार सेवा का महत्व बताया। कार सेवा आरंभ होने के पश्चात नाम सिमरन चलता रहा।


बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने निरंतर की सेवा
कार सेवा करने के लिए लालायित संगत बड़ी संख्या में सुबह ही गुरुद्वारा साहिब पहुंच गई। देखते ही देखते करीब पांच हजार संगत का हुजूम कार सेवा के लिए उमड़ पड़ा। संगत में न सिर्फ बच्चे, बल्कि महिलाएं और युवाओं के साथ-साथ बुजुर्ग भी शामिल थे।
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