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नंदलाल के जयकारे से गुंजायमान हुई धर्मनगरी
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jnmastmi
- फोटो : Kurukshetra
नंद के घर आनंद भयो जय कहैन्या लाल की...बाल गोपाल के जन्मोत्सव पर भक्ति रस में सराबोर धर्मनगरी के पवित्र मंदिरों में ऐसे कई गीत संगीत सुबह से आधी रात तक गूंजते रहे। भगवान श्रीकृष्ण की कर्मस्थली कुरुक्षेत्र के अधिकांश मंदिरों में लड्डू गोपाल को झूला झुलाने के लिये कतारें सुबह से लगी रही और यह सिलसिला आधी रात तक जारी रहा। श्रीकृष्ण के मुखारविंद से निकली गीता की जन्मस्थली ज्योतिसर सहित जिलेभर में भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम रही।
मंदिरों में सुबह से ही कृष्ण भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गईं। भक्तगण हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की, वृंदावन का कृष्ण कन्हैया सबकी आंखों का तारा, श्री राधे गोविंदा मन भजले, हरि का प्यारा नाम है, पर वातावरण कृष्णमय बना रहा।
गीता जन्मस्थली ज्योतिसर, प्राचीन कौरव-पांडव मंदिर बाबा श्रवण नाथ हवेली, बिरला मंदिर, श्रीजयराम आश्रम, राधा-कृष्ण मिलन स्थल श्रीव्यास गौड़िया मठ ,इस्कान मंदिर ज्योतिसर और थानेसर, प्राचीन वर्धराज मंदिर, मां भद्रकाली शक्तिपीठ, स्थाणु तीर्थ, महादेव मोहल्ला स्थित श्रीश्री राधाकृष्ण मंदिर, स्थाणु तीर्थ स्थित साक्षी गोपाल मंदिर, बाहरी मोहल्ला स्थित नाभी कमल मंदिर, दुखभंजन महादेव मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर-7 स्थित शिवशक्ति मंदिर, सेक्टर-13 स्थित श्री रामदूत मंदिर एवं झूलेलाल मंदिर सहित नगर के लगभग सभी मंदिरों में लड्डू गोपाल को पालने में झुलाया गया। वहीं कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के श्री कृष्ण संग्रहालय और ब्रह्मसरोवर तट पर स्थित गुर्जर धर्मशाला व अन्य मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किये गये।
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श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर किया गीता पाठ
सेक्टर-13 स्थित कांग्रेस भवन में इस्कॉन द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में पिछले कई दिनों से भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में यहां कथा स्थल पर लगाए गये पंडाल को विशेष रुप से सजाया गया और बाल गोपाल को पालने की रस्सी खींचने के लिये यहां लंबी कतारें आधी रात तक लगी रही। यहां कई व्रतधारी श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर गीता पाठ, श्रीगोपाल सहस्त्रनाम स्त्रोत, विष्णु सहस्त्र नाम स्त्रोत, कृष्णाष्टम और कृष्ण चालीसा का पाठ किया। कान्हा को माखन मिश्री, खोए की पंजीरी, पेड़े, धनिया की पंजीरी, चुलाई के लड्डू, कुट्टू के आटे की पकौड़ी, दही, दूध आदि का भोग लगाया गया। जैसे ही रात के 12 बजे मंदिरों में शंख घड़ियाल गूंज उठे और श्रीकृष्ण स्तुति के साथ भक्तों ने आरती उतारी। कई मंदिरों में झांकियों का सुंदर व आकर्षक झांकियों का प्रदर्शन किया।
बिरला मंदिर में जन्माष्टमी पर लगा मेला
जन्माष्टमी के मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ आधी रात तक लगी रही। ब्रह्मसरोवर क्षेत्र के आसपास स्थित भव्य रुप में सजे मंदिरों के दर्शनों के लिये लोग परिवार सहित पहुंचे और यहां आयोजित धार्मिक आयोजनों में भागीदारी निभाई। उपरोक्त मंदिरों में माथा टेकने आए श्रद्धालुुओं ने मेले में खूब खरीददारी भी की। वहीं मंदिर परिसर में बच्चे कन्हैया की वेशभूषा में अठखेलियां करते नजर आए।
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मंदिरों में सुबह से ही कृष्ण भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गईं। भक्तगण हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की, वृंदावन का कृष्ण कन्हैया सबकी आंखों का तारा, श्री राधे गोविंदा मन भजले, हरि का प्यारा नाम है, पर वातावरण कृष्णमय बना रहा।
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गीता जन्मस्थली ज्योतिसर, प्राचीन कौरव-पांडव मंदिर बाबा श्रवण नाथ हवेली, बिरला मंदिर, श्रीजयराम आश्रम, राधा-कृष्ण मिलन स्थल श्रीव्यास गौड़िया मठ ,इस्कान मंदिर ज्योतिसर और थानेसर, प्राचीन वर्धराज मंदिर, मां भद्रकाली शक्तिपीठ, स्थाणु तीर्थ, महादेव मोहल्ला स्थित श्रीश्री राधाकृष्ण मंदिर, स्थाणु तीर्थ स्थित साक्षी गोपाल मंदिर, बाहरी मोहल्ला स्थित नाभी कमल मंदिर, दुखभंजन महादेव मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर-7 स्थित शिवशक्ति मंदिर, सेक्टर-13 स्थित श्री रामदूत मंदिर एवं झूलेलाल मंदिर सहित नगर के लगभग सभी मंदिरों में लड्डू गोपाल को पालने में झुलाया गया। वहीं कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के श्री कृष्ण संग्रहालय और ब्रह्मसरोवर तट पर स्थित गुर्जर धर्मशाला व अन्य मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किये गये।
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श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर किया गीता पाठ
सेक्टर-13 स्थित कांग्रेस भवन में इस्कॉन द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में पिछले कई दिनों से भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में यहां कथा स्थल पर लगाए गये पंडाल को विशेष रुप से सजाया गया और बाल गोपाल को पालने की रस्सी खींचने के लिये यहां लंबी कतारें आधी रात तक लगी रही। यहां कई व्रतधारी श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर गीता पाठ, श्रीगोपाल सहस्त्रनाम स्त्रोत, विष्णु सहस्त्र नाम स्त्रोत, कृष्णाष्टम और कृष्ण चालीसा का पाठ किया। कान्हा को माखन मिश्री, खोए की पंजीरी, पेड़े, धनिया की पंजीरी, चुलाई के लड्डू, कुट्टू के आटे की पकौड़ी, दही, दूध आदि का भोग लगाया गया। जैसे ही रात के 12 बजे मंदिरों में शंख घड़ियाल गूंज उठे और श्रीकृष्ण स्तुति के साथ भक्तों ने आरती उतारी। कई मंदिरों में झांकियों का सुंदर व आकर्षक झांकियों का प्रदर्शन किया।
बिरला मंदिर में जन्माष्टमी पर लगा मेला
जन्माष्टमी के मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ आधी रात तक लगी रही। ब्रह्मसरोवर क्षेत्र के आसपास स्थित भव्य रुप में सजे मंदिरों के दर्शनों के लिये लोग परिवार सहित पहुंचे और यहां आयोजित धार्मिक आयोजनों में भागीदारी निभाई। उपरोक्त मंदिरों में माथा टेकने आए श्रद्धालुुओं ने मेले में खूब खरीददारी भी की। वहीं मंदिर परिसर में बच्चे कन्हैया की वेशभूषा में अठखेलियां करते नजर आए।

jnmastmi- फोटो : Kurukshetra