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Kurukshetra News: जस्मेर फूड्स नहीं कर सकता खरीफ ट्रेड मार्क का प्रयोग
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कुरुक्षेत्र। जिला अदालत ने आईएजीएस एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड घरोड़ा करनाल की ओर से जस्मेर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ दायर वाणिज्यिक मुकदमे में आदेश पारित किया है।
अदालत ने खरीफ ट्रेड मार्क के कथित उल्लंघन और पासिंग ऑफ के मामले में जस्मेर फूड्स, उनके एजेंटों, प्रतिनिधियों और वितरकों को इस ट्रेड मार्क या इससे मिलते-जुलते किसी भी चिह्न के तहत सामान बनाने, बेचने, विज्ञापन करने या व्यापार करने से अंतरिम रूप से रोक दिया है। यह निषेधाज्ञा (स्टे) अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगी। ये दोनों कंपनी चावल के उत्पाद बेचने का कार्य करती है और जस्मेर फूड्स खरीफ सिक्का चावल के नाम से अपना एक उत्पाद बेचती है।
आईएजीएस एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने ट्रेड मार्क्स अधिनियम, 1999 की धारा 27, 29, 134 और 135 के तहत मुकदमा दायर किया था। वादी ने आरोप लगाया कि जस्मेर फूड्स ने उनके पंजीकृत ट्रेड मार्क खरीफ का अनधिकृत उपयोग कर उनके व्यवसाय को नुकसान पहुंचाया।
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वादी के अनुसार खरीफ ट्रेड मार्क का उपयोग उनके निदेशक संदीप गुप्ता इंडो अरब ग्रेन सप्लायर्स की ओर से 21 जनवरी 2016 से किया जा रहा है, जिसने बाजार में काफी प्रतिष्ठा और सद्भावना अर्जित की है। वादी ने दावा किया कि प्रतिवादी ने जान-बूझकर भ्रामक रूप से मिलता-जुलता ट्रेड मार्क अपनाकर उनके व्यवसाय को क्षति पहुंचाई। वादी की वकील ने तर्क दिया कि प्रतिवादी की गतिविधियों से वादी को अपूरणीय क्षति हो रही है जिसमें सद्भावना की हानि, ट्रेड मार्क का कमजोर होना और ग्राहकों का नुकसान शामिल है। उन्होंने तत्काल अंतरिम निषेधाज्ञा की मांग की ताकि आगे के नुकसान को रोका जा सके।
अतिरिक्त जिला न्यायाधीश अनिल कुमार ने दस्तावेजों और तर्कों की समीक्षा के बाद पाया कि वादी ने अंतरिम निषेधाज्ञा के लिए प्रथम दृष्टया मजबूत मामला प्रस्तुत किया है। अदालत ने माना कि सुविधा का संतुलन वादी के पक्ष में है और यदि प्रतिवादियों को नहीं रोका गया तो वादी को अपूरणीय क्षति हो सकती है। इसके आधार पर अदालत ने सीपीसी के नियम तीन के तहत एकपक्षीय अंतरिम निषेधाज्ञा जारी की जिसमें प्रतिवादियों को खरीफ या इससे मिलते-जुलते ट्रेड मार्क के उपयोग से रोका गया।
अदालत ने प्रतिवादियों को मुकदमे का समन और आवेदन का नोटिस भी जारी किया, जो 28 अक्तूबर को वापसी योग्य होगा। साथ ही वादी को 24 घंटे के भीतर सीपीसी के प्रावधानों का पालन करते हुए प्रतिवादियों को वाद पत्र और सहायक दस्तावेज भेजने का निर्देश दिया गया है।
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अदालत ने खरीफ ट्रेड मार्क के कथित उल्लंघन और पासिंग ऑफ के मामले में जस्मेर फूड्स, उनके एजेंटों, प्रतिनिधियों और वितरकों को इस ट्रेड मार्क या इससे मिलते-जुलते किसी भी चिह्न के तहत सामान बनाने, बेचने, विज्ञापन करने या व्यापार करने से अंतरिम रूप से रोक दिया है। यह निषेधाज्ञा (स्टे) अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगी। ये दोनों कंपनी चावल के उत्पाद बेचने का कार्य करती है और जस्मेर फूड्स खरीफ सिक्का चावल के नाम से अपना एक उत्पाद बेचती है।
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आईएजीएस एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने ट्रेड मार्क्स अधिनियम, 1999 की धारा 27, 29, 134 और 135 के तहत मुकदमा दायर किया था। वादी ने आरोप लगाया कि जस्मेर फूड्स ने उनके पंजीकृत ट्रेड मार्क खरीफ का अनधिकृत उपयोग कर उनके व्यवसाय को नुकसान पहुंचाया।
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वादी के अनुसार खरीफ ट्रेड मार्क का उपयोग उनके निदेशक संदीप गुप्ता इंडो अरब ग्रेन सप्लायर्स की ओर से 21 जनवरी 2016 से किया जा रहा है, जिसने बाजार में काफी प्रतिष्ठा और सद्भावना अर्जित की है। वादी ने दावा किया कि प्रतिवादी ने जान-बूझकर भ्रामक रूप से मिलता-जुलता ट्रेड मार्क अपनाकर उनके व्यवसाय को क्षति पहुंचाई। वादी की वकील ने तर्क दिया कि प्रतिवादी की गतिविधियों से वादी को अपूरणीय क्षति हो रही है जिसमें सद्भावना की हानि, ट्रेड मार्क का कमजोर होना और ग्राहकों का नुकसान शामिल है। उन्होंने तत्काल अंतरिम निषेधाज्ञा की मांग की ताकि आगे के नुकसान को रोका जा सके।
अतिरिक्त जिला न्यायाधीश अनिल कुमार ने दस्तावेजों और तर्कों की समीक्षा के बाद पाया कि वादी ने अंतरिम निषेधाज्ञा के लिए प्रथम दृष्टया मजबूत मामला प्रस्तुत किया है। अदालत ने माना कि सुविधा का संतुलन वादी के पक्ष में है और यदि प्रतिवादियों को नहीं रोका गया तो वादी को अपूरणीय क्षति हो सकती है। इसके आधार पर अदालत ने सीपीसी के नियम तीन के तहत एकपक्षीय अंतरिम निषेधाज्ञा जारी की जिसमें प्रतिवादियों को खरीफ या इससे मिलते-जुलते ट्रेड मार्क के उपयोग से रोका गया।
अदालत ने प्रतिवादियों को मुकदमे का समन और आवेदन का नोटिस भी जारी किया, जो 28 अक्तूबर को वापसी योग्य होगा। साथ ही वादी को 24 घंटे के भीतर सीपीसी के प्रावधानों का पालन करते हुए प्रतिवादियों को वाद पत्र और सहायक दस्तावेज भेजने का निर्देश दिया गया है।