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भारत बंद: जिले में 25 जगह लगे जाम, 90 प्रतिशत दुकानें रही बंद, रोडवेज व रेलवे भी प्रभावित.
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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारत बंद का जिले में भरपूर असर दिखाई दिया। नेशनल हाईवे पर कोई वाहन नहीं चला। किसानों ने सुबह छह बजे ही सड़कों पर डेरा जमा लिया और नाश्ता भी यहीं पर बैठकर किया। बाजारों की 90 प्रतिशत दुकानें भी किसानों के समर्थन में पूरा दिन बंद रहीं। वहीं रास्ते बंद होने के कारण रोडवेज व रेलवे भी प्रभावित रहे, जिस कारण यात्रियों को बहुत ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। किसानों द्वारा पहले से निर्धारित जिले में कुल 25 जगह जाम लगाया गया। इस दौरान आपातकालीन व मिल्ट्री के वाहनों को ही रास्ता दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट रहा और गुप्तचर विभाग भी हर गतिविधि पर नजर रखे हुए था। जाम के दौरान कुछ जगह वाहन चालकों के साथ किसानों से थोड़ी बहुत नोकझोंक भी हुई।
किसानों द्वारा ट्रैक्टर ट्रालियों के साथ जिले में 25 जगह सड़कों को जाम किया गया था। थानेसर में किसानों ने वाल्मीकि चौक पर डेरा जमाया और दिनभर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सबसे ज्यादा जाम पिहोवा क्षेत्र में नौ जगह लगे। यहां किसानों का पिहोवा का मेन चौक मुख्य प्वाइंट था। इसके अलावा कैथल रोड पर थाना टोल प्लाजा, कुरुक्षेत्र रोड पर तीन जगह सारसा, गढ़ी सिंघा, भोर सैयदां, अंबाला रोड पर मलिकपुर, पटियाला रोड पर ट्यूकर बॉर्डर और गुहला-चीका रोड पर कराह साहिब व स्याणा सैदां में चक्का जाम किया गया था। इसके अलावा शाहाबाद में पुलिस स्टेशन के सामने जीटी रोड और रेलवे ट्रेक जाम किया। बाबैन में सुनारिया चौक, लाडवा में बंसल अस्पताल के सामने, थानेसर में गांव धुराला, मिर्जापुर और शहर में वाल्मीकि चौक, कैंथला, सिंगपुरा, अजराना खुर्द, बचगांवा, किरमच, बगथला। इस्माईलाबाद में किसान चौक पर, पिपली शेखपुरा व गांव मलकपुर में जाम रहा।
बंद के चलते कई जगह सड़कें बिल्कुल शांत थी और बाजार भी खाली थे। ऐसा नजारा पहले लॉकडाउन में ही देखने को मिला था। 90 प्रतिशत दुकानें बेशक बंद थी, लेकिन कुछ दुकानदार सारा दिन अपनी दुकान के आगे बैठे रहे और ग्राहक को देख शटर खोल सामान बेचते नजर आए।
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वाल्मीकि चौक पर धरना दिए बैठे किसानों के बीच कांग्रेस, इनेलो व आम आदमी पार्टी के नेता समर्थन देने के लिए पहुंचे। दोपहर साढ़े 12 बजे किसानों के बीच पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने कहा कि वे किसानों के साथ हैं। आम आदमी पार्टी से सुमित हिंदुस्तानी ने कहा कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं होते वे किसानों के साथ इस संघर्ष में डटे रहेंगे।
जिला प्रधान कृष्ण कलाल माजरा में बताया की भारत बंद इतिहास का सफल बंद साबित हुआ है, जिसमें हर वर्ग ने अपना सहयोग व समर्थन दिया। जिला कुरुक्षेत्र के तमाम कस्बे, गांव व शहर की सभी दुकान व अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे व सभी वर्गों ने किसानों की मांग को जायज ठहराया। दूसरी और भारत बंद के साथ साथ चक्का जाम का ऐलान भी किया गया था, जिसमें भी किसानों का भारी उत्साह देखने को मिला और जिले में करीब 25 जगहों पर किसानों द्वारा चक्का जाम किया गया। जिले में करीब 15 जगहों को जाम करने का प्लान बनाया गया था, लेकिन किसानों ने उत्साह दिखाते हुए करीब 25 जगहों पर सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक चक्का जाम रखा।
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किसानों द्वारा ट्रैक्टर ट्रालियों के साथ जिले में 25 जगह सड़कों को जाम किया गया था। थानेसर में किसानों ने वाल्मीकि चौक पर डेरा जमाया और दिनभर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सबसे ज्यादा जाम पिहोवा क्षेत्र में नौ जगह लगे। यहां किसानों का पिहोवा का मेन चौक मुख्य प्वाइंट था। इसके अलावा कैथल रोड पर थाना टोल प्लाजा, कुरुक्षेत्र रोड पर तीन जगह सारसा, गढ़ी सिंघा, भोर सैयदां, अंबाला रोड पर मलिकपुर, पटियाला रोड पर ट्यूकर बॉर्डर और गुहला-चीका रोड पर कराह साहिब व स्याणा सैदां में चक्का जाम किया गया था। इसके अलावा शाहाबाद में पुलिस स्टेशन के सामने जीटी रोड और रेलवे ट्रेक जाम किया। बाबैन में सुनारिया चौक, लाडवा में बंसल अस्पताल के सामने, थानेसर में गांव धुराला, मिर्जापुर और शहर में वाल्मीकि चौक, कैंथला, सिंगपुरा, अजराना खुर्द, बचगांवा, किरमच, बगथला। इस्माईलाबाद में किसान चौक पर, पिपली शेखपुरा व गांव मलकपुर में जाम रहा।
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बंद के चलते कई जगह सड़कें बिल्कुल शांत थी और बाजार भी खाली थे। ऐसा नजारा पहले लॉकडाउन में ही देखने को मिला था। 90 प्रतिशत दुकानें बेशक बंद थी, लेकिन कुछ दुकानदार सारा दिन अपनी दुकान के आगे बैठे रहे और ग्राहक को देख शटर खोल सामान बेचते नजर आए।
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वाल्मीकि चौक पर धरना दिए बैठे किसानों के बीच कांग्रेस, इनेलो व आम आदमी पार्टी के नेता समर्थन देने के लिए पहुंचे। दोपहर साढ़े 12 बजे किसानों के बीच पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा ने कहा कि वे किसानों के साथ हैं। आम आदमी पार्टी से सुमित हिंदुस्तानी ने कहा कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं होते वे किसानों के साथ इस संघर्ष में डटे रहेंगे।
जिला प्रधान कृष्ण कलाल माजरा में बताया की भारत बंद इतिहास का सफल बंद साबित हुआ है, जिसमें हर वर्ग ने अपना सहयोग व समर्थन दिया। जिला कुरुक्षेत्र के तमाम कस्बे, गांव व शहर की सभी दुकान व अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे व सभी वर्गों ने किसानों की मांग को जायज ठहराया। दूसरी और भारत बंद के साथ साथ चक्का जाम का ऐलान भी किया गया था, जिसमें भी किसानों का भारी उत्साह देखने को मिला और जिले में करीब 25 जगहों पर किसानों द्वारा चक्का जाम किया गया। जिले में करीब 15 जगहों को जाम करने का प्लान बनाया गया था, लेकिन किसानों ने उत्साह दिखाते हुए करीब 25 जगहों पर सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक चक्का जाम रखा।