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Kurukshetra News: भड़के किसानों ने रात से ही चौक, लिंक रोड और एनएच पर लगाए रखा जाम
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कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। जिलेभर के किसान नेशनल हाईवे-44 पर हुए लाठीचार्ज से भड़क गए। संदेश मिलते ही किसानों ने देर शाम ही पिहोवा के मुख्य चौक, लाडवा में रादौर रोड और शाहाबाद के सभी लिंक रोड पर जाम लगा दिया। हालांकि देर रात करीब साढ़े 12 बजे पिहोवा और लाडवा से किसानों ने जाम खोल दिया था। वहीं सुबह किसानों ने टोल प्लाजा जाम करने की योजना बनाई। इसके तहत किसान एनएच-152 के थाना और सैनी टोल प्लाजा पर एकत्रित किए, मगर बाद में उन्होंने एनएच-152 पर इस्माईलाबाद के गांव अजरावर के नजदीक जाम लगाया।
वहीं शाहाबाद में शाहाबाद में लाडवा रोड, गांव रावा के पास बराड़ा रोड, गांव कलसानी चौक के पास नलवी रोड और ग्लैक्सी ग्लोबल के पास साहा रोड को किसानो ट्रालियां लगाकर जाम कर दिया। किसान सुबह से शाम तक मौके पर ही डटे रहे। सभी जगह तीनों समय का लंगर डेरा कार सेवा की ओर से लगाया गया। वहीं दोपहर डेढ़ बजे लाडवा रोड पर राकेश टिकैत पहुंचे। टिकैत ने किसानों के बीच धरने पर बैठकर अपना समर्थन दिया।
राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने देश में कई संगठन बना दिए हैं। अब जाति किसान और धार्मिक किसान संगठन भी बनाने की तैयारी में है। सरकार चाहे जितने भी संगठन बना ले, सभी संगठन समस्या आने पर एकत्रित होंगे। संयुक्त किसान मोर्चा किसी भी संगठन को अपना बैनर लगाने के लिए मना नहीं करेगा।
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कहा कि हरियाणा के लोग क्रांतिकारी हैं। सरकार ने उनके साथ गलत पंगा लिया है। अगर हरियाणा में खाप पंचायतें, किसान और गुरुद्वारा साहिब न होते तो दिल्ली में 13 महीने चला आंदोलन सफल नहीं होना था। इसका श्रेय हरियाणा को मिलना ही चाहिए।
बाक्स
गुरनाम सिंह किसान हितैषी नेता
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पत्रकारों से बातचीत करते हुए टिकैत ने कहा कि उनका संगठन हमेशा से किसानों के साथ रहा है। यह लड़ाई संगठनों की नहीं है, बल्कि सभी किसानों की है। इसलिए आज देश के सभी किसान एकजुट होकर गुरनाम सिंह चढूनी सहित सभी गिरफ्तार किसानों की रिहाई के लिए आंदोलनरत हैं। चढूनी देश के किसान हितैषी और दबंग नेता हैं। हमेशा ही किसानों के हकों के लिए लड़ने और मरने के लिए तैयार रहते हैं।
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वहीं शाहाबाद में शाहाबाद में लाडवा रोड, गांव रावा के पास बराड़ा रोड, गांव कलसानी चौक के पास नलवी रोड और ग्लैक्सी ग्लोबल के पास साहा रोड को किसानो ट्रालियां लगाकर जाम कर दिया। किसान सुबह से शाम तक मौके पर ही डटे रहे। सभी जगह तीनों समय का लंगर डेरा कार सेवा की ओर से लगाया गया। वहीं दोपहर डेढ़ बजे लाडवा रोड पर राकेश टिकैत पहुंचे। टिकैत ने किसानों के बीच धरने पर बैठकर अपना समर्थन दिया।
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राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने देश में कई संगठन बना दिए हैं। अब जाति किसान और धार्मिक किसान संगठन भी बनाने की तैयारी में है। सरकार चाहे जितने भी संगठन बना ले, सभी संगठन समस्या आने पर एकत्रित होंगे। संयुक्त किसान मोर्चा किसी भी संगठन को अपना बैनर लगाने के लिए मना नहीं करेगा।
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कहा कि हरियाणा के लोग क्रांतिकारी हैं। सरकार ने उनके साथ गलत पंगा लिया है। अगर हरियाणा में खाप पंचायतें, किसान और गुरुद्वारा साहिब न होते तो दिल्ली में 13 महीने चला आंदोलन सफल नहीं होना था। इसका श्रेय हरियाणा को मिलना ही चाहिए।
बाक्स
गुरनाम सिंह किसान हितैषी नेता
पत्रकारों से बातचीत करते हुए टिकैत ने कहा कि उनका संगठन हमेशा से किसानों के साथ रहा है। यह लड़ाई संगठनों की नहीं है, बल्कि सभी किसानों की है। इसलिए आज देश के सभी किसान एकजुट होकर गुरनाम सिंह चढूनी सहित सभी गिरफ्तार किसानों की रिहाई के लिए आंदोलनरत हैं। चढूनी देश के किसान हितैषी और दबंग नेता हैं। हमेशा ही किसानों के हकों के लिए लड़ने और मरने के लिए तैयार रहते हैं।