फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   it would not marriage on akhateej

इस बार आखातीज पर नहीं होंगी शादियां, 100 वर्ष बाद बना ऐसा संयोग

Thu, 05 May 2016 12:24 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र Updated Thu, 05 May 2016 12:24 AM IST
विज्ञापन
मई का महीना शुरू होने के साथ ही विवाह के शुभ मुहूर्त पर विराम लग गया है। एक ओर जहां 9 जुलाई तक शुक्र अस्त है यानी तारा डूबा है, वहीं दूसरी ओर सिंहस्थ है। गायत्री ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के संचालक पंडित रामराज कौशिक ने बताया की विवाह के लिए गुरु और शुक्र दोनों का बल होना जरूरी होता है। यदि एक भी अस्त हो और सिंहस्थ साथ हो तो विवाह टाल देते हैं। 9 जुलाई को शुक्र के उदय होने पर 15 जुलाई को देवशयनी एकादशी है, जिससे चार महीने चतुर्मास होगा। इस लिहाज से 15 नवंबर के बाद ही विवाह के शुद्ध मुहूर्त निकलेंगे। अक्षय तृतीया नौ मई को है। इसे अनंत, अक्षय और अक्षुण्ण माना जाता है। आठ मई की रात 08:21 बजे से ही तृतीया तिथि लग जाएगी। सौ वर्ष बाद ऐसा योग बना रहा है, जब अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त में विवाह नहीं होंगे। ऐसा शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण हो रहा है। इस दिन विलक्षण योग बन रहा है।
विज्ञापन


ये ग्रह योग करेगा मालामाल 
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि सूर्य और चंद्र दोनों अपनी उच्च राशि में हैं। बुधादित्य और सर्वार्थसिद्ध राज योग, गजकेसरी, रुचक, शश योग और विशेष योग में बुध ग्रह का प्रभाव अधिक रहेगा, जो मालामाल करेगा। इस दिन कोई भी कार्य शुरू करना या वस्तु खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। उन्होंने कहा कि यह पर्व वैशाख के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इसे कई नामों से जाना जाता है। यह ईश्वर की तिथि मानी जाती है। इस दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। वे सदैव चिरंजीवी हैं। इसी दिन से त्रेता युग का आरंभ हुआ था। इस तिथि को सौभाग्य दिवस भी कहा जाता है। 
विज्ञापन


इससे पहले कब
नौ मई 1970 में बुध का पारगमन हुआ था। तब वियतनाम को युद्ध से जूझना पड़ा था, लेकिन अक्षय तृतीया पर बुध पर पारगमन 100 वर्ष बाद हुआ है। नौ मई की शाम ही गुरु अपने मार्ग से थोड़ा अलग हो जाएगा। गुरु का मार्गी होना अपने आप में शुभ संकेत है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये करें दान, सोना खरीदना भी शुभ
अक्षय तृतीया के दिन सोना-चांदी आदि खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन सोने-चांदी की खरीदारी से घर में लक्ष्मी का वास होता है। इसके अलावा सत्तू, पंखा, घड़ा, ककड़ी, खीरा, तरबूज, दही, खीर, छाता, अनाज, गुई, तिल, लोहा, नारियल, नमक, काला या पीला वस्त्र, जूता, श्रृंगार के सामान आदि का दान भी लाभकारी है। अक्षय तृतीया पर सुंदरकांड और दुर्गाशप्तसती के तृतीय चरित्र का पाठ करें। साथ ही ‘ओम नमो: नारायणा’ का जाप करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed