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‘युवा पीढ़ी को संस्कारों का ज्ञान देना जरूरी’
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शिल्पकला प्रदर्शनी का अवलोकन करती मुख्यातिथि लिप्पी परिदा व अन्य। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। देश की भावी पीढ़ी को संस्कृति और संस्कारों का ज्ञान देना जरूरी है। यह बात मेक इन इंडिया राष्ट्रीय अवार्डी एवं क्रिएटिव आर्टिस्ट फोटोग्राफर लिप्पी परिदा ने कही। वे रविवार को मातृ दिवस पर सेंट थॉमस स्कूल के प्रांगण में आयोजित राष्ट्रीय शिल्प कला प्रदर्शनी एवं कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में बोल रही थीं।
इससे पहले परिदा ने स्कूल की प्रबंधक निदेशक अंजली परवाह, प्रदर्शनी की संयोजिका सोनिका रावत, आरती सूरी, लक्ष्मी अरोड़ा, समीना चिब, मधु केसरी, जसविंदर कौर, रोटरी क्लब प्रधान ऋतु, जितेंद्र ढींगरा के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। परिदा ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभिन्न प्रदेशों से आए शिल्पकारों से बातचीत की और हाथ से बने उत्पादों को खरीदा।
स्कूल की एमडी अंजली मरवाह ने कहा कि विद्यार्थियों को देश की संस्कृति से रूबरू करवाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय शिल्प कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इस प्रकार के कार्यक्रमों का भविष्य में भी आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी की रूपरेखा शिल्पकार प्रशांत ने बनाई। प्रदर्शन राजस्थान से इमरान अली कोटा डोरिया के शिल्पकार, उत्तराखंड से अभय नेचुरल आयल, बिहार से खेता राम की भागलपुर साड़ी, गुजरात से श्याम वन्कार दुपट्टा एवं वेस्ट बंगाल से मीता पाल जामदारी लेकर धर्म नगरी में पहुंचे। इन शिल्पकारों की कला की सभी प्रशंसा की है।
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उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी को सफल बनाने के लिए उत्तराखंड से आई सोनिका रावत व आरती सूरी का खास योगदान रहा है। पहली बार इंटरनेशनल एनजीओ बेयर फुट इंटरनेशनल (बीसीआई) भी बच्चों के लिए सुपर फाइव न्यूट्रिशन, शहद सहित अन्य उत्पाद लेकर पहुंची है। उन्होंने कहा कि सेंट थॉमस स्कूल के प्रांगण में थोरी संस्थान के तत्वाधान में एक ही छत के नीचे विभिन्न प्रदेशों की शिल्पकला का अनोखा संगम पहली बार देखने को मिला।
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कुरुक्षेत्र। देश की भावी पीढ़ी को संस्कृति और संस्कारों का ज्ञान देना जरूरी है। यह बात मेक इन इंडिया राष्ट्रीय अवार्डी एवं क्रिएटिव आर्टिस्ट फोटोग्राफर लिप्पी परिदा ने कही। वे रविवार को मातृ दिवस पर सेंट थॉमस स्कूल के प्रांगण में आयोजित राष्ट्रीय शिल्प कला प्रदर्शनी एवं कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में बोल रही थीं।
इससे पहले परिदा ने स्कूल की प्रबंधक निदेशक अंजली परवाह, प्रदर्शनी की संयोजिका सोनिका रावत, आरती सूरी, लक्ष्मी अरोड़ा, समीना चिब, मधु केसरी, जसविंदर कौर, रोटरी क्लब प्रधान ऋतु, जितेंद्र ढींगरा के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। परिदा ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभिन्न प्रदेशों से आए शिल्पकारों से बातचीत की और हाथ से बने उत्पादों को खरीदा।
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स्कूल की एमडी अंजली मरवाह ने कहा कि विद्यार्थियों को देश की संस्कृति से रूबरू करवाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय शिल्प कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इस प्रकार के कार्यक्रमों का भविष्य में भी आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी की रूपरेखा शिल्पकार प्रशांत ने बनाई। प्रदर्शन राजस्थान से इमरान अली कोटा डोरिया के शिल्पकार, उत्तराखंड से अभय नेचुरल आयल, बिहार से खेता राम की भागलपुर साड़ी, गुजरात से श्याम वन्कार दुपट्टा एवं वेस्ट बंगाल से मीता पाल जामदारी लेकर धर्म नगरी में पहुंचे। इन शिल्पकारों की कला की सभी प्रशंसा की है।
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उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी को सफल बनाने के लिए उत्तराखंड से आई सोनिका रावत व आरती सूरी का खास योगदान रहा है। पहली बार इंटरनेशनल एनजीओ बेयर फुट इंटरनेशनल (बीसीआई) भी बच्चों के लिए सुपर फाइव न्यूट्रिशन, शहद सहित अन्य उत्पाद लेकर पहुंची है। उन्होंने कहा कि सेंट थॉमस स्कूल के प्रांगण में थोरी संस्थान के तत्वाधान में एक ही छत के नीचे विभिन्न प्रदेशों की शिल्पकला का अनोखा संगम पहली बार देखने को मिला।