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Kurukshetra News: पूरा दिन गर्मी का एहसास, 32 डिग्री पहुंचा तापमान
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कुरुक्षेत्र। खेतों में बिछी गेहूं की फसल। संवाद
- फोटो : Samvad
कुरुक्षेत्र। वीरवार को तेज धूप खिलने से पूरे दिन गर्मी का अहसास हुआ। इससे अधिकतम तापमान बढ़कर 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम नजर आई।
शाम के समय मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिला। करीब 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने गर्मी से थोड़ी राहत दी लेकिन उमस का असर बरकरार रहा। मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि अगले 24 घंटों में एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है जिससे तापमान में हल्की गिरावट संभव है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. ममता ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के हल्के प्रभाव के कारण आने वाले दिनों में आंशिक बादल छाने और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। इससे तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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गेहूं की फसल पर असर : डॉ. कर्म चंद
कृषि उप निदेशक डॉ. कर्म चंद ने कहा कि इस समय अधिक तापमान और तेज हवाएं गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं। दानों के भराव के दौरान अगर तापमान अधिक रहता है, तो दाने सिकुड़ सकते हैं जिससे उत्पादन पर असर पड़ता है। वहीं तेज हवा चलने से खेतों में खड़ी फसल के गिरने का खतरा भी बढ़ जाता है। यदि आने वाले दिनों में मौसम में अचानक बदलाव होता है और बारिश या तेज आंधी आती है, तो इससे फसल को और अधिक नुकसान हो सकता है। इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसल की नियमित निगरानी करें और आवश्यकता अनुसार सिंचाई व कटाई की योजना बनाएं।
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शाम के समय मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिला। करीब 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने गर्मी से थोड़ी राहत दी लेकिन उमस का असर बरकरार रहा। मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि अगले 24 घंटों में एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है जिससे तापमान में हल्की गिरावट संभव है।
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मौसम विशेषज्ञ डॉ. ममता ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के हल्के प्रभाव के कारण आने वाले दिनों में आंशिक बादल छाने और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। इससे तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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गेहूं की फसल पर असर : डॉ. कर्म चंद
कृषि उप निदेशक डॉ. कर्म चंद ने कहा कि इस समय अधिक तापमान और तेज हवाएं गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं। दानों के भराव के दौरान अगर तापमान अधिक रहता है, तो दाने सिकुड़ सकते हैं जिससे उत्पादन पर असर पड़ता है। वहीं तेज हवा चलने से खेतों में खड़ी फसल के गिरने का खतरा भी बढ़ जाता है। यदि आने वाले दिनों में मौसम में अचानक बदलाव होता है और बारिश या तेज आंधी आती है, तो इससे फसल को और अधिक नुकसान हो सकता है। इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसल की नियमित निगरानी करें और आवश्यकता अनुसार सिंचाई व कटाई की योजना बनाएं।