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Kurukshetra News: दुबई और नेपाल से संचालित हो रहा साइबर ठगी का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। दुबई और नेपाल में बैठे साइबर ठगी के मास्टरमाइंड भारत के विभिन्न राज्यों में अपना जाल फैलाकर लाखों करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दे रहे हैं। यह गिरोह गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों के बैंक खाते और सिम खरीदकर ठगी की वारदात को अंजाम देता है।
गिरोह के सदस्य नौकरी और ऑनलाइन टास्क के नाम पर लोगों को लालच देकर उनके खातों से रुपये उड़ा लेते हैं। इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह के पांच सदस्यों को साइबर क्राइम थाना पुलिस की विशेष टीम ने नोएडा से गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ में सामने आया है कि अधिकतर गुर्गे कमीशन पर काम कर रहे हैं और मुख्य सरगना नेपाल व दुबई में हैं।
साइबर क्राइम थाना के प्रभारी पीएसआई महेश कुमार के मुताबिक पांच जून को जोधपुर निवासी सुरेश प्रजापत और नरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया। नरेंद्र को आठ दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया, जबकि सुरेश को जेल भेज दिया गया। इसके बाद सात जून को जोधपुर के पीयूष अश्वनी और उदयपुर के राहुल मनयानी व प्रशांत कारवानी को गिरफ्तार किया गया। पीयूष को सात दिन की रिमांड पर लिया गया, जबकि राहुल और प्रशांत को जेल भेज दिया गया।
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पुलिस के अनुसार यह गिरोह अब तक 50 से 60 लोगों को अपना शिकार बना चुका है। ठगी की कुल राशि का अभी तक सटीक आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन गिरोह का नेटवर्क नोएडा, गोवा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों तक फैला हुआ है। यह गिरोह विदेशों से संचालित हो रहा है और इसके सदस्यों के बीच काम का भी स्पष्ट बंटवारा किया हुआ है।
दसवीं फेल से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट तक शामिल ः पकड़े गए आरोपी दसवीं फेल से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट तक हैं। ये आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से हैं और आसान तरीके से रुपया कमाने के लालच में अपराध की राह पर चल पड़े। गिरोह में काम का बंटवारा इस तरह था कि कम पढ़े-लिखे लोग बैंकों के खाते और सिम इकट्ठा करते हैं, जबकि अंग्रेजी बोलने और तकनीकी जानकारी रखने वाले लोग ठगी की योजना बनाते और उसे अंजाम देते हैं।
जागरूकता ही बचाव ः पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने कहा कि साइबर अपराध को रोकने के लिए पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है और समय-समय पर एडवाइजरी जारी करती है। इसके बावजूद ठगी के शिकार लोगों को न्याय दिलाने के लिए साइबर थाना और पूरा पुलिस विभाग सक्रिय है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश कर रही है और जल्द ही बाकी सदस्यों को भी गिरफ्तार करने का दावा किया है।
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कुरुक्षेत्र। दुबई और नेपाल में बैठे साइबर ठगी के मास्टरमाइंड भारत के विभिन्न राज्यों में अपना जाल फैलाकर लाखों करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दे रहे हैं। यह गिरोह गरीब और कम पढ़े-लिखे लोगों के बैंक खाते और सिम खरीदकर ठगी की वारदात को अंजाम देता है।
गिरोह के सदस्य नौकरी और ऑनलाइन टास्क के नाम पर लोगों को लालच देकर उनके खातों से रुपये उड़ा लेते हैं। इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह के पांच सदस्यों को साइबर क्राइम थाना पुलिस की विशेष टीम ने नोएडा से गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ में सामने आया है कि अधिकतर गुर्गे कमीशन पर काम कर रहे हैं और मुख्य सरगना नेपाल व दुबई में हैं।
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साइबर क्राइम थाना के प्रभारी पीएसआई महेश कुमार के मुताबिक पांच जून को जोधपुर निवासी सुरेश प्रजापत और नरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया। नरेंद्र को आठ दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया, जबकि सुरेश को जेल भेज दिया गया। इसके बाद सात जून को जोधपुर के पीयूष अश्वनी और उदयपुर के राहुल मनयानी व प्रशांत कारवानी को गिरफ्तार किया गया। पीयूष को सात दिन की रिमांड पर लिया गया, जबकि राहुल और प्रशांत को जेल भेज दिया गया।
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पुलिस के अनुसार यह गिरोह अब तक 50 से 60 लोगों को अपना शिकार बना चुका है। ठगी की कुल राशि का अभी तक सटीक आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन गिरोह का नेटवर्क नोएडा, गोवा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों तक फैला हुआ है। यह गिरोह विदेशों से संचालित हो रहा है और इसके सदस्यों के बीच काम का भी स्पष्ट बंटवारा किया हुआ है।
दसवीं फेल से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट तक शामिल ः पकड़े गए आरोपी दसवीं फेल से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट तक हैं। ये आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से हैं और आसान तरीके से रुपया कमाने के लालच में अपराध की राह पर चल पड़े। गिरोह में काम का बंटवारा इस तरह था कि कम पढ़े-लिखे लोग बैंकों के खाते और सिम इकट्ठा करते हैं, जबकि अंग्रेजी बोलने और तकनीकी जानकारी रखने वाले लोग ठगी की योजना बनाते और उसे अंजाम देते हैं।
जागरूकता ही बचाव ः पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने कहा कि साइबर अपराध को रोकने के लिए पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है और समय-समय पर एडवाइजरी जारी करती है। इसके बावजूद ठगी के शिकार लोगों को न्याय दिलाने के लिए साइबर थाना और पूरा पुलिस विभाग सक्रिय है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश कर रही है और जल्द ही बाकी सदस्यों को भी गिरफ्तार करने का दावा किया है।