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सैलानियों को आकर्षित करने के लिए कुरुक्षेत्र में खड़ा किया जाए अंतरराष्ट्रीय स्तर का ढांचा : कटारिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। आज गीता की जन्म स्थली कुरुक्षेत्र की पहचान विश्व स्तर पर है। विश्व भर के लोगों का गीता के प्रति रुझान हुआ है, लेकिन विश्व के सैलानियों को गीता स्थली कुरुक्षेत्र की ओर आकर्षित करने के लिए कुरुक्षेत्र व इसके 48 कोसी क्षेत्र में आवागमन का विश्व स्तरीय ढांचा खड़ा किया जाए, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर का बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन व हवाई अड्डा शामिल है।
यह मांग अंबाला के सांसद रतन लाल कटारिया ने संसद में उठाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी गीता नगरी कुरुक्षेत्र को उन्नत करने के लिए हजारों करोड़ रुपये आने वाले समय में खर्च कर रही है। केंद्र सरकार ने भी इसके महत्व को समझते हुए कृष्णा सर्किट बनाया है। कुरुक्षेत्र गीता स्थली में विश्व के एक बहुत बड़े पर्यटन स्थल बनने की प्रबल संभावना है और विश्व के कोने कोने में गीता ज्ञान पहुंचाने का एक बेहतरीन अवसर है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सारा सदन मिलकर श्रीमद्भागवत गीता के संदेश को दुनिया के कोने कोने में फैलाने के लिए एकजुटता के साथ विचार करें।
कटारिया ने कहा कि गीता ज्ञान की भूमि कुरुक्षेत्र पर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 19 नवंबर से छह दिसंबर तक मनाया गया। इस महोत्सव के शुभारंभ पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने शिरकत की और इस महोत्सव के गौरव को बढ़ाया था। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने गीता ज्ञान स्थली ज्योतिसर गए और ज्योतिसर में ही भगवान श्री कृष्ण के विराट स्वरूप के स्थल को देखा है।
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इंग्लैंड की संसद में भी स्थापित किया गीता को
सांसद कटारिया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2022 का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गीता पूजन और गीता यज्ञ में आहुति डालकर किया। राष्ट्रपति ने श्रीमदद्भागवत पर हुए एक सेमिनार में गीता के महत्व पर प्रकाश डाला और कर्म करने को ही मानव जीवन का सच्चा कर्तव्य बताया तथा भागवत गीता में लिखे गए श्लोकों की ओर विश्व के आकर्षित होने का भी जिक्र किया। सांसद ने कहा कि इससे पहले सितंबर में कनाडा में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव मनाया गया और वहां की संसद में पवित्र ग्रंथ गीता रखी गई। इसी प्रकार इंग्लैंड में भी संसद में पवित्र ग्रंथ गीता को स्थापित किया गया है।
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कुरुक्षेत्र। आज गीता की जन्म स्थली कुरुक्षेत्र की पहचान विश्व स्तर पर है। विश्व भर के लोगों का गीता के प्रति रुझान हुआ है, लेकिन विश्व के सैलानियों को गीता स्थली कुरुक्षेत्र की ओर आकर्षित करने के लिए कुरुक्षेत्र व इसके 48 कोसी क्षेत्र में आवागमन का विश्व स्तरीय ढांचा खड़ा किया जाए, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर का बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन व हवाई अड्डा शामिल है।
यह मांग अंबाला के सांसद रतन लाल कटारिया ने संसद में उठाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी गीता नगरी कुरुक्षेत्र को उन्नत करने के लिए हजारों करोड़ रुपये आने वाले समय में खर्च कर रही है। केंद्र सरकार ने भी इसके महत्व को समझते हुए कृष्णा सर्किट बनाया है। कुरुक्षेत्र गीता स्थली में विश्व के एक बहुत बड़े पर्यटन स्थल बनने की प्रबल संभावना है और विश्व के कोने कोने में गीता ज्ञान पहुंचाने का एक बेहतरीन अवसर है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सारा सदन मिलकर श्रीमद्भागवत गीता के संदेश को दुनिया के कोने कोने में फैलाने के लिए एकजुटता के साथ विचार करें।
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कटारिया ने कहा कि गीता ज्ञान की भूमि कुरुक्षेत्र पर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 19 नवंबर से छह दिसंबर तक मनाया गया। इस महोत्सव के शुभारंभ पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने शिरकत की और इस महोत्सव के गौरव को बढ़ाया था। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने गीता ज्ञान स्थली ज्योतिसर गए और ज्योतिसर में ही भगवान श्री कृष्ण के विराट स्वरूप के स्थल को देखा है।
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इंग्लैंड की संसद में भी स्थापित किया गीता को
सांसद कटारिया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2022 का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गीता पूजन और गीता यज्ञ में आहुति डालकर किया। राष्ट्रपति ने श्रीमदद्भागवत पर हुए एक सेमिनार में गीता के महत्व पर प्रकाश डाला और कर्म करने को ही मानव जीवन का सच्चा कर्तव्य बताया तथा भागवत गीता में लिखे गए श्लोकों की ओर विश्व के आकर्षित होने का भी जिक्र किया। सांसद ने कहा कि इससे पहले सितंबर में कनाडा में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव मनाया गया और वहां की संसद में पवित्र ग्रंथ गीता रखी गई। इसी प्रकार इंग्लैंड में भी संसद में पवित्र ग्रंथ गीता को स्थापित किया गया है।