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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव : अब केडीबी नहीं सूरजकुंड की तर्ज पर प्राधिकरण संभालेगा जिम्मा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 28 Feb 2024 03:23 AM IST
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International Gita Mahotsav: Now the authority will take charge on the lines of Surajkund, not KDB
कुुरुक्षेत्र। प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती मेला प्राधिकरण बनाए जाने का निर्णय लिया है। इसके लिए बाकायदा सोमवार को विधानसभा सत्र में विधेयक भी पेश किया गया, जिस पर मुहर भी लग गई। अब प्राधिकरण बनाए जाने की दिशा में कार्य शुरू हो जाएगा। इसके बाद सूरजकुंड व प्रयागराज की तर्ज पर महोत्सव का पूरा आयोजन प्राधिकरण के जिम्मे होगा जबकि अभी तक कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ही इस मेले का आयोजन करता रहा है। गत वर्ष सात से 24 दिसंबर तक पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर यह महोत्सव मनाया गया तो वहीं अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक से तीन मार्च तक श्रीलंका में यह आयोजन किया जा रहा है।
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उल्लेखनीय है कि पिछले 34 साल से कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ही इस महोत्सव का आयोजन करता रहा है। गीता महोत्सव की शुरुआत साल 1989 में जिलास्तरीय उत्सव के रूप में हुई थी जबकि इससे पहले सामाजिक संस्थाएं अपने स्तर पर यह महोत्सव मनाती रही हैं। 1968 में बने कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने गीता महोत्सव को व्यापक स्वरूप 1992 में ही देना शुरू किया और शिल्प व सरस मेला लगाया जाने लगा तो सांस्कृतिक व धार्मिक आयोजन भी बढ़ाए गए। इसके बाद 24 वर्षों तक इसी तर्ज पर मेला चलाया जाता रहा तो वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझाव पर वर्ष 2016 में प्रदेश सरकार ने पहली बार इसे अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देना शुरू किया, जिसके साथ ही न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसे नया स्वरूप दिए जाने के प्रयास किए जाते रहे।
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इन देशों में मनाया जा चुका महोत्सव

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गीता महोत्सव फरवरी 2019 में पहली बार मॉरीशस में आयोजित किया गया, जिसके बाद इसी वर्ष अगस्त में लंदन में आयोजन किया गया। यही नहीं सितंबर 2022 में कनाडा, अप्रैल 2023 में ऑस्ट्रेलिया में महोत्सव का आयोजन किया गया। अब एक से तीन मार्च तक श्रीलंका में आयोजन किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर भी महोत्सव में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से लेकर अनेक बड़ी हस्ती शिरकत कर चुकी हैं।
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पहली बार 18 दिन मनाया महोत्सव



बता दें कि गत वर्ष ही अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में स्थानीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और दो कदम आगे बढ़ाया गया। जहां गत दिसंबर माह में यह आयोजन 16 की बजाय सात से 24 दिसंबर तक 18 दिन के लिए किया गया तो वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस बार यह आयोजन तीन दिन एक से तीन मार्च तक होगा। इससे पहले यह दो दिन तक होता रहा। यहां तक कि इस बार श्रीलंका की संसद में चौथे दिन पवित्र गीता भेंट किए जाने का भी कार्यक्रम होगा।










महोत्सव को मिलेगा बेहतर स्वरूप : सिंघल



केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती मेला प्राधिकरण बनने पर महोत्सव और भी बेहतर स्वरूप में मनाया जा सकेगा। केडीबी ने महोत्सव की बेहतरी के लिए हर संभव प्रयास किए हैं। प्राधिकरण के साथ मिलकर भी इसे और ज्यादा बेहतर बनाए जाने के प्रयास किए जाएंगे। प्राधिकरण को अपनी चल और अचल संपत्ति जुटाने का अधिकार होगा।
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