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अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव : पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर दिखा लघु भारत व अद्भुत कला का संगम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Dec 2023 02:42 AM IST
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International Geeta Jayanti Mahotsav: Confluence of miniature India and amazing art seen on the banks of sacred Brahmasarovar
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव शुरू होते ही पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर पहले ही दिन लघु भारत का नजारा दिखाई दिया। जहां 22 राज्यों से 250 शिल्पकार पहुंचे तो वहीं विभिन्न राज्यों से पहुंचे 70 से ज्यादा कलाकारों ने अपनी-अपनी कला बिखेरते हुए समां बांध दिया। नोर्थ जोन कला केंद्र पटियाला की ओर से इन कलाकारों में भरपूर उत्साह दिखा। सुबह से लेकर देर रात तक विभिन्न प्रदेशों की लोक कलाओं की स्वर लहरियां गूंजती रहीं, जिससे अद्भुत कला का संगम बना रहा।
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ब्रह्मसरोवर के पूर्वी घाट पर शिल्प तो पश्चिमी घाट पर सरस मेला लगाया गया है, जिसका शुभारंभ राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय ने किया। अधिकतर शिल्पकार व कलाकार एक दिन पहले बुधवार को ही यहां पहुंच गए थे और सुबह जब राज्यपाल मेले का शुभारंभ करने पहुंचे तो ब्रह्मसरोवर तट अलग-अलग राज्यों की लोक कलाओं की धुनों से गूंज उठा। जम्मू कश्मीर से लेकर पंजाब, हिमाचल प्रदेश व छत्तीसगढ़ तक के कलाकारों ने बेहतरीन प्रस्तुतियां दीं, जिसे देख राज्यपाल भी गदगद हो उठे। वे खुद को रोक नहीं पाए और कई कलाकारों के साथ चर्चा कर उनका हौसला बढ़ाया। वहीं कलाकारों व शिल्पकारों के उत्साह को देख राज्यपाल ने कहा कि वास्तव में यह महोत्सव बड़ा आयोजन बन चुका है।
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इन राज्यों की लोग कला व नृत्य की बिखरी छटा, पर्यटक गदगद
राज्य-- लोक नृत्य
जम्मू कश्मीर-- रूफ
हिमाचल प्रदेश-- कुल्लू नाटि
राजस्थान-- कच्ची घोड़ी
पंजाब-- ढोल, गिद्दा, लुड्डी, बाजीगर
उत्तराखंड--छपेली नृत्य
हरियाणा-- गाथा गायन
चंडीगढ़-- सम्मी
मध्यप्रदेश-- गुड़ुम बाजा, राई
छत्तीसगढ़-- कर्मा


पूर्व घाट पर शिल्प व पश्चिमी घाट पर सरस मेला
गीता जयंती महोत्सव के चलते ब्रह्मसरोवर के पूर्वी तट पर शिल्प व पश्चिमी तट पर सरस मेला सजा है। जहां 22 राज्यों से शिल्पकार पहुंचे हैं और दिन भर अपनी दुकानें सजाते रहे तो वहीं पश्चिमी तट पर सरस मेले में भी देशभर से स्वयं सहायता समूहों से जुड़े शिल्पकार अपनी-अपनी अद्भुत कला लेकर पहुंचे। पहले ही दिन उनकी यह कला देख पर्यटक ठहर से गए, ऐसे में शिल्पकारों को भी उम्मीद जगी कि इस बार उनकी कला को और भी तव्वजो मिलने वाली है।
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छह फूड कोर्ट लगे तो गोहाना के ताऊ की जलेबी की चखने पहुंचे पर्यटक
ब्रह्मसरोवर तट पर शिल्प व सरस मेले के बीच छह फूड कोर्ट भी खोले गए हैं, जिसके साथ ही 25 से अधिक खानपान की अन्य दुकानें भी लगाई गईं। गोहाना के ताऊ मातू राम की जलेबी का स्वाद चखने के लिए पहले ही दिन पर्यटक पहुंच गए। वहीं मेले के बीच विभिन्न सामाजिक संस्थाएं भी अपनी-अपनी स्टाॅल खोल चुकी है, जहां कहीं पर लोगों को अपने अधिकारों के बारे में तो कहीं महापुरुषों की जीवनी से भी अवगत कराया गया।



रंगोली बना सेल्फी प्वांइट
शिल्प व सरस मेले में ब्रह्मसरोवर के मुख्य द्वार के पास ही दोनों ओर सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं, जो यहां आने वाले पर्यटकों का स्वागत कर रहे हैं। बेहद आकर्षक इस रंगोली को देख हर कोई ठहर जाता है। राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय भी इसे निहारे बिना नहीं रह सके।
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