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Kurukshetra News: अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आज कुवि में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों पर होगा मंथन
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कुरुक्षेत्र। कुवि का द्रोणाचार्य द्वार।
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंडो-पैसिफिक स्टडीज व केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय के इंडो-पैसिफिक डिवीजन के सहयोग में उच्च स्तरीय तीसरी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 14 अक्तूबर को कुवि के सीनेट हॉल में होगा, जिसकी मेजबानी कुरुक्षेत्र विवि करेगा। दो दिवसीय सम्मेलन में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास विषय सहित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
मुख्यातिथि के तौर पर नौसेना के उप-नौसेना प्रमुख वाइस एडमिरल तरुण सोबती रहेंगे। दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर के शिक्षाविद, सेना एवं विद्वानजन अपने विचार साझा करेंगे। इसमें भारत-प्रशांत क्षेत्र में सहकारी और सहयोगात्मक, समुद्री सुरक्षा संबंधी गतिविधियों को विकसित करने में और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाने को लेकर मंथन किया जाएगा। सम्मेलन में सतत नीली अर्थव्यवस्था, महासागर लेखांकन, समुद्री विशेष योजना व भारत-प्रशांत क्षेत्र में जलवायु-लचीलापन और सतत विकास प्राप्त करने में त्वरित तकनीकी परिवर्तन की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
निदेशक प्रो. वीएन अत्री ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में आईपीईएफ के 14 देशों के सतत विकास लक्ष्य के अंतर्गत अर्थव्यवस्थाओं के लिए लचीलापन, शांति एवं स्थिरता, समावेशिता, आर्थिक विकास, निष्पक्षता एवं आपसी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। हिंद-प्रशांत क्षेत्र भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तथा आपसी सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में उभरा है। आईओआरए, एशियन व जी-20 जैसी संस्थाओं के सहयोग से आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य शांति, सुरक्षा और सतत विकास को बढ़ावा देकर सहयोग की भावना विकसित करना है ताकि भविष्य में इस क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का सामना मिलकर किया जा सके। ये सम्मेलन भारत की हिंद-प्रशांत महासागर पहल और वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने की भूमिका को भी रेखांकित करेगा।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंडो-पैसिफिक स्टडीज व केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय के इंडो-पैसिफिक डिवीजन के सहयोग में उच्च स्तरीय तीसरी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 14 अक्तूबर को कुवि के सीनेट हॉल में होगा, जिसकी मेजबानी कुरुक्षेत्र विवि करेगा। दो दिवसीय सम्मेलन में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास विषय सहित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
मुख्यातिथि के तौर पर नौसेना के उप-नौसेना प्रमुख वाइस एडमिरल तरुण सोबती रहेंगे। दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर के शिक्षाविद, सेना एवं विद्वानजन अपने विचार साझा करेंगे। इसमें भारत-प्रशांत क्षेत्र में सहकारी और सहयोगात्मक, समुद्री सुरक्षा संबंधी गतिविधियों को विकसित करने में और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाने को लेकर मंथन किया जाएगा। सम्मेलन में सतत नीली अर्थव्यवस्था, महासागर लेखांकन, समुद्री विशेष योजना व भारत-प्रशांत क्षेत्र में जलवायु-लचीलापन और सतत विकास प्राप्त करने में त्वरित तकनीकी परिवर्तन की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
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निदेशक प्रो. वीएन अत्री ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में आईपीईएफ के 14 देशों के सतत विकास लक्ष्य के अंतर्गत अर्थव्यवस्थाओं के लिए लचीलापन, शांति एवं स्थिरता, समावेशिता, आर्थिक विकास, निष्पक्षता एवं आपसी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। हिंद-प्रशांत क्षेत्र भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तथा आपसी सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में उभरा है। आईओआरए, एशियन व जी-20 जैसी संस्थाओं के सहयोग से आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य शांति, सुरक्षा और सतत विकास को बढ़ावा देकर सहयोग की भावना विकसित करना है ताकि भविष्य में इस क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का सामना मिलकर किया जा सके। ये सम्मेलन भारत की हिंद-प्रशांत महासागर पहल और वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने की भूमिका को भी रेखांकित करेगा।
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