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केयू में अंतरराष्ट्रीय कला का संगम शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र
Updated Fri, 05 Feb 2016 11:57 PM IST
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केयू (कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी) के ललित कला विभाग में शुक्रवार को दो
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दिवसीय अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन कला कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला
में 13 देशों से 16 विदेशी कलाकार शामिल हो रहे है।
इटली, सिंगापुर, फ्रांस, स्वीडन, कनाडा, इग्लैंड, अमेरिका, दक्षिण कोरिया, सर्बिया, बांग्लादेश आदि देशों के कलाकार इस कार्यशाला में प्रतिभागिता कर रहे है। कार्यशाला का आयोजन हीलिंग हिल्स आर्ट कलेक्टिव पंचकूला के सहयोग से किया जा रहा है।
कार्यशाला का उद्घाटन कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. अनिल वोहरा ने किया। उन्होंने कहा कि यद्यपि वे विज्ञान के क्षेत्र के है। कला और कलाकारों के प्रति उनका बेहद लगाव और सम्मान है। विभाग के द्वारा किए जा रहे कला उत्थान के प्रयासों से वे बहुत उत्साहित है।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. राम विरंजन ने कहा कि प्रदर्शन कला भावों की अभिव्यक्ति का नवीन माध्यम है। इसमें कलाकार वातावरण को ध्यान में रखते हुए अपने शरीर को ही चित्र की तरह इस्तेमाल करता है। उन्होंने सभी आगंतुक कलाकारों का स्वागत किया।
भारत की संस्कृति और परंपरा बेहद समृद्ध है। कुरुक्षेत्र की धरती अतुलनीय है। हीलिंग हिल्स संस्था के निदेशक हरप्रीत सिंह ने मंचकला और प्रदर्शन कला के अंतर संबंधो पर चर्चा की। इस अवसर पर विदेशी कलाकार एंडरीना बिसमैन ने कहा कि कलाकार अपने भावों की अभिव्यक्ति का प्रदर्शन कर विचारों को सहजता से साझा कर सकता है।
न्यूजीलैंड से आई लिफ विल्सन ने एक गाना भी गाया। कार्यक्रम का संचालन विभाग के शिक्षक रविंदर सिंह, शुभप्रति और बिसमन ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. गुरचरण सिंह ने किया। इस अवसर पर आरएस पठानिया, डॉ. राकेश बानी, डॉ. मोनिका गुप्ता, पवन कुमार, डॉ. आनंद जायसवाल, सपना, अमित, संदीप, दिलीप गुप्ता, चंद्रिमा, दलबीर, कुलदीप आदि मौजूद थे।
इटली, सिंगापुर, फ्रांस, स्वीडन, कनाडा, इग्लैंड, अमेरिका, दक्षिण कोरिया, सर्बिया, बांग्लादेश आदि देशों के कलाकार इस कार्यशाला में प्रतिभागिता कर रहे है। कार्यशाला का आयोजन हीलिंग हिल्स आर्ट कलेक्टिव पंचकूला के सहयोग से किया जा रहा है।
कार्यशाला का उद्घाटन कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. अनिल वोहरा ने किया। उन्होंने कहा कि यद्यपि वे विज्ञान के क्षेत्र के है। कला और कलाकारों के प्रति उनका बेहद लगाव और सम्मान है। विभाग के द्वारा किए जा रहे कला उत्थान के प्रयासों से वे बहुत उत्साहित है।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. राम विरंजन ने कहा कि प्रदर्शन कला भावों की अभिव्यक्ति का नवीन माध्यम है। इसमें कलाकार वातावरण को ध्यान में रखते हुए अपने शरीर को ही चित्र की तरह इस्तेमाल करता है। उन्होंने सभी आगंतुक कलाकारों का स्वागत किया।
भारत की संस्कृति और परंपरा बेहद समृद्ध है। कुरुक्षेत्र की धरती अतुलनीय है। हीलिंग हिल्स संस्था के निदेशक हरप्रीत सिंह ने मंचकला और प्रदर्शन कला के अंतर संबंधो पर चर्चा की। इस अवसर पर विदेशी कलाकार एंडरीना बिसमैन ने कहा कि कलाकार अपने भावों की अभिव्यक्ति का प्रदर्शन कर विचारों को सहजता से साझा कर सकता है।
न्यूजीलैंड से आई लिफ विल्सन ने एक गाना भी गाया। कार्यक्रम का संचालन विभाग के शिक्षक रविंदर सिंह, शुभप्रति और बिसमन ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. गुरचरण सिंह ने किया। इस अवसर पर आरएस पठानिया, डॉ. राकेश बानी, डॉ. मोनिका गुप्ता, पवन कुमार, डॉ. आनंद जायसवाल, सपना, अमित, संदीप, दिलीप गुप्ता, चंद्रिमा, दलबीर, कुलदीप आदि मौजूद थे।