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आरटीआई के बारे में दी जानकारी
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केयू में आयोजित रिफ्रेशर कोर्स को संबोधित करते डॉ. एएन मनोचा। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के फैकल्टी लॉज में चल रहे स्टेनो के लिए रिफ्रेशर कोर्स के चौथे दिन मुख्य वक्ता पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. एएन मनोचा ने सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण हथियार है।
उन्होंने बताया यह कानून नागरिक को जानने का अधिकार या सूचना लेने के अधिकार का हक देता है। कोई भी व्यक्ति प्रथम अपील डाक या व्यक्तिगत रूप से संबंधित कार्यालय में जाकर जमा करवा सकता है। प्रथम अपील के साथ आरटीआई आवेदन, लोक सूचना अधिकारी की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचना (यदि उपलब्ध कराई गई है तो) एवं आरटीआई आवेदन के साथ दिए गए शुल्क की रसीद आदि की फोटोकॉपी लगी होनी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार भारत जैसे बड़े लोकतंत्रों को मजबूत करने और उनके नागरिक केंद्रित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
वहीं पहले सत्र के मुख्य वक्ता विजिलेंस विभाग से सेवानिवृत्त ऑफिसर मेघराज शर्मा ने कहा कि निर्धारित कंडक्ट रूल्स में कर्मचारियों का व्यवहार, अपना कार्य ईमानदारी से करना, सेवा के दौरान ऑफिस, घर व समाज में किस प्रकार का जीवन व्यतीत करना शामिल है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से बनाए गए सेवा नियमों के मापदंड के अनुसार ही कर्मचारी को कार्य करना होता है। उन्होंने सेवा नियमों में कोताही बरतने पर सजा एवं नियमों के बारे व नैतिकता के आचरण नियमों को भी परिभाषित किया रिफ्रेशर कोर्स के नोडल ऑफिसर डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि रिफ्रेशर कोर्स का उद्देश्य विभिन्न विभागीय कार्यों में कर्मचारियों को सशक्त एवं सक्षम बनाना है। आयोजन में कोर्स कोऑर्डिनेटर उपाधीक्षक कृष्ण पांडे व सुनील कुमार ने सहयोग किया।
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के फैकल्टी लॉज में चल रहे स्टेनो के लिए रिफ्रेशर कोर्स के चौथे दिन मुख्य वक्ता पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. एएन मनोचा ने सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण हथियार है।
उन्होंने बताया यह कानून नागरिक को जानने का अधिकार या सूचना लेने के अधिकार का हक देता है। कोई भी व्यक्ति प्रथम अपील डाक या व्यक्तिगत रूप से संबंधित कार्यालय में जाकर जमा करवा सकता है। प्रथम अपील के साथ आरटीआई आवेदन, लोक सूचना अधिकारी की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचना (यदि उपलब्ध कराई गई है तो) एवं आरटीआई आवेदन के साथ दिए गए शुल्क की रसीद आदि की फोटोकॉपी लगी होनी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार भारत जैसे बड़े लोकतंत्रों को मजबूत करने और उनके नागरिक केंद्रित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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वहीं पहले सत्र के मुख्य वक्ता विजिलेंस विभाग से सेवानिवृत्त ऑफिसर मेघराज शर्मा ने कहा कि निर्धारित कंडक्ट रूल्स में कर्मचारियों का व्यवहार, अपना कार्य ईमानदारी से करना, सेवा के दौरान ऑफिस, घर व समाज में किस प्रकार का जीवन व्यतीत करना शामिल है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से बनाए गए सेवा नियमों के मापदंड के अनुसार ही कर्मचारी को कार्य करना होता है। उन्होंने सेवा नियमों में कोताही बरतने पर सजा एवं नियमों के बारे व नैतिकता के आचरण नियमों को भी परिभाषित किया रिफ्रेशर कोर्स के नोडल ऑफिसर डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि रिफ्रेशर कोर्स का उद्देश्य विभिन्न विभागीय कार्यों में कर्मचारियों को सशक्त एवं सक्षम बनाना है। आयोजन में कोर्स कोऑर्डिनेटर उपाधीक्षक कृष्ण पांडे व सुनील कुमार ने सहयोग किया।
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