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अल्जाइमर रोग के मामलों में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर
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अगर कोई व्यक्ति हमेशा रहता है चिड़चिड़ेपन का शिकार और भूलने की बीमारी से परेशान हैं तो हो सकते हैं अल्जाइमर बीमारी से ग्रस्त हो। यह कहना है लोकनायक जयप्रकाश जिला नागरिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक और हृदय एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली का। विश्व अल्जाइमर दिवस की पूर्व संध्या पर विशेष बातचीत में डॉ. ममगाईं ने बताया इस दिमागी बीमारी में धीरे-धीरे याददाश्त और सोचने की शक्ति कम होती जाती है।
यह दिन खास तौर पर अल्जाइमर से पीड़ित रोगियों के लिए और साथ ही जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है, ताकि लोगों को इस बीमारी के बारे में और कई जानकारियां मिल सकें। एक शोध के मुताबिक कुल जनसंख्या के 1 से 2 प्रतिशत लोगों में उम्र के लोगों में अल्जाइमर बीमारी देखने को मिलती है और पुरुषों की तुलना में यह बीमारी महिलाओं को ज्यादा चपेट में लेती है। भारत अल्जाइमर रोग के मामलों में दुनिया भर में तीसरे नंबर पर है। इस बीमारी का शिकार कोई भी हो सकता है, लेकिन 60 साल से ज्यादा उम्र के लोग ज्यादातर इसकी चपेट में आते हैं, हालांकि अब 40 और इससे कम उम्र के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
अल्जाइमर रोग के लक्षणों की चर्चा करते हुए डॉ. शैली ने बताया इसमें व्यक्ति खाना-खाना, पानी-पीना जैसे छोटी चीजें भी भूल जाता है और यहां तक अपने परिजनों और रिश्तेदारों को पहचानना बंद कर देता है। इसके अलावा किसी भी चीज का नाम याद रखने में दिक्कत होना, परिजनों को भूल जाना, हर वक्त चिड़चिड़ापन महसूस करना, निर्णय न ले पाना, वित्तीय मामलों का बेहतर प्रबंधन न कर पाना, काम में मन न लगना उल्टे-सीधे कपड़े पहनना, नींद न आना, सवालों को बार-बार दोहराना, निर्णय करने में अक्षमता महसूस करना और बोलने में दिक्कत आना शामिल है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी का मुख्य कारण दिमाग में मौजूद एक विशेष प्रकार की प्रोटीन की संरचना में गड़बड़ी है।
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यह दिन खास तौर पर अल्जाइमर से पीड़ित रोगियों के लिए और साथ ही जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है, ताकि लोगों को इस बीमारी के बारे में और कई जानकारियां मिल सकें। एक शोध के मुताबिक कुल जनसंख्या के 1 से 2 प्रतिशत लोगों में उम्र के लोगों में अल्जाइमर बीमारी देखने को मिलती है और पुरुषों की तुलना में यह बीमारी महिलाओं को ज्यादा चपेट में लेती है। भारत अल्जाइमर रोग के मामलों में दुनिया भर में तीसरे नंबर पर है। इस बीमारी का शिकार कोई भी हो सकता है, लेकिन 60 साल से ज्यादा उम्र के लोग ज्यादातर इसकी चपेट में आते हैं, हालांकि अब 40 और इससे कम उम्र के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
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अल्जाइमर रोग के लक्षणों की चर्चा करते हुए डॉ. शैली ने बताया इसमें व्यक्ति खाना-खाना, पानी-पीना जैसे छोटी चीजें भी भूल जाता है और यहां तक अपने परिजनों और रिश्तेदारों को पहचानना बंद कर देता है। इसके अलावा किसी भी चीज का नाम याद रखने में दिक्कत होना, परिजनों को भूल जाना, हर वक्त चिड़चिड़ापन महसूस करना, निर्णय न ले पाना, वित्तीय मामलों का बेहतर प्रबंधन न कर पाना, काम में मन न लगना उल्टे-सीधे कपड़े पहनना, नींद न आना, सवालों को बार-बार दोहराना, निर्णय करने में अक्षमता महसूस करना और बोलने में दिक्कत आना शामिल है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी का मुख्य कारण दिमाग में मौजूद एक विशेष प्रकार की प्रोटीन की संरचना में गड़बड़ी है।
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