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करोड़ों की आमदन, सफाई ठेका देने में बीते दो साल
कुरुक्षेत्र
Updated Thu, 06 Mar 2014 01:10 AM IST
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हरियाणा की सांस्कृतिक राजधानी कुरुक्षेत्र और सीएम सिटी रोहतक के रेलवे जंक्शनों सहित हरियाणा के फरीदाबाद और नांगलोई रेलवे स्टेशनों की सफाई का टेंडर पिछले डेढ़ साल से नहीं हुआ।
संभवत अगले तीन माह तक और इन स्टेशनों के सफाई के टेंडर ठंडे बस्ते में ही रहेंगे। आलम यह है कि इन चारों अहम रेलवे स्टेशनों की सफाई व्यवस्था को उधार के कर्मियों के कंधों पर ढोया जा रहा है। गौरतलब है कि करोड़ों रुपये के माल भाड़ा की आमदन से रेलवे बोर्ड को 12 करोड़ रुपये सालाना आमदन है।
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार इस स्टेशन का लाभ प्रतिदिन 11 हजार और सालाना 4015000 से अधिक यात्री कुरुक्षेत्र जंक्शन का लाभ उठाते हैं।
कुरुक्षेत्र रेलवे जंक्शन के अधीक्षक मंगलदास और रोहतक के एसएस बीएस मीणा मुताबिक अंतिम बार कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन के लिए सफाई के टेंडर वर्ष 2011 में छूटे थे। उस समय एक साल के लिए कुरुक्षेत्र जंक्शन की सफाई का ठेका पांच लाख रुपये में छूटा था।
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अब ये ठेका समाप्त हो चुका है। इसकी जानकारी दिल्ली में उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। दिल्ली मंडल के डिवीजनल कमर्शियल मैनेजर (डीसीएम) आनंद प्रकाश ने फोन पर बताया कि कुरुक्षेत्र, रोहतक, फरीदाबाद और नांगलोई में सफाई के टेंडर प्रक्रिया में है। उन्होंने माना कि उक्त स्टेशनों की सफाई का ठेका देने में काफी देर हो चुकी है।
यह है दावों की हकीकत
लोगों का कहना है कि कांग्रेस ने कुरुक्षेत्र को ये सौभाग्य तो दिया कि केंद्र में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व के लिए धर्मनगरी वासी दो नेताओं को जहां राज्यसभा भेजा, वहीं सांसद ईश्वर सिंह को रेलवे स्टैंडिंग कमेटी का सदस्य भी बनाया। इसके बावजूद वह अन्य स्टेशन तो दूर अपने गृहक्षेत्र कुरुक्षेत्र के रेलवे जंक्शन सफाई व्यवस्था कराने में विफल रहे हैं। हालांकि ईश्वर सिंह व कई उच्चाधिकारी पिछले डेढ़ वर्ष की अवधि में कई बार कुरुक्षेत्र जंक्शन एवं अन्य रेलवे स्टेशनों का औचक निरीक्षण करने के लिए दौरा कर चुके हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था जस की तस रही। कुछेक ट्रेनों का ठहराव तो हुआ, मगर सुविधाओं के मामले में ये स्टेशन आज भी खाली हाथ है।
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आज आएंगे कुरुक्षेत्र
संयोगवश वीरवार (6 मार्च 2014) को कुरुक्षेत्र जंक्शन का मुआयना करने के लिए रेलवे के महाप्रबंधक तथा उनके नेतृत्व में अन्य कई उच्चाधिकारी पहुंच रहे हैं। उनके आगमन से पहले स्टेशन पर युद्ध स्तर पर सफाई के इंतजाम होते नजर आए। यहां तक की बिजली के स्विच व पानी के नलों तक को केमिकल से साफ करने का अभियान चल रहा है। टायलेट की सफाई के लिए एसिड और फिनाइल के डिब्बे मंगवा लिए गए हैं। शायद उच्चाधिकारियों को ये तस्वीर दिखा कर रोजाना ऐसी व्यवस्था उन यात्रियों के लिए दिखाने का प्रयास होगा, जो रोजाना नाक बंद करके टायलेट में और स्टेशन के दूषित वातावरण से होकर गुजरते हैं।
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संभवत अगले तीन माह तक और इन स्टेशनों के सफाई के टेंडर ठंडे बस्ते में ही रहेंगे। आलम यह है कि इन चारों अहम रेलवे स्टेशनों की सफाई व्यवस्था को उधार के कर्मियों के कंधों पर ढोया जा रहा है। गौरतलब है कि करोड़ों रुपये के माल भाड़ा की आमदन से रेलवे बोर्ड को 12 करोड़ रुपये सालाना आमदन है।
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रेलवे के आंकड़ों के अनुसार इस स्टेशन का लाभ प्रतिदिन 11 हजार और सालाना 4015000 से अधिक यात्री कुरुक्षेत्र जंक्शन का लाभ उठाते हैं।
कुरुक्षेत्र रेलवे जंक्शन के अधीक्षक मंगलदास और रोहतक के एसएस बीएस मीणा मुताबिक अंतिम बार कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन के लिए सफाई के टेंडर वर्ष 2011 में छूटे थे। उस समय एक साल के लिए कुरुक्षेत्र जंक्शन की सफाई का ठेका पांच लाख रुपये में छूटा था।
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अब ये ठेका समाप्त हो चुका है। इसकी जानकारी दिल्ली में उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। दिल्ली मंडल के डिवीजनल कमर्शियल मैनेजर (डीसीएम) आनंद प्रकाश ने फोन पर बताया कि कुरुक्षेत्र, रोहतक, फरीदाबाद और नांगलोई में सफाई के टेंडर प्रक्रिया में है। उन्होंने माना कि उक्त स्टेशनों की सफाई का ठेका देने में काफी देर हो चुकी है।
यह है दावों की हकीकत
लोगों का कहना है कि कांग्रेस ने कुरुक्षेत्र को ये सौभाग्य तो दिया कि केंद्र में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व के लिए धर्मनगरी वासी दो नेताओं को जहां राज्यसभा भेजा, वहीं सांसद ईश्वर सिंह को रेलवे स्टैंडिंग कमेटी का सदस्य भी बनाया। इसके बावजूद वह अन्य स्टेशन तो दूर अपने गृहक्षेत्र कुरुक्षेत्र के रेलवे जंक्शन सफाई व्यवस्था कराने में विफल रहे हैं। हालांकि ईश्वर सिंह व कई उच्चाधिकारी पिछले डेढ़ वर्ष की अवधि में कई बार कुरुक्षेत्र जंक्शन एवं अन्य रेलवे स्टेशनों का औचक निरीक्षण करने के लिए दौरा कर चुके हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था जस की तस रही। कुछेक ट्रेनों का ठहराव तो हुआ, मगर सुविधाओं के मामले में ये स्टेशन आज भी खाली हाथ है।
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आज आएंगे कुरुक्षेत्र
संयोगवश वीरवार (6 मार्च 2014) को कुरुक्षेत्र जंक्शन का मुआयना करने के लिए रेलवे के महाप्रबंधक तथा उनके नेतृत्व में अन्य कई उच्चाधिकारी पहुंच रहे हैं। उनके आगमन से पहले स्टेशन पर युद्ध स्तर पर सफाई के इंतजाम होते नजर आए। यहां तक की बिजली के स्विच व पानी के नलों तक को केमिकल से साफ करने का अभियान चल रहा है। टायलेट की सफाई के लिए एसिड और फिनाइल के डिब्बे मंगवा लिए गए हैं। शायद उच्चाधिकारियों को ये तस्वीर दिखा कर रोजाना ऐसी व्यवस्था उन यात्रियों के लिए दिखाने का प्रयास होगा, जो रोजाना नाक बंद करके टायलेट में और स्टेशन के दूषित वातावरण से होकर गुजरते हैं।