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अवैध कब्जों से लगता जाम, जिम्मेदार अनजान
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शास्त्री मार्केट में सड़क पर सामान रख कर किया गया अतिक्रमण। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अधिकारियों की अनदेखी के कारण डेढ़ साल पहले अवैध कब्जों से मुक्त हुए शहर के बाजार और सड़कें फिर पूरी तरह अतिक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। फुटपाथों और सड़कों पर 15 से 20 फुट तक कब्जा जमा लिया गया है। इससे तकरीबन रोजाना ही जाम लगता है। जाम में फंसकर चार पहिया वाहन सवार ही नहीं दोपहिया वाहन सवार भी परेशान होते हैं।
थानेसर बाजार स्थित पुरानी सब्जी मंडी की करीब 70 फुट चौड़ी सड़क सिमट कर फिर से 25 से 35 फुट रह गई है। वहीं थानेसर बाजार में दुकान के सामान को सीमा में रखने के लिए लगाई गई पीली पट्टी भी पूरी तरह से गायब हो चुकी है। खास बात यह है कि नगर परिषद कार्यालय इसी बाजार में स्थित होने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। बाजार के अंदर व आसपास छह मोहल्ले, छह स्कूल, तीन बैंक, चार क्लीनिक व एक डाकखाना भी है। यहां दिनभर लोगों का आना जाना होता है। अतिक्रमण के कारण यहां जाम लग जाता है और वाहनों की कतार लग जाती है।
पिछले कई माह से नगर परिषद की ओर से अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान नहीं चलाया गया है। हालांकि हर माह सड़क सुरक्षा की बैठक में उपायुक्त सड़कों व बाजारों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए सख्त आदेश देते हैं। बैठकों में संबंधित अधिकारी कार्रवाई की बात कहकर निकल जाते हैं, लेकिन धरातल पर कुछ नजर नहीं आता। उपायुक्त मुकुल कुमार ने मंगलवार को भी सड़क सुरक्षा की बैठक में अधिकारियों को सभी सड़कें अतिक्रमण मुक्त करने के सख्त आदेश दिए हैं। फिलहाल अधिकारियों की अनदेखी के कारण हालात ऐसे हो गए हैं कि मंडी व बाजार में सारा दिन जाम लगा रहता है। व्यवस्था बनाए रखने के लिए यहां पुलिस तैनात रहती है। इसके बाद भी अतिक्रमण के कारण जाम लगता रहता है।
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तत्कालीन उपायुक्त ने हटवाए थे 30 साल पुराने कब्जे
थानेसर बाजार, मोहन नगर बाजार, रेलवे रोड, सलारपुर रोड, झांसा रोड, पुराना बाईपास, पिहोवा रोड, सेक्टर 13, 17 मार्केट व पिपली-थर्ड गेट रोड पर अतिक्रमण सबसे ज्यादा है। डेढ़ साल पहले तत्कालीन उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा के आदेश पर लगातार अतिक्रमण मुक्त करने का अभियान चलाया गया था। इस दौरान करीब डेढ़ माह में 30 साल से भी ज्यादा पुराने कब्जे सख्ती से हटवाए गए। राजनीतिक धौंस दिखाते हुए कई दुकानदारों ने इस कार्रवाई का विरोध भी किया, लेकिन अधिकारी पीछे नहीं हटे। कुछ माह बाद उपायुक्त का तबादला हो गया, जिसके बाद धीरे-धीरे स्थिति फिर से पहले जैसी हो गई।
दुकानों के आगे से पीली पट्टी हुई गायब
डेढ साल जब बाजार अतिक्रमण मुक्त हो गए थे तो दुकानदारों को चेतावनी देते हुए दुकानों के आगे एक पीली पट्टी लगाई थी। इस पीली पट्टी से आगे यदि कोई दुकानदार सामान रखता था तो नगर परिषद उसे जब्त कर लेती थी। धीरे-धीरे यह पट्टी धूमिल होकर गायब हो गई। सड़कों पर 20-20 फुट तक दुकानदारों ने अतिक्रमण कर लिया है।
सभी सड़कों को कराया जाएगा अतिक्रमण मुक्त : बलबीर
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर ने बताया बाजारों और सड़कों के किनारे से अतिक्रमण हटाने के लिए टीम गठित की जाएगी। एक-दो दिन में टीम पुलिस की सहायता से बाजार में जाकर कार्रवाई शुरू कर देगी। इससे पहले दुकानदारों को चेतावनी भी दी जाएगी। शहर की एक-एक सड़क को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा।
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कुरुक्षेत्र। अधिकारियों की अनदेखी के कारण डेढ़ साल पहले अवैध कब्जों से मुक्त हुए शहर के बाजार और सड़कें फिर पूरी तरह अतिक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। फुटपाथों और सड़कों पर 15 से 20 फुट तक कब्जा जमा लिया गया है। इससे तकरीबन रोजाना ही जाम लगता है। जाम में फंसकर चार पहिया वाहन सवार ही नहीं दोपहिया वाहन सवार भी परेशान होते हैं।
थानेसर बाजार स्थित पुरानी सब्जी मंडी की करीब 70 फुट चौड़ी सड़क सिमट कर फिर से 25 से 35 फुट रह गई है। वहीं थानेसर बाजार में दुकान के सामान को सीमा में रखने के लिए लगाई गई पीली पट्टी भी पूरी तरह से गायब हो चुकी है। खास बात यह है कि नगर परिषद कार्यालय इसी बाजार में स्थित होने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। बाजार के अंदर व आसपास छह मोहल्ले, छह स्कूल, तीन बैंक, चार क्लीनिक व एक डाकखाना भी है। यहां दिनभर लोगों का आना जाना होता है। अतिक्रमण के कारण यहां जाम लग जाता है और वाहनों की कतार लग जाती है।
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पिछले कई माह से नगर परिषद की ओर से अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान नहीं चलाया गया है। हालांकि हर माह सड़क सुरक्षा की बैठक में उपायुक्त सड़कों व बाजारों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए सख्त आदेश देते हैं। बैठकों में संबंधित अधिकारी कार्रवाई की बात कहकर निकल जाते हैं, लेकिन धरातल पर कुछ नजर नहीं आता। उपायुक्त मुकुल कुमार ने मंगलवार को भी सड़क सुरक्षा की बैठक में अधिकारियों को सभी सड़कें अतिक्रमण मुक्त करने के सख्त आदेश दिए हैं। फिलहाल अधिकारियों की अनदेखी के कारण हालात ऐसे हो गए हैं कि मंडी व बाजार में सारा दिन जाम लगा रहता है। व्यवस्था बनाए रखने के लिए यहां पुलिस तैनात रहती है। इसके बाद भी अतिक्रमण के कारण जाम लगता रहता है।
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तत्कालीन उपायुक्त ने हटवाए थे 30 साल पुराने कब्जे
थानेसर बाजार, मोहन नगर बाजार, रेलवे रोड, सलारपुर रोड, झांसा रोड, पुराना बाईपास, पिहोवा रोड, सेक्टर 13, 17 मार्केट व पिपली-थर्ड गेट रोड पर अतिक्रमण सबसे ज्यादा है। डेढ़ साल पहले तत्कालीन उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा के आदेश पर लगातार अतिक्रमण मुक्त करने का अभियान चलाया गया था। इस दौरान करीब डेढ़ माह में 30 साल से भी ज्यादा पुराने कब्जे सख्ती से हटवाए गए। राजनीतिक धौंस दिखाते हुए कई दुकानदारों ने इस कार्रवाई का विरोध भी किया, लेकिन अधिकारी पीछे नहीं हटे। कुछ माह बाद उपायुक्त का तबादला हो गया, जिसके बाद धीरे-धीरे स्थिति फिर से पहले जैसी हो गई।
दुकानों के आगे से पीली पट्टी हुई गायब
डेढ साल जब बाजार अतिक्रमण मुक्त हो गए थे तो दुकानदारों को चेतावनी देते हुए दुकानों के आगे एक पीली पट्टी लगाई थी। इस पीली पट्टी से आगे यदि कोई दुकानदार सामान रखता था तो नगर परिषद उसे जब्त कर लेती थी। धीरे-धीरे यह पट्टी धूमिल होकर गायब हो गई। सड़कों पर 20-20 फुट तक दुकानदारों ने अतिक्रमण कर लिया है।
सभी सड़कों को कराया जाएगा अतिक्रमण मुक्त : बलबीर
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बलबीर ने बताया बाजारों और सड़कों के किनारे से अतिक्रमण हटाने के लिए टीम गठित की जाएगी। एक-दो दिन में टीम पुलिस की सहायता से बाजार में जाकर कार्रवाई शुरू कर देगी। इससे पहले दुकानदारों को चेतावनी भी दी जाएगी। शहर की एक-एक सड़क को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा।

नगर परिषद के सामने वाली मार्केट में सड़क पर किया गया अतिक्रमण। संवाद- फोटो : Kurukshetra

नगर परिषद के सामने सड़क पर जाम में फंसे वाहन। संवाद- फोटो : Kurukshetra