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रोडवेज बसों के थमे पहिए तो यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 09 Sep 2022 02:00 AM IST
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If the wheels of roadways buses stop, then the problems of the passengers increased
सोनीपत में रोडवेज चालक की हत्या के विरोध में वीरवार को साझा मोर्चा के आह्वान पर रोडवेज कर्मियों ने बसों का चक्का जाम कर दिया। साथ ही डिपो में प्रदर्शन कर मृतक रोडवेज चालक के परिजनों को मुआवजा और एक नौकरी देने की मांग उठाई। यही नहीं घायलों के लिए भी मुआवजे की मांग की गई। दूसरी ओर बसों के चक्काजाम से बस यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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विदित हो कि साइड देने के लिए हुए विवाद के बाद थार जीप सवार युवक युवतियों ने रोडवेज बस चालक को जीप से कुचल दिया था। इस दौरान बस के चालक-परिचालक भी जख्मी हो गए थे। मामले में रोडवेज कर्मियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और मृतक तथा घायलों के परिजनों के लिए मुआवजे की मांग उठाई। लेकिन 24 घंटे बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आहत मृतक रोडवेज चालक के बेटे ने भी जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। इसके बाद गुस्साए रोडवेज कर्मियों ने वीरवार को सुबह रोडवेज का चक्काजाम कर दिया। जिले भर में रोडवेज बसों के पहिये थमने से बस यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अपने गंतव्य की ओर जाने के लिए उन्हें सहकारी बसों और निजी वाहनों का रुख करना पड़ा। साथ ही जान जोखिम में डालकर सहकारी बसों की छतों और खिड़की पर लटक कर सफर करना पड़ा। निजी वाहनों में परेशानी संग यात्रियों को जेब भी ढीली करनी पड़ी।
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दूसरी ओर कुरुक्षेत्र डिपो में किलोमीटर स्कीम की 16 बस समेत कुल 101 बसें है। वहीं पिहोवा सब डिपो में 42 बसें हैं, जिनका संचालन नहीं होने से विभाग को करीब आठ लाख रुपये की चपत लगी। रोडवेज यूनियनों का आरोप है कि विभाग के अधिकारियों ने चक्का जाम को फेल करने के किलोमीटर स्कीम की बसों को देर रात ही शहर के पंप पर खड़ा करा दिया था, ताकि सुबह आसानी से बसों को चलाया जा सके, मगर परिचालकों के हड़ताल में शामिल होने की वजह से अधिकतर बसें नहीं चलाई जा सकीं। विभाग के तीन सब इंस्पेक्टरों को परिचालक बनाकर तीन बसों का संचालन किया गया। इस दौरान यात्रियों को कागजों पर साइन करके मैनुअल टिकट दिए गए।
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कर्मचारियों ने कहा कि हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो उनका आंदोलन जारी रहेगा। इसके साथ ही मृतक चालक जगबीर सिंह के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा घायलों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गई। इस मौके पर प्रेम सिंह, राजेश गोयल, नरेंद्र पांचाल, राजबीर सैनी, राजेंद्र कुमार, गगनदीप, पवन कुमार, अरुण अत्री, जरनैल सिंह, ओम प्रकाश, सुलतान सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
बस अड्डे पर नहीं मिली कोई बस
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गांव ढकाला वासी जगदीश लाल ने बताया कि वह पोते का जन्म प्रमाण पत्र लेने के लिए सरकारी अस्पताल आया था। काम निपटाने के बाद घर जाने के लिए बस अड्डे आया तो अड्डे पर कोई बस नहीं थी। काफी देर बाद पता लगा कि हड़ताल चल रही और उसे बाहर से ही किसी वाहन में जाना होगा।
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ट्रेन में करना पड़ा सफर
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शेर सिंह ने बताया कि उसे अपनी बेटी को गांव सारसा छोड़कर वापस पानीपत जाना था, लेकिन पानीपत बस अड्डे पर पहुंचा तो उसे रोडवेज के चक्का जाम का पता चला। मजबूरन उसे ट्रेन मेें सफर करना पड़ा। अब उसे एक दिन गांव में ही रुकना पड़ेगा।
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करता रहा इंतजार बस का इंतजार
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बिहार वासी शंकर ने बताया कि वह कैथल अनाज मंडी में काम करता है। वह बिहार से ट्रेन में सफर करके कुरुक्षेत्र आया था। बस अड्डे पर वह बस का इंतजार करता रहा, मगर उसे कोई बस नहीं मिली। एक-डेढ़ घंटे बाद उसे पता चला कि हड़ताल के कारण रोडवेज बस सेवा बंद है।
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ऑटो में करना पड़ा सफर
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ग्वालियर वासी रवि ने बताया कि रोडवेज की हड़ताल के कारण बाहर काफी भीड़ थी। सहकारी बसों में पैर रखने तक की भी जगह नहीं मिली। मजबूरन उसे ऑटो में बस के मुकाबले दोगुना किराया देकर सफर करना पड़ा।

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चक्काजाम में शामिल कर्मियों की रिपोर्ट होगी तैयार
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रोडवेज महाप्रबंधक अशोक मुंजाल ने बताया कि सुबह साढ़े तीन बजे तक रोडवेज की 57 बसें चलाई गईं। इसके बावजूद हड़ताल से रोडवेज को लाखों का नुकसान हुआ है। यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। चक्का जाम में शामिल कर्मियों की रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। जैसे आदेश प्राप्त होंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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