{"_id":"646930aef4af32a4a8088a94","slug":"hsgpc-will-prepare-details-of-land-and-property-of-gurudwaras-across-the-state-kurukshetra-news-c-18-1-127702-2023-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: प्रदेश भर के गुरुद्वारों की जमीन और जायदाद का विवरण तैयार करेगी एचएसजीपीसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: प्रदेश भर के गुरुद्वारों की जमीन और जायदाद का विवरण तैयार करेगी एचएसजीपीसी
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। प्रदेश भर में किस गुरुघर के नाम कितनी जमीन व अन्य जायदाद है, इसका सारा खाका तैयार किया जाएगा। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने इसके लिए योजना तैयार की है। इसमें वर्ष 1966 के बाद से प्रदेश के सभी गुरुघरों को शामिल किया जाएगा। खास बात यह है कि कमेटी ने यह निर्णय दो दिन पहले ही गुरविंद्र सिंह धमीजा को हटाए जाने के बाद महासचिव पद पर नवनियुक्त किए गए मोहनजीत सिंह के सुझाव पर यह कदम उठाया जा रहा है।
कमेटी के प्रधान बाबा कर्मजीत सिंह ने बताया कि काफी विचार-विमर्श के बाद इस योजना को अमलीजामा पहनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि पंजाब से अलग होने के बाद से साल 2022-23 तक प्रदेश के प्रत्येक गुरुद्वारा साहिब की पूरी जमीन, दुकानें या फिर किसी भी प्रकार की अन्य जायदाद की जानकारी हासिल की जाएगी, जो कि प्रति वर्ष के हिसाब से होगी।
इसमें विशेष रूप से प्रति वर्ष गुरुद्वारा साहिबान की जमीन में बढ़ोत्तरी या फिर कमी अथवा जमीन या जायदाद पर कब्जे का जिक्र शामिल होगा। इसके लिए बाकायदा एक जायदाद सब कमेटी गठित की जाएगी, जो कि 38 सदस्यों पर आधारित होगी। यह सब कमेटी जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए पूरी जानकारी कार्यकारिणी समिति के समक्ष रखेगी, जिसके बाद अगला कदम उठाया जाएगा। महंत ने बताया कि इस कार्य के लिए योग्यता के आधार पर कर्मचारियों की एक टीम भी बनाई जाएगी, जो कि नियमानुसार प्रत्येक बिंदु पर नजर रखेगी और इससे संबंधित एक-एक बिंदु की जानकारी उच्चाधिकारियों एवं मैंबर साहिबान को देगी। इस दौरान प्रधान साहिब के साथ कनिष्ठ उपप्रधान बाबा गुरमीत सिंह तिलोकवाला, महासचिव मोहनजीत सिंह, कार्यकारिणी मैंबर गुरबख्श सिंह खालसा, जसवंत सिंह दुनियामाजरा, साहिब सिंह, दीदार सिंह नलवी व अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कमेटी के प्रधान बाबा कर्मजीत सिंह ने बताया कि काफी विचार-विमर्श के बाद इस योजना को अमलीजामा पहनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि पंजाब से अलग होने के बाद से साल 2022-23 तक प्रदेश के प्रत्येक गुरुद्वारा साहिब की पूरी जमीन, दुकानें या फिर किसी भी प्रकार की अन्य जायदाद की जानकारी हासिल की जाएगी, जो कि प्रति वर्ष के हिसाब से होगी।
विज्ञापन
इसमें विशेष रूप से प्रति वर्ष गुरुद्वारा साहिबान की जमीन में बढ़ोत्तरी या फिर कमी अथवा जमीन या जायदाद पर कब्जे का जिक्र शामिल होगा। इसके लिए बाकायदा एक जायदाद सब कमेटी गठित की जाएगी, जो कि 38 सदस्यों पर आधारित होगी। यह सब कमेटी जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए पूरी जानकारी कार्यकारिणी समिति के समक्ष रखेगी, जिसके बाद अगला कदम उठाया जाएगा। महंत ने बताया कि इस कार्य के लिए योग्यता के आधार पर कर्मचारियों की एक टीम भी बनाई जाएगी, जो कि नियमानुसार प्रत्येक बिंदु पर नजर रखेगी और इससे संबंधित एक-एक बिंदु की जानकारी उच्चाधिकारियों एवं मैंबर साहिबान को देगी। इस दौरान प्रधान साहिब के साथ कनिष्ठ उपप्रधान बाबा गुरमीत सिंह तिलोकवाला, महासचिव मोहनजीत सिंह, कार्यकारिणी मैंबर गुरबख्श सिंह खालसा, जसवंत सिंह दुनियामाजरा, साहिब सिंह, दीदार सिंह नलवी व अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन