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एचएसजीएमसी हुई आक्रामक, एसजीपीसी के तेवर कायम

Sun, 03 Aug 2014 12:22 AM IST
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र Updated Sun, 03 Aug 2014 12:22 AM IST
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hsgmc was aggressive, sustained posturing of SGPC
एचएसजीएमसी आक्रामक तेवर और एसजीपीसी के बीच के हालात को भांपते हुए प्रशासन मध्यस्थ की भूमिका में आ चुका है।
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जाहिर है कि जबरन गुरुघर में प्रवेश और प्रबंध संभालने के प्रयासों से कुरुक्षेत्र में नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा में हालात बिगड़ने की आशंका है।

सरकार और प्रशासन मामले में काफी सूझबूझ के साथ अंजाम दे रहा है। क्योंकि विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और विपरीत हालात में कुछ भी हो सकता है।

अभी बादल साहेब को नहीं बताया
आज हुई कार्रवाई के दौरान जहां हरियाणा सरकार और उच्चाधिकारियों तक पूरे घटनाक्रम की मिनट टू मिनट रिपोर्ट पहुंचाई जा रही थी।

वहीं एसजीपीसी अमृतसर के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ का कहना है कि उन्होंने अभी कुरुक्षेत्र में हुए घटनाक्रम की जानकारी पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल को नहीं दी।

बता दें कि एचएसजीएमसी के नेताओं के मुख्य निशाने पर बादल हैं और शनिवार की घटना के दौरान उन्हीं के खिलाफ सबसे ज्यादा नारेबाजी हुई।

सितंबर 2008 के अब गुरुघर की ओर
17 सितंबर 2008 में पहली बार हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुघर छठी पातशाही पर कब्जे का प्रयास किया था।

हालांकि तब झींडा, नलवी और दूसरे नेता गुरुद्वारे में प्रवेश करने में सफल हो गए थे। लेकिन शनिवार को कानूनी रूप से कमेटी बनने के बावजूद वे गुरुघर में प्रवेश करने में विफल रहे।
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हुड्डा की शह पर हो रहा है कब्जा : चंदूमाजरा
पंजाब के सांसद प्रोफेसर प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने घटना पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर आरोप लगाया कि यह कब्जा उन्हीं की शह पर हो रहा है। लेकिन किसी भी सूरत में कब्जा नहीं होने देंगे। गौरतलब है कि जिला प्रशासन के कुछ अधिकारी चंदूमाजरा से भी मिले।
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झींडा-नलवी की बेचारगी सामने आई
हरियाणा की अलग कमेटी के समर्थक शनिवार को सैकड़ों की संख्या में जुटे। प्रबंध अपने हाथ में लेने की हुंकार भरते रहे। लेकिन झींडा-नलवी इसके हक में नहीं थे।

उन्होंने गुप्त बैठक में कहा कि जबतक 5000 सिख संगत नहीं जुटेगी, गुरुद्वारे का प्रबंध लेना मुमकिन नहीं है। उनकी बात को खारिज करते हुए मौके पर मौजूद सिख संगत तुरंत कब्जा लेने के लिए कूच कर गई।

क्योंकि इन्हें महासचिव जोगा सिंह, अपार सिंह और अन्य कुछ नेताओं का भी समर्थन मिल गया। आखिरकार बेचारगी के साथ झींडा नलवी दोनों एक ओर खड़े दिखे और बाद में मौके पर मौजूद संगत के बीच जाकर बैठे।


गुरुद्वारे में बना कंट्रोल रूम
छठी पातशाही गुरुद्वारे और दरबार साहेब में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से स्थापित कंट्रोल रूम में एसजीपीसी के पदाधिकारी नजर रखे हैं।

एसजीपीसी के पदाधिकारियों को सूचनाएं मिल रही थी कि एचएसजीएमसी से जुड़े कुछ लोग गुरुद्वारे में चहल कदमी कर रहे हैं। इधर, पिछले कई दिनों से छठी पातशाही में तैनात हथियारबंद जत्थों की संख्या शनिवार को रोजाना से अधिक दिखी।
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