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Kurukshetra News: बिना पोषण के खिलाड़ी कैसे बनेंगे पदक विजेता
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कुरुक्षेत्र। जिले की खेल नर्सरियों में तैयारी कर रहे डेढ़ हजार से ज्यादा खिलाड़ी पदक विजेता आखिर कैसे बनेंगे, जब उनको पोषण ही नहीं दिया जा रहा है। इन खिलाड़ियों को जून माह से डाइट के लिए मिलने वाली राशि उनके खाते में आने का इंतजार है। हालांकि जिला खेल अधिकारी नर्सरी के खिलाड़ियों के खाते, हाजिरी व अन्य अपडेट न होने के कारण राशि न आने का दावा कर रहे हैं, मगर खिलाड़ियों के साथ-साथ नर्सरी के कई कोच वेतन भी अटका हुआ है।
दरअसल, खेल विभाग की तरफ से नर्सरी में सुबह-शाम की 42 हाजिरी पूरी होने पर नौ से 14 वर्ष तक के खिलाड़ियों को डेढ़ हजार रुपये महीना डाइट के लिए उनके खाते में डाले जाते हैं। इसी तरह 15 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को दो हजार की राशि दी जाती है, मगर पिछले छह माह से उनका डाइट का रुपया नहीं डाला गया है। खिलाड़ी अपने स्तर पर डाइट का इंतजाम कर रहे हैं, मगर आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ी बेबस हो रहे हैं।
विभाग की ओर से कम आयु के बच्चों को तैयार करने के लिए और खेलों के प्रति आकर्षित करने के लिए खेल विभाग की तरफ से खेल नर्सरी खोली गई है। प्रत्येक खेल नर्सरी में 25 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। इस जिले में 70 नर्सरियां चलाई जा रही हैं, जिसमें 28 नर्सरियां सरकारी स्तर पर चल रही है, जबकि 42 नर्सरियां निजी व सरकारी स्कूल संचालक समेत संस्थान की ओर से चलाई जा रही है। इनमें नर्सरियों में करीब 1,750 खिलाड़ी विभिन्न खेल का अभ्यास कर रहे हैं।
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कोच भी वेतन के लिए तरसे
उधर, कई महीनों से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने वाले कोच को भी वेतन अटका हुआ है। विभाग की ओर से एक साल का डिप्लोमा वाले कोच को 25 हजार रुपये और सर्टिफिकेट वाले कोच को 20 हजार रुपये मासिक दिए जाते हैं, मगर उनका भी वेतन फंसा हुआ है।
खिलाड़ी अपना खाता नहीं कर रहे होंगे अपडेट : मनोज कुमार
जिला खेल अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि खिलाड़ी अपना बैंक खाता, हाजिरी और अन्य जानकारी अपडेट नहीं कर रहे होंगे। इसलिए उनके डाइट की राशि नहीं आ रही होगी। अगर सब कुछ ठीक है और राशि नहीं आ रही तो मामले की जांच कराएंगे। साथ ही उच्च अधिकारियों की जानकारी में मामला लाया जाएगा।
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दरअसल, खेल विभाग की तरफ से नर्सरी में सुबह-शाम की 42 हाजिरी पूरी होने पर नौ से 14 वर्ष तक के खिलाड़ियों को डेढ़ हजार रुपये महीना डाइट के लिए उनके खाते में डाले जाते हैं। इसी तरह 15 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को दो हजार की राशि दी जाती है, मगर पिछले छह माह से उनका डाइट का रुपया नहीं डाला गया है। खिलाड़ी अपने स्तर पर डाइट का इंतजाम कर रहे हैं, मगर आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ी बेबस हो रहे हैं।
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विभाग की ओर से कम आयु के बच्चों को तैयार करने के लिए और खेलों के प्रति आकर्षित करने के लिए खेल विभाग की तरफ से खेल नर्सरी खोली गई है। प्रत्येक खेल नर्सरी में 25 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। इस जिले में 70 नर्सरियां चलाई जा रही हैं, जिसमें 28 नर्सरियां सरकारी स्तर पर चल रही है, जबकि 42 नर्सरियां निजी व सरकारी स्कूल संचालक समेत संस्थान की ओर से चलाई जा रही है। इनमें नर्सरियों में करीब 1,750 खिलाड़ी विभिन्न खेल का अभ्यास कर रहे हैं।
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कोच भी वेतन के लिए तरसे
उधर, कई महीनों से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने वाले कोच को भी वेतन अटका हुआ है। विभाग की ओर से एक साल का डिप्लोमा वाले कोच को 25 हजार रुपये और सर्टिफिकेट वाले कोच को 20 हजार रुपये मासिक दिए जाते हैं, मगर उनका भी वेतन फंसा हुआ है।
खिलाड़ी अपना खाता नहीं कर रहे होंगे अपडेट : मनोज कुमार
जिला खेल अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि खिलाड़ी अपना बैंक खाता, हाजिरी और अन्य जानकारी अपडेट नहीं कर रहे होंगे। इसलिए उनके डाइट की राशि नहीं आ रही होगी। अगर सब कुछ ठीक है और राशि नहीं आ रही तो मामले की जांच कराएंगे। साथ ही उच्च अधिकारियों की जानकारी में मामला लाया जाएगा।