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शर्मनाक : वृद्धा को स्ट्रेचर पर लेकर अस्पताल परिसर के बाहर घास-फूस में छोड़ा
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
Updated Sun, 16 Oct 2016 12:33 AM IST
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वृद्ध्ाा काो अस्पताल परिसर के बाहर घास-फूस में छोड़ा
- फोटो : अमर उजाला
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कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश नागरिक अस्पताल में शनिवार सुबह के समय ही मानवता को तार-तार करने वाली घटना हुई। अस्पताल के कर्मचारियों ने एक बुजुर्ग बीमार महिला को अस्पताल परिसर के बाहर मोर्चरी हाउस के समीप घास-फूस में सड़क किनारे छोड़ दिया और महिला काफी देर तक वहीं पड़ी चिल्लाती रही। जब ये बात मीडिया में फैली तो आननफानन में महिला को अस्पताल प्रशासन ने उठाया और उसे नहलाकर इलाज भी शुरू किया।
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बताया जा रहा है कि कमरा नंबर-12 के बाहर बने पोर्च में महिला बैठी थी। मानसिक रूप से परेशान होने कारण उसने वहीं पर शौच कर दी। इसके बाद वहां पर मौजूद एक स्टाफ नर्स ने सफाई कर्मचारियों को कहा की इसे बाहर ले जाओ। जिसके बाद सफाई कर्मचारियों ने महिला को स्ट्रैचर पर लेकर मोर्चरी हाउस के समीप अस्पताल परिसर से बाहर सड़क किनारे घास-फूस में छोड़ दिया। तभी मीडिया कर्मियों की नजर उस पर पड़ी तो मामले की चर्चा हुई। इसके बाद अस्पताल प्रशासन में अफरातफरी मच गई। आननफानन में बुजुर्ग महिला को दोबारा अस्पताल में लाया गया जहां पहले उसे नहलाया गया और फिर उसे पानी व चाय भी पिलाई गई, जिसके साथ उसका इलाज शुरू किया गया।
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जिसने सुना उसी ने अस्पताल प्रशासन को कोसा
महिला को बाहर लावारिस हालात में इस कदर छोड़ देने की सूचना जिस किसी भी व्यक्ति ने सूनी, उसी ने अस्पताल प्रशासन को कोसा। शहरवासी अमित, प्रदीप, सुखबीर सिंह सहित कई अन्य लोगों का कहना था कि यह मानवीयता के खिलाफ है। जहां अस्पताल में जिंदगी बचाई जाती है और लोग उसी उम्मीद से यहां आते है वहीं एक बुजुर्ग महिला के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जाना शर्मसार कर देता है।
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स्टाफ नर्स पर गिरी गाज, डेपुटेशन पर भेजा, जांच शुरू
अस्पताल पोर्च से महिला को उठाकर बाहर कर देने के मामले की गाज एक स्टाफ नर्स पर गिर गई। उसे डेपुटेशन पर पिहोवा भेज दिया गया और सीएमओ ने मामले की जांच के आदेश भी दे दिए। स्टाफ नर्स को इस मामले में डेपुटेशन पर भेजे जाने व जांच किए जाने की पुष्टि अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. मुकेश ने की है।
9 अक्तूबर को दाखिल करवाया गया था महिला को
अस्पताल प्रशासन के अनुसार उक्त महिला को किसी व्यक्ति ने अज्ञात महिला केे तौर पर 9 अक्तूबर को अस्पताल में दाखिल करवाया था। उस दौरान उसे बुखार था। वह 11 अक्तूबर तक अस्पताल में दाखिल रही। इसके बाद वह अस्पताल से चली गई। इससे पहले भी वह कई बार अस्पताल से दवा लेकर जाती रही।
यूपी के खतौली की रहने वाली है महिला : डॉ. मुकेश
अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. मुकेश का कहना है कि इस महिला को कब अस्पताल पोर्च से बाहर कर दिया गया, यह उन्हें पता नहीं चल पाया। लेकिन किसी ने उन्हें फोन कर मामला बताया तो उन्होंने तत्काल ही कर्मचारियों को उसे वापस अस्पताल में लाने के आदेेश दिए और उसे नहलाकर पानी व चाय भी पिलाई। महिला अब स्वस्थ लग रही है लेकिन उसे मानसिक परेशानी की आशंका है। जिसके चलते वह अपने बारे में सही जानकारी भी नहीं दे पा रही।
उसने अपना नाम बाला देवी देवी बताया जबकि वह ओमवीर का नाम भी ले रही है, जो शायद उनका पति है। उसने अपना पता यूपी का खतौली गांव बताया है। जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना भेज दी है। अब पुलिस दी जानकारी के अनुसार मामले की जांच करेगी। डॉ. मुकेश ने माना कि महिला को अस्पताल परिसर में बाहर नहीं फेंक सकते, यह बड़ी गलती थी। पूरा मामला सीएमओ के संज्ञान में लाया गया है, जिसके बाद आरोपी स्टाफ नर्स को पिहोवा अस्पताल भेज दिया तो जांच भी शुरू कर दी।