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हार्दिक प्रसन्नता देने वाला त्योहार है होली : अनिल शास्त्री

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 20 Mar 2022 01:48 AM IST
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Holi is a festival of heartfelt happiness: Anil Shastri, Kurukshetra
केयू में भागवत कथा को विराम देते कथावाचक अनिल शास्त्री। संवाद - फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के नॉन टीचिंग क्लब में भागवत कथा के पूर्ण विराम अवसर पर होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। भागवत कथा में सभी लोगों ने खूब झूम नाचे और एक-दूसरे को गुलाल लगाने के साथ-साथ फूलों की वर्षा का आनंद उठाया। कथावाचक अनिल शास्त्री ने होली को हार्दिक प्रसन्नता देने वाला त्योहार बताया।
उन्होंने कहा कि होली पर्व में रंगों का आना ईश्वर की एक मान्यता पर आधारित है। होली का त्योहार भगवान श्री कृष्ण के समय से शुरू हुआ भगवान कृष्ण प्रेम के प्रतीक माने जाते हैं। श्री कृष्ण मथुरा में रंगों के साथ होली मनाते थे और उसके बाद सही होली का त्योहार रंगों के त्योहार के रूप में मनाए जाने की प्रथा शुरू हो गई भगवान श्री कृष्ण वृंदावन और गोकुल में अपने दोस्तों के साथ होली खेलते थे। बताया कि धीरे-धीरे समस्त विश्व में सामुदायिक कार्यक्रम का रूप ले लिया है।
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कथावाचक शास्त्री ने बताया कि फाल्गुन का माह आते ही होली और रंगों का त्योहार सभी के मन को अपनी और आकर्षित करने लगता है, लेकिन क्या कभी आपने सोचा है, की होली जिसे रंगों का त्योहार के रूप में जाना जाता है, इसमें रंगों को खेलने की प्रथा कहां से शुरू हुई ? होली कितने दिन का त्यौहार है ? भारत में कई अन्य त्योहार की तरह, होली भी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। होली एक दिन का त्यौहार नहीं है यह तीन दिनों तक मनाया जाता है।
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पहले दिन होलिका को जलाया जाता है, जिसे होलिका दहन कहते है। एक दिन होलिका की प्रतिमाएं जलाई जाती हैं और लोग होलिका और प्रहलाद की कहानी को याद करने के लिए अलाव जलाते हैं एवं श्रीमद् भागवत महापुराण में होलिका एवं प्रहलाद के संदर्भ में बहुत विस्तार पूर्वक चर्चा की गई है। दूसरे दिन लोग एक दूसरे को रंग अबीर लगाते हैं, जिसे धुलीवंदन कहा जाता है। इस अवसर पर डॉ. आनंद दुबे, रेखा दुबे, डॉ. शालिनी गुप्ता, रानी देवी, हरि सिंह, मनीष खुराना, वेद शर्मा, सरिता शर्मा, डॉ. शालिनी, डॉ. कुमार आनंद, मीरा सिंह, राज पाल सिवाच, सुनील, विवेक शर्मा, सोनिया शर्मा, डॉ. पीसी तिवारी, डॉ. अमित कुमार आदि मौजूद रहे।
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