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Kurukshetra News: श्रीलंका में बढ़ रही हिंदी की पहुंच, केयू में आज होगा अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2026 03:19 AM IST
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Hindi's reach expanding in Sri Lanka; international lecture to be held at KU today.
कुरुक्षेत्र। सुभाषिनी रत्नायका ।
कुरुक्षेत्र। श्रीलंका में हिंदी का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वहां 12 विश्वविद्यालयों में हिंदी की पढ़ाई हो रही है, जबकि करीब 1500 स्कूलों में से 500 स्कूलों में हिंदी को वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल किया जा चुका है। विश्वविद्यालय स्तर पर हिंदी में डिग्री पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। श्रीलंका में हिंदी की इसी बढ़ती स्वीकार्यता, उसके विकास और चुनौतियों पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में आज अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान आयोजित होगा।
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हिंदी विभाग के गणपति चंद्र गुप्त हॉल में सुबह 10 बजे होने वाले व्याख्यान का विषय श्रीलंका में हिंदी का विकास और चुनौतियां रखा गया है। इसमें श्रीलंका की हिंदी विदुषी एवं शिक्षाविद् सुभाषिनी रत्नायका मुख्य वक्ता होंगी। वह श्रीलंका में हिंदी के इतिहास, शिक्षण व्यवस्था, सांस्कृतिक प्रभाव और वर्तमान समय में इसके सामने मौजूद चुनौतियों पर विस्तार से अपने विचार रखेंगी।
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श्रीलंका में हिंदी के प्रसार में भारतीय संस्कृति और हिंदी फिल्मों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। केलानिया यूनिवर्सिटी में हिंदी डिग्री कोर्स के रूप में पढ़ाई जा रही है, जबकि मोराटुवा यूनिवर्सिटी में वर्ष 2013 के बाद हिंदी शिक्षण शुरू हुआ। रत्नायका लंबे समय से हिंदी भाषा, अनुवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से जुड़ी हैं तथा यूनिवर्सिटी ऑफ केलानिया में स्टूडेंट काउंसलर और मोराटुवा यूनिवर्सिटी में विजिटिंग लेक्चरर के रूप में कार्यरत हैं।
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विभागाध्यक्ष प्रो. महासिंह पूनिया ने किया आह्वान

हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि हिंदी विभाग समय-समय पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के व्याख्यान एवं शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करता है, ताकि विद्यार्थियों और शोधार्थियों को हिंदी के वैश्विक स्वरूप तथा अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य को समझने का अवसर मिल सके। उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और हिंदी प्रेमियों से व्याख्यान में अधिकाधिक संख्या में भाग लेने की अपील की।
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