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आदर्श गांव तंगौर में 550 एकड़ भूमि में खड़ी धान और मक्का की फसलें नष्ट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 21 Aug 2020 11:36 PM IST
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heavy rain in kurukshetra
रोजाना हो रही मूसलाधार बारिश ने जहां किसानों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है, वहीं शाहाबाद व इस्माईलाबाद के बाशिंदों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली रही। मारकंडा नदी में लगातार बढ़ते जलस्तर से किसानों एवं ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। शुक्रवार सुबह थानेसर में 24 एमएम, शाहाबाद में 17, इस्माईलाबाद में 7, लाडवा में 12, बाबैन में 50 और पिहोवा में 10 एमएम बारिश दर्ज की गई।
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उधर, शाहाबाद खंड का 6 हजार की आबादी वाला अधिकारिक रूप से घोषित आदर्श गांव तंगौर बाढ़ की चपेट में हैं। गांव के पूर्व सरपंच अनिल राणा तंगौर ने आज यहां जानकारी दी है कि अनुमानित 550 एकड़ भूमि जलमग्र है तथा इसमें खड़ी धान, मक्का, पशुचारा गन्ना की फसल बर्बाद हो गई है। कहा कि दुख इस बात का है कि कोई अधिकारी ग्रामीणों की सुध लेने नहीं पहुंचा है। शाहाबाद तंगौर मुख्य सड़क जलमग्र है, पशुचारा खत्म हो गया है और गांव में पशुचारे का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने आश्चर्य के साथ कहा कि बाढ़ की रोकथाम के लिए मानसून से पूर्व कोई उपाय नहीं किए गए थे। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि फसलों की विशेष गिरदावरी के शीघ्र निर्देश दिए जाएं तथा पीड़ित किसानों को क्षतिग्रस्त फसलों का मुआवजा दिया जाए एवं बाढ़ के पानी से भरे खेतों में जलनिकासी के उपाय किए जाएं। स्थिति यह है कि गांव में प्रवेश होने के मार्ग भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। उल्लेखनीय है कि यह गांव पूर्व सांसद व पूर्व मंत्री तथा एच.पी.सी.सी. के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. रामप्रकाश का पैतृक गांव है जिस कारण इसका महत्व माना जाता है
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मारकंडा नदी जल स्तर हाई फ्लड निशान से ऊपर, किसानों व डेरावासियों में भय की स्थिति
पहाड़ी क्षेत्र में हुई बरसात के कारण मारकंडा नदी का जल स्तर खतरे के निशान के ऊपर चल रहा है। शुक्रवार सुबह जहां मारकंडा नदी में 10 हजार क्यूसेक पानी बह रहा था, वहीं सायं 6 बजे की रीडिंग के अनुसार मारकंडा नदी में जल स्तर बढ़कर 10124 क्यूसिक हो गया था। जो कि हाई फ्लड के निशान के ऊपर चला गया था। मारकंडा नदी का जल नदी के तटबंधों को छू कर चल रहा है, जिसके चलते मारकंडा नदी के तटबंधों पर बसे डेरावासियों व किसानों में बाढ़ के डर से भय की स्थिति बनी हुई है। गांव झांसा में तैनात गेज रीडर योगेश कुमार के अनुसार सायं 6 बजे की रीडिंग के अनुसार जहां झांसा में जल स्तर बढने का समाचार है। वहीं काला अम्बा में जल स्तर घटने के सूचना है। जो क्षेत्र के लिए राहत की खबर है। बताया कि सायं 6 बजे की रीडिंग के अनुसार मारकंडा नदी में काला आम में 1032 क्यूसिक पानी, मुलाना में 10665 क्यूसेक पानी, शाहाबाद में 6326 क्यूसेक पानी और गांव झांसा में 10124 क्यूसेक पानी बह रहा है। जो खतरे के निशान से ऊपर है।
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क्या कहते हैं एसडीओ
नहरी विभाग के एसडीओ विनोद कुमार ने बताया कि मारकंडा नदी का जल स्तर दोपहर बाद बढ़ा जरूर है, लेकिन पीछे से जल स्तर कम होने की सूचना है जो राहत की खबर है। बताया कि विभाग के कर्मचारी और अधिकारी मारकंडा नदी के जल स्तर पर नजर बनाए हुए है। कमजोर तटबंधों में लगातार पैट्रोलिंग जारी है। बताया कि जेसीबी को भी मौके पर खड़ा किया हुआ है। विभाग हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
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