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Kurukshetra News: बरसाती पानी का कहर, सैकड़ों एकड़ धान बर्बाद
Mon, 17 Jul 2023 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 17 Jul 2023 01:49 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
लाडवा। गांव दुगारी में बरसाती पानी आने के कारण सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई है। अब पानी के साथ बहकर मरे हुए पशुओं के शव भी गांव की तरफ पहुंचने लगे हैं। जिससे गांव में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीण दयाल सिंह, अंकित, बिंदर सिंह, यशपाल, कृष्णपाल, दिलशाद, रामनाथ, सुखबीर, शमशाद, विशाल, संदीप, हरीश, जस्सी आदि ने कहा कि पिछले कई दिनों से गांव में पीछे से पानी आ रहा है। पानी की चपेट में आने से सैकड़ों एकड़ खेतों में खड़ी धान की फसल बर्बाद हो गई है। खेतों में अब पशुओं के लिए चारा व खाने के लिए सब्जी तक भी खेतों में नहीं बची है।
उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही पानी पीछे से आना कम नहीं हुआ तो गांव में कोई बीमारी भी फैल सकती है। क्योंकि गांव में अब जो पीछे से पानी आ रहा है उसके साथ एक मरी हुई भैंस भी पानी में एक किसान के खेत में आ गई है, जो कि इस गांव के किसी भी किसान की नहीं है।
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उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही इस पानी पर काबू नहीं पाया तो आने वाले दिनों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं एक किसान ने कहा कि उन्होंने पंचायत की लगभग 15 एकड़ जमीन 50 हजार प्रति एकड़ के हिसाब से साल के लिए ली हुई है। परंतु सारी की सारी उस पंचायती जमीन में उन्होंने धान की फसल लगाई थी। जो पानी आने के कारण बर्बाद हो गई है। सभी किसानों ने सरकार से उचित मुआवजे की मांग की है।
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लाडवा। गांव दुगारी में बरसाती पानी आने के कारण सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई है। अब पानी के साथ बहकर मरे हुए पशुओं के शव भी गांव की तरफ पहुंचने लगे हैं। जिससे गांव में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीण दयाल सिंह, अंकित, बिंदर सिंह, यशपाल, कृष्णपाल, दिलशाद, रामनाथ, सुखबीर, शमशाद, विशाल, संदीप, हरीश, जस्सी आदि ने कहा कि पिछले कई दिनों से गांव में पीछे से पानी आ रहा है। पानी की चपेट में आने से सैकड़ों एकड़ खेतों में खड़ी धान की फसल बर्बाद हो गई है। खेतों में अब पशुओं के लिए चारा व खाने के लिए सब्जी तक भी खेतों में नहीं बची है।
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उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही पानी पीछे से आना कम नहीं हुआ तो गांव में कोई बीमारी भी फैल सकती है। क्योंकि गांव में अब जो पीछे से पानी आ रहा है उसके साथ एक मरी हुई भैंस भी पानी में एक किसान के खेत में आ गई है, जो कि इस गांव के किसी भी किसान की नहीं है।
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उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही इस पानी पर काबू नहीं पाया तो आने वाले दिनों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं एक किसान ने कहा कि उन्होंने पंचायत की लगभग 15 एकड़ जमीन 50 हजार प्रति एकड़ के हिसाब से साल के लिए ली हुई है। परंतु सारी की सारी उस पंचायती जमीन में उन्होंने धान की फसल लगाई थी। जो पानी आने के कारण बर्बाद हो गई है। सभी किसानों ने सरकार से उचित मुआवजे की मांग की है।