{"_id":"62b226178404b37b8a2e0934","slug":"haryanvi-culture-will-be-promoted-in-australia-kurukshetra-news-knl1122583105","type":"story","status":"publish","title_hn":"केयू के आईआईएचएस के डॉ. महासिंह पूनिया करेंगे ऑस्ट्रेलिया में हरियाणवी संस्कृति का प्रचार-प्रसार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केयू के आईआईएचएस के डॉ. महासिंह पूनिया करेंगे ऑस्ट्रेलिया में हरियाणवी संस्कृति का प्रचार-प्रसार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटिड एंड ऑनर्स स्टडीज के हिंदी विभागाध्यक्ष एवं युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ऑस्ट्रेलिया में हरियाणवी संस्कृति एवं हस्तकला का करेंगे प्रचार एवं प्रसार करेंगे। ऑस्ट्रेलिया के तीन शहरों सिडनी, मेलबर्न एवं एडिलेड में 22 जून से पांच जुलाई तक एसोसिएशन ऑफ हरियाणवीज इन ऑस्ट्रेलिया की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनी के साथ हरियाणवी व्याख्यान का आयोजन किया जाएगा।
डॉ. पूनिया ने बताया कि एसोसिएशन ऑफ हरियाणवीज इन ऑस्ट्रेलिया की तरफ से उन्हें 15 दिन के लिए निमंत्रण मिला है। वहां पर ऑस्ट्रेलिया के अलग-अलग शहरों में हरियाणवी संस्कृति पर आधारित अनेक व्याख्यान आयोजित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त वहां पर हरियाणवी सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ हरियाणा की हस्तकला प्रदर्शनियां भी आयोजित की जा रही हैं। इस कार्यक्रम में हरियाणवी संस्कृति के साथ-साथ गीता का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।
कार्यक्रम आयोजित करने का मूल उद्देश्य हरियाणवी संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय फलक पर अधिक से अधिक प्रचारित एवं प्रसारित करना है। डॉ. पूनिया ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सोमनाथ सचदेवा एवं कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का हरियाणवी संस्कृति के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। इसी कड़ी में यह प्रवास भी हरियाणवी संस्कृति के प्रचार-प्रसार को समर्पित है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डॉ. पूनिया ने बताया कि एसोसिएशन ऑफ हरियाणवीज इन ऑस्ट्रेलिया की तरफ से उन्हें 15 दिन के लिए निमंत्रण मिला है। वहां पर ऑस्ट्रेलिया के अलग-अलग शहरों में हरियाणवी संस्कृति पर आधारित अनेक व्याख्यान आयोजित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त वहां पर हरियाणवी सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ हरियाणा की हस्तकला प्रदर्शनियां भी आयोजित की जा रही हैं। इस कार्यक्रम में हरियाणवी संस्कृति के साथ-साथ गीता का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।
विज्ञापन
कार्यक्रम आयोजित करने का मूल उद्देश्य हरियाणवी संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय फलक पर अधिक से अधिक प्रचारित एवं प्रसारित करना है। डॉ. पूनिया ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सोमनाथ सचदेवा एवं कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का हरियाणवी संस्कृति के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। इसी कड़ी में यह प्रवास भी हरियाणवी संस्कृति के प्रचार-प्रसार को समर्पित है।
विज्ञापन