{"_id":"68dae165b54bfbc1af054cde","slug":"haryana-is-the-first-state-in-the-country-to-fully-implement-the-new-criminal-law-dr-mishra-kurukshetra-news-c-45-1-kur1008-142990-2025-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा नए आपराधिक कानून को पूरी तरह लागू करने वाला देश का पहला राज्य : डाॅ. मिश्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा नए आपराधिक कानून को पूरी तरह लागू करने वाला देश का पहला राज्य : डाॅ. मिश्रा
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। मेला क्षेत्र में कार्यक्रम को लेकर चल रही तैयारियों का जायजा लेती अतिरिक्त मुख्य स
कुरुक्षेत्र। नए तीन आपराधिक कानूनों को पूरी तरह से लागू करने वाला हरियाणा देश का पहल राज्य है। इन कानूनों में सकारात्मक परिणामों को दर्शाती एक भव्य प्रदर्शनी लगाई जाएगी जिसका उद्घाटन 3 अक्तूबर को कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मेला क्षेत्र में केंद्रीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। इस कार्यक्रम के लिए तैयारियां जोरों पर की जा रही हैं। इनका सोमवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव डाॅ. सुमिता मिश्रा ने जायजा लिया और अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश भी दिए।
उन्होंने जिला उपायुक्त को कहा कि प्रदर्शनी में लगने वाले 10 स्टॉल का सारा कार्य जल्द पूरा किया जाए। इसके साथ ही मुख्य कार्यक्रम स्थल पर एचसीएस स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति की जाए ताकि इस कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके।
उन्होंने पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल को कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए एचपीएस स्तर के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाए और ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष फोकस रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्रम की सफलता के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यह महत्वपूर्ण प्रदर्शनी चार से पांच दिनों तक चलेगी, जिससे अधिवक्ता, छात्र, अभिभावक और आम नागरिक शामिल होकर आपराधिक न्याय प्रणाली में हुए बदलावों को समझ सकें।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि नए कानून से हुए परिवर्तन और उपलब्धियों को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें सात अलग-अलग विभागों की भूमिका को भी दर्शाया जाएगा। इस प्रदर्शनी को 10 भागों में विभाजित किया गया है। उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम में सूचना मिलने संबंधी प्रक्रिया होगी, सीन ऑफ क्राइम में घटना का परीक्षण दर्शाया जाएगा। इसी तरह अस्पताल में पोस्टमार्टम व इमरजेंसी की स्थिति दिखाई जाएगी, सीएफएसएल में रिपोर्ट तैयार की प्रक्रिया समझाई जाएगी।
एसीएस ने कहा कि पुलिस स्टेशन में काम करने का तरीका बताया जाएगा, लीगल एड के तहत आरोप पत्र तैयार करने के नियम होंगे। इसी तरह जेल से दया याचिका और कोर्ट में न्यायिक फैसला होगा। इसके बाद पॉलिसी स्कीम और अंत में नए न्याय संहिता कानूनी जस्टिस की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नए कानूनों पर व्याख्यान और पैनल चर्चा का आयोजन किया जाए जिसमें कानूनी विशेषज्ञों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो।
विज्ञापन
उन्होंने जिला उपायुक्त को कहा कि प्रदर्शनी में लगने वाले 10 स्टॉल का सारा कार्य जल्द पूरा किया जाए। इसके साथ ही मुख्य कार्यक्रम स्थल पर एचसीएस स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति की जाए ताकि इस कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके।
विज्ञापन
उन्होंने पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल को कहा कि सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए एचपीएस स्तर के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाए और ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष फोकस रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्रम की सफलता के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यह महत्वपूर्ण प्रदर्शनी चार से पांच दिनों तक चलेगी, जिससे अधिवक्ता, छात्र, अभिभावक और आम नागरिक शामिल होकर आपराधिक न्याय प्रणाली में हुए बदलावों को समझ सकें।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि नए कानून से हुए परिवर्तन और उपलब्धियों को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें सात अलग-अलग विभागों की भूमिका को भी दर्शाया जाएगा। इस प्रदर्शनी को 10 भागों में विभाजित किया गया है। उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम में सूचना मिलने संबंधी प्रक्रिया होगी, सीन ऑफ क्राइम में घटना का परीक्षण दर्शाया जाएगा। इसी तरह अस्पताल में पोस्टमार्टम व इमरजेंसी की स्थिति दिखाई जाएगी, सीएफएसएल में रिपोर्ट तैयार की प्रक्रिया समझाई जाएगी।
एसीएस ने कहा कि पुलिस स्टेशन में काम करने का तरीका बताया जाएगा, लीगल एड के तहत आरोप पत्र तैयार करने के नियम होंगे। इसी तरह जेल से दया याचिका और कोर्ट में न्यायिक फैसला होगा। इसके बाद पॉलिसी स्कीम और अंत में नए न्याय संहिता कानूनी जस्टिस की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नए कानूनों पर व्याख्यान और पैनल चर्चा का आयोजन किया जाए जिसमें कानूनी विशेषज्ञों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो।