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Haryana: असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने की मां भद्रकाली शक्तिपीठ में पूजा
Sat, 23 Dec 2023 10:49 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 23 Dec 2023 10:49 PM IST
सार
डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा बोले कि आज शक्तिपीठ दर्शन की मन्नत पूरी हुई है। 22 जनवरी को श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की मन्नत पूरी होगी।
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शक्तिपीठ देवीकूप मां भद्रकाली मंदिर में पूजा अर्चना करते असम के मुख्यमंत्री
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के पार्टनर स्टेट असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा प्रदेश के एकमात्र शक्तिपीठ श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा अर्चना की तो मां को घोड़े अर्पित किए। सर्वप्रथम पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा द्वारा मुख्यमंत्री का शक्तिस्थल श्री देवीकूप पहुंचने पर स्वागत किया। ततपश्चात मुख्यमंत्री ने मंत्रोचारण व पान पत्तों व कमल पुष्पों के साथ श्री देवीकूप पर पूजा की। उन्होंने भी शक्ति पूजा में भगवान श्री कृष्ण जी की विजयी अश्व चढ़ाने की परंपरा को निभाया और चांदी घोड़े अर्पित किए।
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पीठाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को माता की लाल शक्ति चुनरी, चांदी लॉकेट व पुष्प माला एवं मां भद्रकाली जी की सिद्ध अष्ठधातु अष्ठभुजा स्वरूप भेंट किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि मां कामाख्या देवी व मां भद्रकाली जी दोनों ही शक्ति स्वरूपा है, दोनों ही मां सती जी पावन अंग शक्तिपीठ है, और वे यहां मां के दांये चरण का आशीर्वाद लेने आए हैं।
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असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने कहा कि जैसे मेरी आज मन्नत पूरी हुई है। मां भद्रकाली शक्तिपीठ के दर्शन की, वैसे ही दुनियाभर के रामभक्तों की मन्नत 22 जनवरी को श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के साथ पूरी होगी। अगले माह श्रीरामलला के दर्शन के बाद हरियाणा के एकमात्र शक्तिपीठ मां भद्रकाली मंदिर में परिवार के साथ पूजा करने जल्द आऊंगा।
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श्री देवीकूप की परिक्रमा उपरांत मुख्यातिथि मां भद्रकाली जी के गर्भगृह में माथा टेकने पहुंचे। मुख्य दरबार में गर्भगृह में मां भद्रकाली जी का आह्वान कर उनके द्वारा मंत्रों के साथ मां का भाव-भक्तिपूर्ण नवधा पूजन किया गया। मां को अति प्रिय कमल पुष्प की माला अर्पित की गई। मां सती का चांदी चरण पूजन किया गया।
उन्होंने मां के चांदी चरण पर पान, सुपारी, ध्वजा व दूध, दही, गंगाजल, गुलाब जल, शहद, घी, इत्र, सिंदूर, चंदन अर्पित किया। मुख्यमंत्री ने मां को ग्यारह मिठाइयों व ग्यारह फलों का भोग भी समर्पित किया। मां को लाल-चुनरी, लाल वस्त्र, सिंदूर व नारियल पुष्पांजलि चढ़ाई। पंचदीप पात्र से भव्य आरती की। तत्पश्चात मां की कंजक श्लोका पंडित का शक्ति चुनरी व तिलक लगाकर पूजन किया और चरण वंदन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिक्रमा में महालक्ष्मी मंदिर व महासरस्वती मंदिर में पूजा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जगतजननी मां भद्रकाली जी कल्याण व वरमुद्रा में यहां सुशोभित है, इसलिए वह अपने भारत वर्ष के लिए और विशेष तौर पर असमवासियों के लिए मंगल व समृद्धि की कामना करते हैं। उन्हें मां सेवा का सौभाग्य प्रदान करती रहें, ऐसी ही मां से प्रार्थना है। शक्तिपीठ दर्शन से ही उनकी कुरुक्षेत्र यात्रा सफल हुई क्योंकि यहां वे एक बच्चे की भांति अपनी मां (भद्रकाली) से मिलने आए हैं। उन्होंने पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा को परिवार सहित कामख्या शक्तिपीठ दर्शन का निमंत्रण भी दिया।
इस मौके पर शिमला देवी ,स्नेहिल शर्मा, देवांशु शर्मा, मीना जोशी, डॉ. अन्नु पॉल शर्मा, निकुंज शर्मा, हेमराज शर्मा, राजेश शांडिल्य, सुनील जोशी ,संजीव मित्तल, देवेंद्र गर्ग, रामपाल लाठर, ऋषि तोमर, आशीष दीक्षित, अनिल पंडित इत्यादि सेवक भी मौजूद रहे।