उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्यप्रताप शाही शनिवार गुरुकुल कुरुक्षेत्र पहुंचे। नमामि गंगे अभियान के तहत गंगा किनारे बसे 27 जिलों के 1045 गांवों में प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गुरुकुल के कम लागत प्राकृतिक कृषि फार्म का दौरा करने आए मंत्री गुरुकुल की व्यवस्थाओं को देखकर गदगद हो गये। विशेष तौर पर गुरुकुल की गोशाला, गऊओं के स्वास्थ्य, दुग्ध उत्पादन, गऊओं हेतु बनाये गये अत्याधुनिक बाड़े व शैड और प्राकृतिक कृषि में गोमूत्र व गोबर का समुचित उपयोग देखकर कृषिमंत्री आचार्य की दूरदर्शी सोच के कायल हो गये। उन्होंने अपने साथ आए अधिकारियों से गुरुकुल की गोशाला और कृषि फार्म से सीख लेने की बात कही। गुरुकुल में पहुंचने पर प्रधान कुलवंत सैनी ने मंत्री व उनके साथ आए अन्य अधिकारियों का अभिनंदन किया और राज्यपाल आचार्य ने मंत्री को स्मृति चिह्न व उपहार भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर गुरुकुल के प्राचार्य कर्नल अरूण दत्ता, सह प्राचार्य शमशेर सिंह, कृषि वैज्ञानिक डॉ. हरिओम भी उपस्थित रहे।
कृषि फार्म के बाद कृषिमंत्री जी काफिला गुरुकुल की गोशाला पहुंचा जहां राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने बताया कि गुरुकुल में देशी नस्ल की गाय भी 24 लीटर तक दूध देती है और इनके चारे, संतुलित आहार आदि की पूरी व्यवस्था गोशाला में ही है। कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि गुरुकुल के प्राकृतिक कृषि फार्म और गोशाला को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि प्राकृतिक कृषि किसानों के लिए वरदान साबित होगी। प्राकृतिक कृषि से किसान न केवल गो संरक्षण में अहम भूमिका निभा सकता है बल्कि किसानों की आय भी दोगुनी, तीन गुनी हो सकती है। उन्होंने कहा कि आज बाजार में प्राकृतिक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है, यदि किसान प्राकृतिक खेती से उगाई सब्जी, फल, अनाज आदि बाजार में लेकर जाएगा तो निश्चित रूप से उसके उत्पाद का मूल्य अधिक मिलेगा, ऐसे में ज्यादा से ज्यादा किसानों को प्राकृतिक कृषि को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक कृषि देश के सभी प्रदेशों में होनी चाहिए। उन्होंने मौके पर ही अपने साथ आए अधिकारियों को निर्देश दिये कि ज्यादा से ज्यादा किसानों को गुरुकुल का दौरा करवाएं और प्राकृतिक कृषि करने के लिए प्रेरित करें।