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Kurukshetra News: अब प्रतियोगी परीक्षाओं में गुरसिख परीक्षार्थी धार्मिक चिह्न पहनकर दे सकेंगे परीक्षा, झींडा ने जताया मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार
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कुरुक्षेत्र। अब प्रदेश में होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में गुरसिख परीक्षार्थी अपने धार्मिक चिह्न पहनकर परीक्षा दे सकेंगे। इस संबंध में प्रदेश सरकार की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस अधिसूचना पर हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सैनी ने हमेशा सिख धर्म का सम्मान किया है और यह निर्णय उसी भावना को दर्शाता है। जत्थेदार झींडा ने कहा कि अब प्रदेश में किसी भी शिक्षण संस्थान या प्रतियोगी परीक्षा केंद्र पर गुरसिख परीक्षार्थी को अपने धार्मिक चिह्न पहनकर प्रवेश से नहीं रोका जाएगा। गुरसिख परीक्षार्थी कड़ा, कछैरा, कृपाण, केस और पगड़ी जैसे धार्मिक चिन्हों के साथ परीक्षा दे सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिसूचना में यह साफ लिखा गया है कि किसी भी परिस्थिति में धार्मिक चिन्ह उतारने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पूर्व में कई ऐसे मामले सामने आते रहे हैं, जहां गुरसिख परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों पर धार्मिक चिन्ह उतारने के लिए मजबूर किया गया जिसके कारण कई बार वे परीक्षा देने से वंचित भी रह गए।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सैनी ने हमेशा सिख धर्म का सम्मान किया है और यह निर्णय उसी भावना को दर्शाता है। जत्थेदार झींडा ने कहा कि अब प्रदेश में किसी भी शिक्षण संस्थान या प्रतियोगी परीक्षा केंद्र पर गुरसिख परीक्षार्थी को अपने धार्मिक चिह्न पहनकर प्रवेश से नहीं रोका जाएगा। गुरसिख परीक्षार्थी कड़ा, कछैरा, कृपाण, केस और पगड़ी जैसे धार्मिक चिन्हों के साथ परीक्षा दे सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिसूचना में यह साफ लिखा गया है कि किसी भी परिस्थिति में धार्मिक चिन्ह उतारने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि पूर्व में कई ऐसे मामले सामने आते रहे हैं, जहां गुरसिख परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों पर धार्मिक चिन्ह उतारने के लिए मजबूर किया गया जिसके कारण कई बार वे परीक्षा देने से वंचित भी रह गए।
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