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Kurukshetra News: गुरनाम सिंह चढूनी और अन्य आठ किसान नेता जेल से नहीं हो पाए रिहा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jun 2023 02:47 AM IST
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Gurnam Singh Chadhuni and eight other farmer leaders could not be released from jail
कुरुक्षेत्र। भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी व आठ अन्य किसान नेता बुधवार को जेल से रिहा नहीं हो पाए। हालांकि अदालत ने उनके पक्ष की ओर से दी गई जमानत याचिका मंजूर कर ली है, जिसके बाद वीरवार को पुलिस की ओर से अदालत में नोटिस का जवाब दिया जाएगा। इसके उपरांत अदालत फैसला सुनाएगी।
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बुधवार सुबह से ही अर्शदीप सिंह, भाकियू प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना व जिलाध्यक्ष कृष्ण लाल कलालमाजरा एडवोकेट गुरनाम सिंह चहल के जरिए किसान नेताओं की रिहाई के प्रयास करते रहे। अदालत में जमानत याचिका दायर की गई, जिसे मंजूर भी कर लिया। अदालत ने पुलिस द्वारा अपना पक्ष रखने को लेकर नोटिस जारी किया है, जिसके लिए वीरवार का दिन तय किया है। अब अदालत पुलिस की ओर से जवाब दिए जाने के बाद फैसला सुना सकती है।
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छह जून को शाहाबाद में नेशनल हाईवे जाम के दौरान हुए घटनाक्रम के दौरान गुरनाम सिंह चढूनी व अन्य किसान नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था तो अगले ही दिन उन्हें 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
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उनकी रिहाई व सूरजमुखी की खरीद एमएसपी पर किए जाने की मांग को लेकर सोमवार से दो दिनों तक किसानों ने दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे जाम कर दिया था। सरकार ने उनकी मांगें मंगलवार देर शाम को मान ली थी, जिसके मुताबिक अगले दिन बुधवार को सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए सभी किसान नेताओं को जेल से रिहा कर दिया जाएगा। ऐसे में सुबह से ही किसानों की नजरें जिला जेल पर टिकी थी।


अदालत आज सुना सकती है फैसला : एडवोकेट
जेल में बंद किसानों की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट गुरनाम सिंह चहल का कहना है कि उनकी ओर से जमानत याचिका दायर किए जाने के बाद अदालत ने वर्सिस स्टेट को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस पर वीरवार को पुलिस द्वारा जवाब देना है, जिसके बाद ही जमानत पर फैसला होगा।

प्रशासन ने दिया पूरा सहयोग : मथाना
भाकियू प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना का कहना है कि प्रशासन की ओर से उन्हें पूरा सहयोग दिया गया, लेकिन अदालत में कानूनी प्रक्रिया के चलते आज जमानत नहीं हो सकी। वीरवार को जमानत मिलने की संभावना है।


लड्डू बांटकर व ढोल के साथ थी स्वागत की तैयारी
गुरनाम सिंह व अन्य किसानों के जेल से रिहा होने की पूरी उम्मीद थी। यहां तक कि लड्डू बांटकर व ढोल धमाके के साथ उनके स्वागत की तैयारी की थी। शाम तीन बजे किसानों को जिला जेल के समक्ष एकत्रित होने का ऑडियो संदेश भी जारी किया गया तो वहीं कई किसान नेता जाट धर्मशाला में डटे रहे। जब किसान रिहा नहीं हो पाए तो दिनभर के हालात पर सभी किसान नेताओं ने प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना के साथ यहां मंथन किया। सोशल मीडिया के जरिए अन्य किसानों को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया।
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