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सरकार नई कृषि विपणन नीति को करे रद्द : मान
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बाबैन। गांव खैरा में रोष व्यक्त प्रदर्शन करते भाकियू अध्यक्ष रतन मान व अन्य पदाधिकारी। विज्ञप्त
बाबैन। केंद्र सरकार की ओर से लाई नई कृषि विपणन नीति के खिलाफ हरियाणा के किसान संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने गांव खैरा में पूर्व जिला प्रधान रामकुमार के निवास पर पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पंजाब की तरह केंद्र सरकार की कृषि विपणन नीति को अस्वीकार करके किसान हितैषी होने का प्रमाण दे।
उन्होंने कहा कि चल रहे विधानसभा सत्र में प्रदेश की भाजपा सरकार नई कृषि विपणन नीति को पटल पर रख कर पक्ष-विपक्ष की चर्चा करवाए और इसे प्रदेश में लागू न करने का निर्णय ले। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार यह नीति औद्योगिक लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए लाई है जिससे अनाज मंडियां खत्म हो जाएंगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। सरकार तीन कृषि कानून के प्रावधानों को नए रूप में लागू करने की कोशिश कर रही है जिससे मजदूरों, किसानों और मंडियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। सरकार को चाहिए कि मंडियों का और ज्यादा विस्तार करे लेकिन इसके बजाय उन्हें कमजोर करने का काम किया जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन ने मांग की है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पंजाब सरकार की तर्ज पर नीति को रद्द कर केंद्र सरकार को लौटा दें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया तो किसानों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। किसान 20 मार्च को एकत्रित होंगे और कुरुक्षेत्र स्थित मुख्यमंत्री आवास पर किसान महापंचायत करेंगे। इसमें किसान एकजुटता के साथ निर्णय लेंगे।
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इस मौके पर पूर्व जिला प्रधान रामकुमार, प्रदेश प्रवक्ता रामधारी, प्रदेश महासचिव जसबीर जैनपुर, मदनपाल बपदा, प्रवक्ता सुरेंद्र सांगवान, सलिंद्र जैनपुर, रामकुमार डुडी, राजपाल बपदा, धर्मपाल बपदा, सौरभ धनौरा जाटान, सलिंद्र धनौरा जाटान, अंग्रेज सिंह गिल, जोगिंद्र धनौरा जाटान, मेघराज धनौरा जाटान व अन्य किसान मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि चल रहे विधानसभा सत्र में प्रदेश की भाजपा सरकार नई कृषि विपणन नीति को पटल पर रख कर पक्ष-विपक्ष की चर्चा करवाए और इसे प्रदेश में लागू न करने का निर्णय ले। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार यह नीति औद्योगिक लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए लाई है जिससे अनाज मंडियां खत्म हो जाएंगी।
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उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। सरकार तीन कृषि कानून के प्रावधानों को नए रूप में लागू करने की कोशिश कर रही है जिससे मजदूरों, किसानों और मंडियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। सरकार को चाहिए कि मंडियों का और ज्यादा विस्तार करे लेकिन इसके बजाय उन्हें कमजोर करने का काम किया जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन ने मांग की है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पंजाब सरकार की तर्ज पर नीति को रद्द कर केंद्र सरकार को लौटा दें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया तो किसानों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। किसान 20 मार्च को एकत्रित होंगे और कुरुक्षेत्र स्थित मुख्यमंत्री आवास पर किसान महापंचायत करेंगे। इसमें किसान एकजुटता के साथ निर्णय लेंगे।
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इस मौके पर पूर्व जिला प्रधान रामकुमार, प्रदेश प्रवक्ता रामधारी, प्रदेश महासचिव जसबीर जैनपुर, मदनपाल बपदा, प्रवक्ता सुरेंद्र सांगवान, सलिंद्र जैनपुर, रामकुमार डुडी, राजपाल बपदा, धर्मपाल बपदा, सौरभ धनौरा जाटान, सलिंद्र धनौरा जाटान, अंग्रेज सिंह गिल, जोगिंद्र धनौरा जाटान, मेघराज धनौरा जाटान व अन्य किसान मौजूद रहे।