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Kurukshetra News: जल सरंक्षण के लिए छात्राओं को किया जागरूक
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कुरुक्षेत्र। शपथ ग्रहण करती हुई छात्राएं। संवाद
कुरुक्षेत्र। दयानंद महिला महाविद्यालय में जल शक्ति अभियान के तहत कैच द रेन विषय पर शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन करवाया गया। जिसमें महाविद्यालय की 79 छात्राओं ने शपथ ग्रहण की। प्राचार्य डाॅ. उपासना आहूजा ने कहा कि इस वर्ष के जल शक्ति अभियान का विषय नारी शक्ति से जल शक्ति रखा गया है, जिसके तहत छात्राओं का जल संरक्षण के प्रति दायित्व बढ़ जाता है। वर्तमान में महिलाएं हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं और जब इस अभियान की बागडोर नारी शक्ति के हाथों में है तो इसका सफल होना सुनिश्चित है।
उन्होंने कहा कि पानी की किल्लत का अधिकतर सामना घरेलू महिलाओं को ही करना पड़ता है और पानी की अधिकतर बर्बादी घरेलू स्तर पर ही देखी जाती है। ऐसे में महिलाएं अपनी भूमिका को बखूबी निभाकर छोटे-छोटे उपायों एवं प्रयास से इस समस्या का निदान कर सकती हैं। पारिस्थितिक असंतुलन के कारण जलवायु में तेजी से परिवर्तन देखने को मिल रहा है और मानव जाति के अस्तित्व के लिए आवश्यक पेयजल तेजी से खत्म होता जा रहा है। प्राकृतिक वर्षा से प्राप्त जल का संचयन अधिक आवश्यक है ताकि जलस्तर में गिरावट पर रोक लगाया जा सके।
जल अभियान को जन अभियान से ही सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने नित्य कार्यों में पानी कम से कम खर्च करने की आवश्यकता पर बल दिया। ताकि भविष्य के लिए पानी बचाया जा सके। अंत में छात्राओं को बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए धूप में उनके लिए पेयजल का प्रबंध करने के लिए आग्रह किया। यह कार्यक्रम डाॅ. आरती अग्रवाल व डाॅ. रितु के मार्ग निर्देशन में आयोजित किया गया।
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उन्होंने कहा कि पानी की किल्लत का अधिकतर सामना घरेलू महिलाओं को ही करना पड़ता है और पानी की अधिकतर बर्बादी घरेलू स्तर पर ही देखी जाती है। ऐसे में महिलाएं अपनी भूमिका को बखूबी निभाकर छोटे-छोटे उपायों एवं प्रयास से इस समस्या का निदान कर सकती हैं। पारिस्थितिक असंतुलन के कारण जलवायु में तेजी से परिवर्तन देखने को मिल रहा है और मानव जाति के अस्तित्व के लिए आवश्यक पेयजल तेजी से खत्म होता जा रहा है। प्राकृतिक वर्षा से प्राप्त जल का संचयन अधिक आवश्यक है ताकि जलस्तर में गिरावट पर रोक लगाया जा सके।
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जल अभियान को जन अभियान से ही सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने नित्य कार्यों में पानी कम से कम खर्च करने की आवश्यकता पर बल दिया। ताकि भविष्य के लिए पानी बचाया जा सके। अंत में छात्राओं को बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए धूप में उनके लिए पेयजल का प्रबंध करने के लिए आग्रह किया। यह कार्यक्रम डाॅ. आरती अग्रवाल व डाॅ. रितु के मार्ग निर्देशन में आयोजित किया गया।
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