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अढ़ोन गांव की महिला सरपंच को लाखों के गबन में दोषी, 4 साल की कैद, 20 हजार का जुर्माना
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-वर्ष 2005 से 2010 तक गांव अढ़ोन की महिला सरपंच ने अपने देवर और जेई के साथ किया था लाखों का गबन
लाखों रुपये का गबन करने की दोषी महिला सरपंच को 4 वर्ष की कैद, 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। पंचायती कार्यों में लाखों रुपये का गबन करने के आरोप में गांव अढ़ोन की महिला सरपंच को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए 4 वर्ष की कैद और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी महिला सरपंच को जुर्माना न भरने की सूरत में छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
यह जानकारी वरिष्ठ जिला उपन्यायवादी मेनपाल राणा ने दी है। उन्होंने बताया कि गांव अढ़ोन की महिला सरपंच द्वारा अपने 5 वर्ष के कार्यकाल के दौरान गांव के विकास कार्य के लिए सरकार द्वारा भेजी गई धनराशि में मिलीभगत कर लाखों रुपये गबन करने के मामले में कोर्ट ने महिला सरपंच बबली देवी को सजा सुनाई है, जबकि दो अन्य आरोपियों को बरी किया गया है। मेनपाल राणा ने बताया कि गांव अढोन में वर्ष 2005 के पंचायती चुनाव में महिला बबली देवी को भारी मत देकर गांव की चौधर सौंपी थी, लेकिन महिला सरपंच ने अपने कार्यकाल में गांव में विकास कराने की बजाय भ्रष्टाचार किया। बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा गांव के विकास के लिए भेजी गई धनराशि में 5 साल के अंतराल में लाखों का घोटाला महिला सरपंच ने अपने देवर श्यामलाल और कनिष्ठ अभियंता सेक्टर-7 निवासी सुनील कुमार के साथ मिलकर किया। महिला सरपंच ने सरकार द्वारा चलाई गई मनरेगा स्कीम के तहत गांव के नाले की खुदाई करवाने को लेकर कागजात में अधिक मजदूर वेतन देने के नाम पर लाखों रुपये डकार लिए, जबकि पहले भी खुदाई हो चुकी थी। इस काम में बहुत ही कम मजदूर लगे थे। इसके अलावा जोहड़ की चारदीवारी करवाने को लेकर एक लाख ईंट मंगवाई गई थी। इनमें से 50 हजार ईंटे अपने मकान में इस्तेमाल कर ली। यही नहीं, जोहड़ की चारदीवारी पक्का करने को लेकर घटिया सामग्री इस्तेमाल की गई और सरकार से धन लेने को लेकर क्षमता से अधिक दिखाया गया था। यही नहीं गांव में सरकारी पेड़ों को कटवाने के बाद बेचने का मामला उजागर हुआ था। इस महिला सरपंच की कार्यप्रणाली को लेकर वर्ष 2012 में सरकार को शिकायत सौंपी गई थी। इस मामले में संज्ञान लेते हुए अंबाला स्टेट हरियाणा राज्य चौकसी ब्यूरो को विशेष जांच सौंपी गई थी। इस मामले में सच्चाई उजागर करने को लेकर राज्य चौकसी ब्यूरो अंबाला की टीम ने गांव में दस्तक देकर गहन छानबीन करते हुए महिला सरपंच सहित तीनों को गिरफ्तार किया था। पुलिस फाइल के मुताबिक बबली देवी सरपंच होते हुए अनपढ़ थी, मात्र कागजातों पर देवर और कनिष्ठ अभियंता के कहने पर हस्ताक्षर किया करती थी। राज्य चौकसी ब्यूरो ने महिला सरपंच सहित तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी व सरकारी खजाने से गबन करने के मामले में केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था। कुछ समय पश्चात इन्हें जमानत मिल गई। मामले की सुनवाई अदालत में चल रही थी। न्यायाधीश राकेश सिंह की अदालत ने धारा 409 व करप्शन की धारा 13 (1) सीपी धारा में महिला सरपंच देवी को दोषी करार देते हुए 4 वर्ष की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत पर दोषी को 6 माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
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लाखों रुपये का गबन करने की दोषी महिला सरपंच को 4 वर्ष की कैद, 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। पंचायती कार्यों में लाखों रुपये का गबन करने के आरोप में गांव अढ़ोन की महिला सरपंच को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए 4 वर्ष की कैद और 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी महिला सरपंच को जुर्माना न भरने की सूरत में छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
यह जानकारी वरिष्ठ जिला उपन्यायवादी मेनपाल राणा ने दी है। उन्होंने बताया कि गांव अढ़ोन की महिला सरपंच द्वारा अपने 5 वर्ष के कार्यकाल के दौरान गांव के विकास कार्य के लिए सरकार द्वारा भेजी गई धनराशि में मिलीभगत कर लाखों रुपये गबन करने के मामले में कोर्ट ने महिला सरपंच बबली देवी को सजा सुनाई है, जबकि दो अन्य आरोपियों को बरी किया गया है। मेनपाल राणा ने बताया कि गांव अढोन में वर्ष 2005 के पंचायती चुनाव में महिला बबली देवी को भारी मत देकर गांव की चौधर सौंपी थी, लेकिन महिला सरपंच ने अपने कार्यकाल में गांव में विकास कराने की बजाय भ्रष्टाचार किया। बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा गांव के विकास के लिए भेजी गई धनराशि में 5 साल के अंतराल में लाखों का घोटाला महिला सरपंच ने अपने देवर श्यामलाल और कनिष्ठ अभियंता सेक्टर-7 निवासी सुनील कुमार के साथ मिलकर किया। महिला सरपंच ने सरकार द्वारा चलाई गई मनरेगा स्कीम के तहत गांव के नाले की खुदाई करवाने को लेकर कागजात में अधिक मजदूर वेतन देने के नाम पर लाखों रुपये डकार लिए, जबकि पहले भी खुदाई हो चुकी थी। इस काम में बहुत ही कम मजदूर लगे थे। इसके अलावा जोहड़ की चारदीवारी करवाने को लेकर एक लाख ईंट मंगवाई गई थी। इनमें से 50 हजार ईंटे अपने मकान में इस्तेमाल कर ली। यही नहीं, जोहड़ की चारदीवारी पक्का करने को लेकर घटिया सामग्री इस्तेमाल की गई और सरकार से धन लेने को लेकर क्षमता से अधिक दिखाया गया था। यही नहीं गांव में सरकारी पेड़ों को कटवाने के बाद बेचने का मामला उजागर हुआ था। इस महिला सरपंच की कार्यप्रणाली को लेकर वर्ष 2012 में सरकार को शिकायत सौंपी गई थी। इस मामले में संज्ञान लेते हुए अंबाला स्टेट हरियाणा राज्य चौकसी ब्यूरो को विशेष जांच सौंपी गई थी। इस मामले में सच्चाई उजागर करने को लेकर राज्य चौकसी ब्यूरो अंबाला की टीम ने गांव में दस्तक देकर गहन छानबीन करते हुए महिला सरपंच सहित तीनों को गिरफ्तार किया था। पुलिस फाइल के मुताबिक बबली देवी सरपंच होते हुए अनपढ़ थी, मात्र कागजातों पर देवर और कनिष्ठ अभियंता के कहने पर हस्ताक्षर किया करती थी। राज्य चौकसी ब्यूरो ने महिला सरपंच सहित तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी व सरकारी खजाने से गबन करने के मामले में केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था। कुछ समय पश्चात इन्हें जमानत मिल गई। मामले की सुनवाई अदालत में चल रही थी। न्यायाधीश राकेश सिंह की अदालत ने धारा 409 व करप्शन की धारा 13 (1) सीपी धारा में महिला सरपंच देवी को दोषी करार देते हुए 4 वर्ष की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत पर दोषी को 6 माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
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