{"_id":"68e6c3899f8e2d459b0b8c3e","slug":"geeta-written-in-many-languages-of-the-world-will-add-more-glory-to-geeta-kurukshetra-news-c-45-1-kur1001-143510-2025-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: गीता महोत्सव को चार चांद लगाएंगी दुनिया की 60 भाषाओं में लिखी गीता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: गीता महोत्सव को चार चांद लगाएंगी दुनिया की 60 भाषाओं में लिखी गीता
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। पवित्र ब्रहमसरोवर का दृश्य। संवाद
कुरुक्षेत्र। पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर इस बार 15 नवंबर से 5 दिसंबर तक मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव कई मायनों में बेहद खास होने वाला है। यह पहला मौका है जब महोत्सव को व्यापक अंतरराष्ट्रीय स्वरूप मिलेगा। महोत्सव को 60 से ज्यादा विदेशी भाषाओं में लिखी गई गीता चार चांद लगाएगी और 15 से ज्यादा देशों के 25 शोधार्थी गीता पर चिंतन व मनन करेंगे।
मुख्य कार्यक्रमों के पहले दिन 24 नवंबर से ये शोधार्थी न केवल लगातार तीन दिन तक गीता पर भारतीय शोधार्थियों के बीच खुलकर मनन व चिंतन करेंगे बल्कि गीता पर किए गए अपने शोध के पत्र भी प्रस्तुत करेंगे। सभी संबंधित देशों की ओर से न केवल इसके लिए सहमति बल्कि सूची भी कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड को भारतीय विदेश मंत्रालय के सहयोग से मिल चुकी है। ये शोधार्थी 23 नवंबर को ही धर्मनगरी में पहुंचेंगे और चार दिन तक मेहमान बनकर रहेंगे। इसके लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ही नहीं बल्कि विदेश मंत्रालय भी खास इंतजाम करने में जुट गया है। पवित्र ब्रह्मसरोवर के मुख्य मंच के आसपास ही इनके लिए खास लॉज भी तैयार किया जाएगा और इन्हें गीता उपदेश स्थली ज्योतिसर सहित 48 कोस के सभी मुख्य तीर्थों का भ्रमण भी कराया जाएगा। ये शोधार्थी एनआरआई नहीं बल्कि संबंधित देश के मूल निवासी ही होंगे।
महोत्सव का सहभागी होगा विदेश मंत्रालय, लगेगा पैवेलियन : महोत्सव में भारतीय विदेश मंत्रालय सहभागी होगा जिसकी ओर से विशेष पैवेलियन भी लगाया जाएगा। इसी में ही विभिन्न देशों से 60 से ज्यादा भाषाओं में लिखित गीता की पुस्तकें भी रखी जाएंगी जिससे यहां अन्य देशों के लोगों में भी उत्सुकता बढ़ सके। यह पहला मौका होगा जब विदेश मंत्रालय इस स्तर पर महोत्सव में भागीदार होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य कार्यक्रमों के पहले दिन 24 नवंबर से ये शोधार्थी न केवल लगातार तीन दिन तक गीता पर भारतीय शोधार्थियों के बीच खुलकर मनन व चिंतन करेंगे बल्कि गीता पर किए गए अपने शोध के पत्र भी प्रस्तुत करेंगे। सभी संबंधित देशों की ओर से न केवल इसके लिए सहमति बल्कि सूची भी कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड को भारतीय विदेश मंत्रालय के सहयोग से मिल चुकी है। ये शोधार्थी 23 नवंबर को ही धर्मनगरी में पहुंचेंगे और चार दिन तक मेहमान बनकर रहेंगे। इसके लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ही नहीं बल्कि विदेश मंत्रालय भी खास इंतजाम करने में जुट गया है। पवित्र ब्रह्मसरोवर के मुख्य मंच के आसपास ही इनके लिए खास लॉज भी तैयार किया जाएगा और इन्हें गीता उपदेश स्थली ज्योतिसर सहित 48 कोस के सभी मुख्य तीर्थों का भ्रमण भी कराया जाएगा। ये शोधार्थी एनआरआई नहीं बल्कि संबंधित देश के मूल निवासी ही होंगे।
विज्ञापन
महोत्सव का सहभागी होगा विदेश मंत्रालय, लगेगा पैवेलियन : महोत्सव में भारतीय विदेश मंत्रालय सहभागी होगा जिसकी ओर से विशेष पैवेलियन भी लगाया जाएगा। इसी में ही विभिन्न देशों से 60 से ज्यादा भाषाओं में लिखित गीता की पुस्तकें भी रखी जाएंगी जिससे यहां अन्य देशों के लोगों में भी उत्सुकता बढ़ सके। यह पहला मौका होगा जब विदेश मंत्रालय इस स्तर पर महोत्सव में भागीदार होगा।
विज्ञापन