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गीता करती है मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त : डॉ. आरसी मिश्रा
Mon, 17 Nov 2025 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 17 Nov 2025 12:36 AM IST
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कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी एवं गीता भक्ति संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए । विज्ञप
कुरुक्षेत्र। मातृभूमि सेवा मिशन में रविवार को अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह के उपलक्ष्य में श्रीमद्भगवद्गीता में निराकार ब्रह्म एवं निर्गुण भक्ति विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी एवं गीता भक्ति संवाद का आयोजन किया गया।
मातृभूमि सेवा मिशन की ओर से गीता जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित 18 दिवसीय कार्यक्रम के तृतीय दिवस पर मुख्य अतिथि हरियाणा राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. आरसी मिश्रा को विशेष सामाजिक सेवा के लिए सनातन गौरव सम्मान एवं कैलिफोर्निया से आए संत प्रेम सिंह डेरा के प्रमुख सत्यपाल सिंह को मातृभूमि गौरव सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में डॉ. भीमराव आंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति डॉ. अर्चना मिश्रा अमेरिका, भूटान, मॉरीशस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल के प्रतिनिधि गीता भक्ति संवाद कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
डॉ. आरसी मिश्रा ने कहा कि गीता ज्ञान सार्वभौमिक, समसामायिक एवं सार्वकालिक है। श्रीमद्भगवद्गीता में निराकार ब्रह्म एवं निर्गुण भक्ति विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि गीता धर्म और आध्यात्म के रहस्यों को समझने और ईश्वर की प्राप्ति के निमित्त एक मात्र ग्रंथ है।
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उन्होंने कहा कि गीता मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता संत प्रेम सिंह जी महाराज डेरा के प्रमुख श्री सत्यपाल सिंह ने कहा कि गीता का जानना और मानना आवश्यक है। गीता के सभी 700 श्लोक मनुष्य के प्रश्नों, जिज्ञासाओं का समाधान बताते हैं। एक आदर्श जीवन जीने की कला हम गीता से सीख सकते हैं।
श्रीबिहारी दास चैरिटेबल ट्रस्ट के संरक्षक श्रीश्री 1008 स्वामी डॉ. विप्रदास ने कहा कि हम सब निराकार का प्रतिनिधित्व करते हैं। जन्म से पूर्व हम निराकार थे और मृत्यु के बाद भी हम निराकार ही रहेंगे। वृंदा आयुर्वेद दिल्ली के प्रमुख वैद्यराज डॉ. अलोक गुप्ता को भी आयुर्वेद के क्षेत्र में विशेष शोध एवं कार्य के लिए मातृभूमि गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। सभी अतिथियों को मातृभूमि सेवा मिशन के संस्थापक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने स्मृति चिह्न, अंग वस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी के संस्थान के प्रोफेसर दीक्षित गर्ग एवं प्रोफेसर एसएम गुप्ता को भी मंच से सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी के संस्थान के विभिन्न राज्यों से आए विद्यार्थी एवं संत प्रेम सिंह डेरा के काफी संख्या में अनुयायी भी सम्मिलित हुए।
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मातृभूमि सेवा मिशन की ओर से गीता जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित 18 दिवसीय कार्यक्रम के तृतीय दिवस पर मुख्य अतिथि हरियाणा राज्य पुलिस शिकायत प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. आरसी मिश्रा को विशेष सामाजिक सेवा के लिए सनातन गौरव सम्मान एवं कैलिफोर्निया से आए संत प्रेम सिंह डेरा के प्रमुख सत्यपाल सिंह को मातृभूमि गौरव सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में डॉ. भीमराव आंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति डॉ. अर्चना मिश्रा अमेरिका, भूटान, मॉरीशस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और नेपाल के प्रतिनिधि गीता भक्ति संवाद कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
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डॉ. आरसी मिश्रा ने कहा कि गीता ज्ञान सार्वभौमिक, समसामायिक एवं सार्वकालिक है। श्रीमद्भगवद्गीता में निराकार ब्रह्म एवं निर्गुण भक्ति विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि गीता धर्म और आध्यात्म के रहस्यों को समझने और ईश्वर की प्राप्ति के निमित्त एक मात्र ग्रंथ है।
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उन्होंने कहा कि गीता मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता संत प्रेम सिंह जी महाराज डेरा के प्रमुख श्री सत्यपाल सिंह ने कहा कि गीता का जानना और मानना आवश्यक है। गीता के सभी 700 श्लोक मनुष्य के प्रश्नों, जिज्ञासाओं का समाधान बताते हैं। एक आदर्श जीवन जीने की कला हम गीता से सीख सकते हैं।
श्रीबिहारी दास चैरिटेबल ट्रस्ट के संरक्षक श्रीश्री 1008 स्वामी डॉ. विप्रदास ने कहा कि हम सब निराकार का प्रतिनिधित्व करते हैं। जन्म से पूर्व हम निराकार थे और मृत्यु के बाद भी हम निराकार ही रहेंगे। वृंदा आयुर्वेद दिल्ली के प्रमुख वैद्यराज डॉ. अलोक गुप्ता को भी आयुर्वेद के क्षेत्र में विशेष शोध एवं कार्य के लिए मातृभूमि गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। सभी अतिथियों को मातृभूमि सेवा मिशन के संस्थापक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने स्मृति चिह्न, अंग वस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी के संस्थान के प्रोफेसर दीक्षित गर्ग एवं प्रोफेसर एसएम गुप्ता को भी मंच से सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी के संस्थान के विभिन्न राज्यों से आए विद्यार्थी एवं संत प्रेम सिंह डेरा के काफी संख्या में अनुयायी भी सम्मिलित हुए।

कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी एवं गीता भक्ति संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए । विज्ञप