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Kurukshetra News: जालसाजों ने महिला सहित दो को बनाया निशाना
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कुरुक्षेत्र। जालसाजों ने एक महिला सहित दो लोगों के साथ साइबर धोखाधड़ी कर ली। महिला को पार्ट टाइम नौकरी का झांसा देकर 18,800 रुपये और ईशम सिंह हाल निवासी गुरदेव नगर से परिचित बनकर 95 हजार रुपये हड़प लिए। थाना साइबर में दर्ज शिकायत में शहरवासी महिला प्रतिभा ने बताया कि उसे व्हाट्सएप पर पार्ट टाइम नौकरी करने का मैसेज आया था, जिसमें उसे एक वेबसाइट से सामान कार्ट में डालने का काम करना था।
बाद में उसे टेलीग्राम समूह में शामिल करके बिटकॉइन में निवेश के लिए कहा गया था। इसमें कुछ निवेश के बाद उन्होंने मुनाफे के रुपये देने का आश्वासन दिया था। पहले उसने दो हजार रुपये का भुगतान किया तो उसका रुपया वापस मिल गया था। अगली बार उन्होंने पांच हजार रुपये का निवेश मांगा गया। फिर उसने 18,800 रुपये का भुगतान किया तो उससे और 55,500 रुपये का अगला काम दिया था। उसके मना करने पर आरोपियों ने उसके 18,800 रुपये देने से मना कर दिया।
उधर, ईशम सिंह ने बताया कि 29 दिसंबर को उसके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। बातचीत करने वाले ने खुद को उनके गांव का मास्टर बताया था। काफी बातचीत के बाद उसे विश्वास हो गया। इसका फायदा उठाते हुए आरोपी ने उसे बताया कि उसका भाई चंडीगढ़ पीजीआई में दाखिल है। उसके इलाज के लिए उसके मोबाइल से रुपये ट्रांसफर नहीं हो रहे हैं। इसलिए वह उसके नंबर पर रुपये भेज देगा और आप उसे आगे ट्रांसफर कर देना। कुछ देर बाद उसके बताए नंबर पर कुल पांच बार में 95 हजार रुपये जमा होने के मैसेज आए। बाद में उसने यह रुपये आरोपी के बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में उसने अपना खाता नंबर देखा तो उसमें कोई रुपया जमा नहीं हुआ था। शिकायत पर पुलिस ने दोनों मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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बाद में उसे टेलीग्राम समूह में शामिल करके बिटकॉइन में निवेश के लिए कहा गया था। इसमें कुछ निवेश के बाद उन्होंने मुनाफे के रुपये देने का आश्वासन दिया था। पहले उसने दो हजार रुपये का भुगतान किया तो उसका रुपया वापस मिल गया था। अगली बार उन्होंने पांच हजार रुपये का निवेश मांगा गया। फिर उसने 18,800 रुपये का भुगतान किया तो उससे और 55,500 रुपये का अगला काम दिया था। उसके मना करने पर आरोपियों ने उसके 18,800 रुपये देने से मना कर दिया।
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उधर, ईशम सिंह ने बताया कि 29 दिसंबर को उसके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। बातचीत करने वाले ने खुद को उनके गांव का मास्टर बताया था। काफी बातचीत के बाद उसे विश्वास हो गया। इसका फायदा उठाते हुए आरोपी ने उसे बताया कि उसका भाई चंडीगढ़ पीजीआई में दाखिल है। उसके इलाज के लिए उसके मोबाइल से रुपये ट्रांसफर नहीं हो रहे हैं। इसलिए वह उसके नंबर पर रुपये भेज देगा और आप उसे आगे ट्रांसफर कर देना। कुछ देर बाद उसके बताए नंबर पर कुल पांच बार में 95 हजार रुपये जमा होने के मैसेज आए। बाद में उसने यह रुपये आरोपी के बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में उसने अपना खाता नंबर देखा तो उसमें कोई रुपया जमा नहीं हुआ था। शिकायत पर पुलिस ने दोनों मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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