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Kurukshetra News: गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
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कुरुक्षेत्र। पहली पातशाही में श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर बड़ी संख्या में संगत ने धर्मनगरी में गुरु के दर्शन कर शीश नवाया। गुरुद्वारा पातशाही पहली एवं छठी में सुबह से ही संगत के आने का सिलसिला शुरू हो गया। संगत को समागम-कीर्तन के माध्यम से श्री हरमंदिर साहिब श्री दरबार साहिब के हजूरी रागी भाई सुखजीत सिंह, भाई तरसेम सिंह का ढाडी जत्था, भाई मलिंदर सिंह हजूरी रागी, भाई बेअंत सिंह हैड ग्रंथी गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी, भाई हरकरण सिंह ग्रंथी, भाई जगसीर सिंह हजूरी रागी गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी, भाई सूबा सिंह हजूरी रागी ने सिख इतिहास से जोड़ा। प्रकाश पर्व पर संगत ने गुरुघरों में दीये भी जलाए।
गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी के कथावाचक भाई गुरदास सिंह ने कहा कि गुरबाणी, शब्द और नाम सिमरन तीनों ही अमृत हैं। इन तीनों से मानव को आत्मिक जीवन व शांति मिलती है। यही संदेश श्री गुरु नानक देव जी महाराज ने देश-दुनिया को दिया। कथावाचक ने संगत को गुरु साहिब द्वारा दी गई शिक्षा को भी जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया और बताया कि व्यक्ति को सांसारिक यात्रा से मुक्ति दिलाने में सच्चे व पवित्र मन से नाम सिमरन ही अचूक माध्यम है।
कनिष्ठ उपप्रधान बीबी रविंदर कौर अजराना ने कहा कि संस्था के प्रधान जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध की अगुवाई में प्रदेश के अलग-अलग गुरुद्वारा साहिबान में श्री गुरु नानक देव जी महाराज का प्रकाश पर्व बड़ी ही श्रद्धा एवं उत्साह पूर्वक मनाया गया। गुरुद्वारा साहिब पातशाही पहली व दसवीं कपाल मोचन बिलासपुर में बड़ा समागम करवाया गया है जबकि गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब पिंजौर में भी कार्यक्रम कराया गया। इसके साथ ही गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब अंबाला शहर एवं कुरुक्षेत्र के गुरुद्वारा साहिबान में समागम करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि गुरुजी की शिक्षाओं को हमें जीवन में अपनाना चाहिए। इस मौके पर प्रवक्ता कंवलजीत सिंह अजराना, चीफ सेक्रेटरी जसविंदर सिंह दीनपुर, एडिशनल सेक्रेटरी राजपाल सिंह दुनियामाजरा, सतपाल सिंह ढाचर, उपसचिव रूपिंदर सिंह सहित अन्य संगत मौजूद रही।
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सातवीं पातशाही गुरुद्वारा में कराया अमृत संचार
ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही सातवीं में अमृत संचार करवाया गया। गुरुद्वारा साहिब के हजूरी रागी भाई मलविंदर सिंह ने गुरबाणी के माध्यम से श्री गुरु नानक देव जी महाराज के जीवन से जुड़े प्रसंग सुनाए। शबद-कीर्तन के साथ-साथ उन्होंने अमृतपान करने के लिए भी संगत को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रभु नाम सिमरन व्यक्ति को सफलता की ऊंचाइयों तक ले जाता है। प्रभु भक्ति पवित्र व सच्चे मन से करनी चाहिए।
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गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी के कथावाचक भाई गुरदास सिंह ने कहा कि गुरबाणी, शब्द और नाम सिमरन तीनों ही अमृत हैं। इन तीनों से मानव को आत्मिक जीवन व शांति मिलती है। यही संदेश श्री गुरु नानक देव जी महाराज ने देश-दुनिया को दिया। कथावाचक ने संगत को गुरु साहिब द्वारा दी गई शिक्षा को भी जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया और बताया कि व्यक्ति को सांसारिक यात्रा से मुक्ति दिलाने में सच्चे व पवित्र मन से नाम सिमरन ही अचूक माध्यम है।
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कनिष्ठ उपप्रधान बीबी रविंदर कौर अजराना ने कहा कि संस्था के प्रधान जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध की अगुवाई में प्रदेश के अलग-अलग गुरुद्वारा साहिबान में श्री गुरु नानक देव जी महाराज का प्रकाश पर्व बड़ी ही श्रद्धा एवं उत्साह पूर्वक मनाया गया। गुरुद्वारा साहिब पातशाही पहली व दसवीं कपाल मोचन बिलासपुर में बड़ा समागम करवाया गया है जबकि गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब पिंजौर में भी कार्यक्रम कराया गया। इसके साथ ही गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब अंबाला शहर एवं कुरुक्षेत्र के गुरुद्वारा साहिबान में समागम करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि गुरुजी की शिक्षाओं को हमें जीवन में अपनाना चाहिए। इस मौके पर प्रवक्ता कंवलजीत सिंह अजराना, चीफ सेक्रेटरी जसविंदर सिंह दीनपुर, एडिशनल सेक्रेटरी राजपाल सिंह दुनियामाजरा, सतपाल सिंह ढाचर, उपसचिव रूपिंदर सिंह सहित अन्य संगत मौजूद रही।
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सातवीं पातशाही गुरुद्वारा में कराया अमृत संचार
ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही सातवीं में अमृत संचार करवाया गया। गुरुद्वारा साहिब के हजूरी रागी भाई मलविंदर सिंह ने गुरबाणी के माध्यम से श्री गुरु नानक देव जी महाराज के जीवन से जुड़े प्रसंग सुनाए। शबद-कीर्तन के साथ-साथ उन्होंने अमृतपान करने के लिए भी संगत को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रभु नाम सिमरन व्यक्ति को सफलता की ऊंचाइयों तक ले जाता है। प्रभु भक्ति पवित्र व सच्चे मन से करनी चाहिए।