फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Five family members, including the bank manager who went to visit Uttarakhand, died due to being buried under the debris

Kurukshetra News: उत्तराखंड घूमने गए बैंक प्रबंधक समेत परिवार के पांच सदस्यों की मलबे में दबने से मौत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Aug 2023 02:53 AM IST
विज्ञापन
Five family members, including the bank manager who went to visit Uttarakhand, died due to being buried under the debris

विज्ञापन

कुरुक्षेत्र। उत्तराखंड घूमने गए शहर के सेक्टर- 4 में रहने वाले एक परिवार पर रविवार-सोमवार की रात बारिश कहर बन टूटी। जिला पौड़ी, ऋषिकेश के यमकेश्वर के नजदीक गांव मोहन चट्टी में भारी बारिश से हुए भूस्खलन की चपेट में आने से परिवार के सभी सदस्य बह गए। यहां ये सभी एक रिजोर्ट में रुके थे। इस हादसे में बैंक प्रबंधक कमल वर्मा (40), पत्नी निशा (36), भतीजा निशांत (18), बेटा निर्मित (10) और साला मोंटी (22) निवासी इसराना, पानीपत की मौत हो गई। हादसे में कमल वर्मा की बेटी कृतिका (7) ही जीवित बची है।

अगले दिन एसडीआरएफ की टीम ने कमल वर्मा, निशा और मोंटी के शव बरामद कर परिजनों के हवाले कर दिए थे। उसी दिन मोंटी का इसराना में उसके परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था। कमल और निशा के शव को एलएनजेपी अस्पताल में रख दिया गया था। दो दिन बाद बुधवार को निशांत और निर्मित के भी शव मिलने की सूचना मिली तो परिजन उनको लेने उत्तराखंड गए। देर शाम तक इन चारों का अंतिम संस्कार किए जाने की तैयारी की जा रही थी।
विज्ञापन


घूमने था पूरा परिवार

कमल वर्मा यूनियन बैंक शाखा पानीपत में प्रबंधक थे। रविवार को छुट्टी होने के कारण कमल वर्मा अपने परिवार के साथ ममेरे साले मोंटी और भतीजे निशांत के साथ पहाड़ों पर घूमने के लिए गए थे। यहां मोहन चट्टी में बने एक रिजॉर्ट में रुके थे। घटना से ठीक पहले कमल वर्मा ने सकुशल पहुंचने की सूचना अपने दोस्त व परिजनों को दी थी। रात करीब दो बजे परिजनों को हादसे की सूचना मिली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन



शव पहुंचे तो मची चीख-पुकार

बुधवार देर शाम जैसे ही निशांत और निर्मित के शव सेक्टर-4 पहुंचे तो वहां चीख-पुकार मच गई। अपने दोनों पोतों के शव देखकर माया देवी का कलेजा फट गया। निशांत की मां मोनिका बार-बार बेसुध हो रही थी। वहीं बहन रितिका के आंसू रोके नहीं रुक रहे थे। रिश्तेदार से लेकर आस-पड़ोस के लोग किसी तरह उनको हौसला देने का प्रयास कर रहे थे, मगर इसको देखकर हर किसी की आंखें नम थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed