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Kurukshetra News: केयू में बीएससी बायोकेमिस्ट्री के पहले बैच ने पूरा किया शोध कार्य
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कुरुक्षेत्र। बीएससी बायोकेमिस्ट्री के छात्र छात्राओं के साथ आईआईएचएस के शिक्षक। स्वयं
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत संचालित बीएससी बायोकेमिस्ट्री (ऑनर्स विद रिसर्च) के प्रथम बैच के पांच विद्यार्थियों ने अपना शोध कार्य पूरा कर लिया है। इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड एंड ऑनर्स स्टडीज में विद्यार्थियों के शोध प्रबंध (डिसर्टेशन) की मौखिक परीक्षा आयोजित की गई। विश्वविद्यालय इसे स्नातक स्तर पर शोध आधारित शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रहा है।
यूआईईटी के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. राजेश दहिया ने बाह्य परीक्षक के रूप में विद्यार्थियों के शोध कार्य का मूल्यांकन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्नातक स्तर पर शोध आधारित शिक्षा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान क्षमता और नवाचार को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में बायोकेमिस्ट्री विभागाध्यक्ष प्रो. अश्वनी मित्तल, प्राचार्या प्रो. रीटा, प्रो. परमेश कुमार और डॉ. ऋतु सैनी भी मौजूद रहे। उन्होंने प्रथम बैच के विद्यार्थियों को शोध कार्य पूरा करने पर बधाई देते हुए कहा कि चार वर्षीय ऑनर्स विद रिसर्च कार्यक्रम विद्यार्थियों में अनुसंधान की संस्कृति विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शुरू हुआ था पाठ्यक्रम
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शुरू किए गए बीएससी बायोकेमिस्ट्री (ऑनर्स विद रिसर्च) कार्यक्रम में विद्यार्थियों को स्नातक स्तर पर ही शोध कार्य करने का अवसर मिलता है। विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान क्षमता और नवाचार की सोच विकसित होगी तथा उन्हें उच्च शिक्षा और शोध के लिए बेहतर आधार मिलेगा।
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यूआईईटी के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. राजेश दहिया ने बाह्य परीक्षक के रूप में विद्यार्थियों के शोध कार्य का मूल्यांकन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्नातक स्तर पर शोध आधारित शिक्षा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान क्षमता और नवाचार को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में बायोकेमिस्ट्री विभागाध्यक्ष प्रो. अश्वनी मित्तल, प्राचार्या प्रो. रीटा, प्रो. परमेश कुमार और डॉ. ऋतु सैनी भी मौजूद रहे। उन्होंने प्रथम बैच के विद्यार्थियों को शोध कार्य पूरा करने पर बधाई देते हुए कहा कि चार वर्षीय ऑनर्स विद रिसर्च कार्यक्रम विद्यार्थियों में अनुसंधान की संस्कृति विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शुरू हुआ था पाठ्यक्रम
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शुरू किए गए बीएससी बायोकेमिस्ट्री (ऑनर्स विद रिसर्च) कार्यक्रम में विद्यार्थियों को स्नातक स्तर पर ही शोध कार्य करने का अवसर मिलता है। विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान क्षमता और नवाचार की सोच विकसित होगी तथा उन्हें उच्च शिक्षा और शोध के लिए बेहतर आधार मिलेगा।
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