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Kurukshetra News: फॉर्च्यूनर और वर्ना कार से पिता-पुत्र करते थे नशा तस्करी, लगा था वीआईपी नंबर
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कुरुक्षेत्र। पंजाब बॉर्डर से सटे पिपली अधोया प्लाट से 223 किलो डोडापोस्त के साथ पकड़ा गया आरोपी हरजिंद्र सिंह नशा तस्करी के लिए फॉर्च्यूनर और वर्ना जैसी लग्जरी कार का इस्तेमाल करता था। उसकी फॉर्च्यूनर पर वीआईपी नंबर लगा हुआ था। हालांकि यह गाड़ियां आरोपी के नाम पर है या नहीं पुलिस उसकी भी जांच कर रही है। इससे पहले भी तस्कर पुलिस से बचने के लिए एंबुलेंस और लाल बत्ती लगी गाड़ियों का भी इस्तेमाल कर चुके हैं।
इसके डेढ़ साल पहले पुलिस ने नशा तस्करी के इस्तेमाल में एक एंबुलेंस को पकड़ा था। इस एंबुलेंस से 80 किलो डोडापोस्त के साथ दो आरोपी गिरफ्तार किए गए थे। इसके अलावा साल 2015 जून में मुर्तजापुर गांव के निकट एक सुनसान कोठी से बड़ी मात्रा में चूरापोस्त बरामद हुआ था। इस कोठी से पुलिस ने दो पिस्तौल, 12 बोर के 21 कारतूस, 315 बोर के आठ कारतूस, काफी संख्या में नंबर प्लेट, लाल बत्ती, सीलिंग मशीन, भारी मात्रा में मोम और तराजू समेत बरामद किया था। आरोपी कार पर लाल बत्ती लगाकर तस्करी करते थे। साथ ही आरोपी अलग-अलग नंबर प्लेट का इस्तेमाल भी कर रहे थे।
आरोपी हरजिंद्र सिंह भी लग्जरी कार का इस्तेमाल करके नशा तस्करी का धंधा कर रहा था, क्योंकि आरोपी को लग रहा था कि तस्करी के दौरान उसकी वीआईपी नंबर फॉर्च्यूनर पर पुलिस की नजर नहीं पड़ेगी। आरोपी के कब्जे से गुरुग्राम नंबर की फॉर्च्यूनर और दिल्ली नंबर की वर्ना कार बरामद हुई है। इस मामले में हरजिंद्र सिंह के बेटे सतवीर सिंह की भूमिका भी सामने आई है। अभी आरोपी सतवीर सिंह फरार चल रहा है। पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी कुछ दिन इस्तेमाल के बाद गाड़ी को बेच देते थे और उसके बाद दूसरी कार को इस्तेमाल में लाते थे।
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आरोपी हरजिंद्र सिंह पर पहले भी मामले दर्ज
पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक जश्नदीप सिंह रंधावा ने बताया कि आरोपी हरजिंद्र सिंह पर पहले भी मादक पदार्थ अधिनियम के तहत राजस्थान और हिसार में मामले दर्ज है। पुलिस ने आरोपी को दिन के रिमांड पर लिया है, साथ ही पुलिस सतवीर सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। पुलिस आरोपियों से बरामद दोनों कार के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। वहीं सीआईए-एक के प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी एक-दो दिन पहले ही डोडापोस्त लेकर आए थे।
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इसके डेढ़ साल पहले पुलिस ने नशा तस्करी के इस्तेमाल में एक एंबुलेंस को पकड़ा था। इस एंबुलेंस से 80 किलो डोडापोस्त के साथ दो आरोपी गिरफ्तार किए गए थे। इसके अलावा साल 2015 जून में मुर्तजापुर गांव के निकट एक सुनसान कोठी से बड़ी मात्रा में चूरापोस्त बरामद हुआ था। इस कोठी से पुलिस ने दो पिस्तौल, 12 बोर के 21 कारतूस, 315 बोर के आठ कारतूस, काफी संख्या में नंबर प्लेट, लाल बत्ती, सीलिंग मशीन, भारी मात्रा में मोम और तराजू समेत बरामद किया था। आरोपी कार पर लाल बत्ती लगाकर तस्करी करते थे। साथ ही आरोपी अलग-अलग नंबर प्लेट का इस्तेमाल भी कर रहे थे।
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आरोपी हरजिंद्र सिंह भी लग्जरी कार का इस्तेमाल करके नशा तस्करी का धंधा कर रहा था, क्योंकि आरोपी को लग रहा था कि तस्करी के दौरान उसकी वीआईपी नंबर फॉर्च्यूनर पर पुलिस की नजर नहीं पड़ेगी। आरोपी के कब्जे से गुरुग्राम नंबर की फॉर्च्यूनर और दिल्ली नंबर की वर्ना कार बरामद हुई है। इस मामले में हरजिंद्र सिंह के बेटे सतवीर सिंह की भूमिका भी सामने आई है। अभी आरोपी सतवीर सिंह फरार चल रहा है। पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी कुछ दिन इस्तेमाल के बाद गाड़ी को बेच देते थे और उसके बाद दूसरी कार को इस्तेमाल में लाते थे।
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आरोपी हरजिंद्र सिंह पर पहले भी मामले दर्ज
पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक जश्नदीप सिंह रंधावा ने बताया कि आरोपी हरजिंद्र सिंह पर पहले भी मादक पदार्थ अधिनियम के तहत राजस्थान और हिसार में मामले दर्ज है। पुलिस ने आरोपी को दिन के रिमांड पर लिया है, साथ ही पुलिस सतवीर सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। पुलिस आरोपियों से बरामद दोनों कार के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। वहीं सीआईए-एक के प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी एक-दो दिन पहले ही डोडापोस्त लेकर आए थे।