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फैशन शो में आधुनिक लोक परिधानों का जलवा
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रत्नावली महोत्सव में आयोजित प्रतियोगिता के दौरान रैंप पर जलवे बिखेरते प्रतिभागी। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। रत्नावली महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को हरियाणवी आधुनिक लोक परिधानों का जलवा देखने को मिला। हरियाणवी फैशन शो में 25 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर हरियाणा के लोक परिधानों को रत्नावली के रैंप पर नवीन स्वरूप में प्रस्तुत किया। रत्नावली समारोह में हरियाणा के लोक पारंपरिक परिधानों की प्रतियोगिता का आयोजन तो किया ही गया, इसके साथ आधुनिक परिधानों को भी मंच प्रदान किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. ममता सचदेवा ने कहा कि केयू हरियाणवी संस्कृति के लिए ब्रांड बन चुका है। इस दृष्टि से रत्नावली मंच के माध्यम से विश्वविद्यालय के कलाकारों ने जिस स्वरूप में हरियाणा के परिधानों को मंच पर प्रस्तुत किया है वह अपने आप में अद्भुत एवं अनूठा प्रयास है। मुख्यातिथि लोकल ऑडिट हरियाणा के निदेशक राजेश गुप्ता ने कहा कि रत्नावली महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जाए ,ताकि रत्नावली भी वर्ल्ड मैप पर दिखे। युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने कहा कि हरियाणा के लोक परिधानों को नये स्वरूप में रत्नावली के मंच पर प्रस्तुत कर युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग ने हरियाणा की संस्कृति को एक कदम और आगे बढ़ाया है।
उन्होंने बताया कि इस फैशन शो में अलग-अलग तरह की धोतियां, पगड़ी के अलग-अलग स्वरूप, घाघरा, घाघरी, कुर्ता-कुर्ती, लहंगा, गात्ती, गरखी आदि लोक परिधानों को मंच पर प्रस्तुत किया गया है। हरियाणवी फैशन शो में 25 से अधिक कलाकारों ने रैंप पर देशी परिधानों को आधुनिक स्वरूप में प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा, लोकल आडिट के संयुक्त निदेशक डॉ. चांद राम भुक्कल, केडीबी सदस्य सौरभ चौधरी, प्रो. शुचिस्मिता, प्रोफेसर अनिल गुप्ता, उप-निदेशक डॉ. गुरचरण सिंह, डॉ. जितेन्द्र जांगडा, हरिकेश पपोसा आदि मौजूद रहे।
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कुरुक्षेत्र। रत्नावली महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को हरियाणवी आधुनिक लोक परिधानों का जलवा देखने को मिला। हरियाणवी फैशन शो में 25 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर हरियाणा के लोक परिधानों को रत्नावली के रैंप पर नवीन स्वरूप में प्रस्तुत किया। रत्नावली समारोह में हरियाणा के लोक पारंपरिक परिधानों की प्रतियोगिता का आयोजन तो किया ही गया, इसके साथ आधुनिक परिधानों को भी मंच प्रदान किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. ममता सचदेवा ने कहा कि केयू हरियाणवी संस्कृति के लिए ब्रांड बन चुका है। इस दृष्टि से रत्नावली मंच के माध्यम से विश्वविद्यालय के कलाकारों ने जिस स्वरूप में हरियाणा के परिधानों को मंच पर प्रस्तुत किया है वह अपने आप में अद्भुत एवं अनूठा प्रयास है। मुख्यातिथि लोकल ऑडिट हरियाणा के निदेशक राजेश गुप्ता ने कहा कि रत्नावली महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जाए ,ताकि रत्नावली भी वर्ल्ड मैप पर दिखे। युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. महासिंह पूनिया ने कहा कि हरियाणा के लोक परिधानों को नये स्वरूप में रत्नावली के मंच पर प्रस्तुत कर युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग ने हरियाणा की संस्कृति को एक कदम और आगे बढ़ाया है।
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उन्होंने बताया कि इस फैशन शो में अलग-अलग तरह की धोतियां, पगड़ी के अलग-अलग स्वरूप, घाघरा, घाघरी, कुर्ता-कुर्ती, लहंगा, गात्ती, गरखी आदि लोक परिधानों को मंच पर प्रस्तुत किया गया है। हरियाणवी फैशन शो में 25 से अधिक कलाकारों ने रैंप पर देशी परिधानों को आधुनिक स्वरूप में प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा, लोकल आडिट के संयुक्त निदेशक डॉ. चांद राम भुक्कल, केडीबी सदस्य सौरभ चौधरी, प्रो. शुचिस्मिता, प्रोफेसर अनिल गुप्ता, उप-निदेशक डॉ. गुरचरण सिंह, डॉ. जितेन्द्र जांगडा, हरिकेश पपोसा आदि मौजूद रहे।

लोक परिधान प्रतियोगिता में हिस्सा लेते प्रतिभागी।- फोटो : Kurukshetra

लोक परिधान का प्रदर्शन करते युवा कलाकार। संवाद- फोटो : Kurukshetra
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