{"_id":"6ab372eec7650d3a31027956","slug":"farmers-hold-their-ground-in-shahabad-for-second-day-chaduni-declares-protest-continue-on-national-highway-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"शाहाबाद में दूसरे दिन भी डटे किसान: चढूनी बोले-जब तक धान खरीद शुरू नहीं होगी, नेशनल हाईवे पर रहेगा मोर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शाहाबाद में दूसरे दिन भी डटे किसान: चढूनी बोले-जब तक धान खरीद शुरू नहीं होगी, नेशनल हाईवे पर रहेगा मोर्चा
Wed, 23 Sep 2026 12:04 PM IST
Naveen
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
Published by: Naveen
Updated Wed, 23 Sep 2026 12:04 PM IST
सार
पंचायत को संबोधित करते हुए भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि हर एक अन्नदाता की है। उन्होंने कहा, "सरकार धान खरीद शुरू करने की बजाय किसानों पर बर्बरता कर उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
विज्ञापन
शाहबाद से कांग्रेस के पूर्व विधायक अनिल धनतौड़ी भी किसानों के बीच पहुंचे।
- फोटो : संवाद
विस्तार
शाहाबाद में धान खरीद की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी है। मंगलवार को हुए लाठीचार्ज और हंगामे के बाद आज सुबह से ही प्रदेश भर से किसान और विभिन्न जत्थेबंदियां बड़ी तादाद में धरना स्थल पर पहुंचना शुरू हो गई हैं। भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में किसानों की महापंचायत शुरू हो चुकी है, जिसमें दोपहर बाद आंदोलन को लेकर कोई बड़ा और कड़ा फैसला लिया जा सकता है।
विज्ञापन
सरकार के रवैये और लाठीचार्ज पर मंथन
धरना स्थल पर शुरू हुई पंचायत में सबसे पहले मंगलवार को हुए घटनाक्रम, पुलिस लाठीचार्ज और सरकार के अब तक के अड़ियल रवैये पर चर्चा की जा रही है। किसानों का कहना है कि वे अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन प्रशासन ने बल प्रयोग कर माहौल खराब किया।
विज्ञापन
खरीद तक मोर्चा रहेगा जारी: गुरनाम सिंह चढूनी
पंचायत को संबोधित करते हुए भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि हर एक अन्नदाता की है। उन्होंने कहा, "सरकार धान खरीद शुरू करने की बजाय किसानों पर बर्बरता कर उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह दांव सरकार पर ही भारी पड़ेगा। जनता सब देख रही है। जब फसल तैयार है, तब खरीद न करना सरकार की घोर विफलता है।" चढूनी ने स्पष्ट किया कि किसानों से राय-मशविरा कर बड़ा फैसला लिया जा सकता है, लेकिन जब तक धान की सरकारी खरीद विधिवत शुरू नहीं होती, तब तक मोर्चा किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगा।
विज्ञापन
राजनीतिक समर्थन भी पहुंचा
आंदोलन को समर्थन देने के लिए राजनीतिक दल भी आगे आने लगे हैं। शाहाबाद के पूर्व कांग्रेसी विधायक अनिल धनतौड़ी किसानों के बीच धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने किसानों की मांगों का खुला समर्थन किया। धरना स्थल पर लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।