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Kurukshetra News: किसानों ने कृषि अधिकारी को पांच घंटे तक बनाए रखा बंधक, सुनवाई नहीं हुई तो शाम को हाईवे किया जाम
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कुरुक्षेत्र/पिहोवा। यूरिया की किल्लत और कालाबाजारी के लिए पिहोवा में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसानों ने पहले रोष जताते हुए कृषि अधिकारी को किसान रेस्ट हाउस में करीब पांच घंटे तक बंधक बनाए रखा, जिसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे जाम कर दिया। करीब 20 मिनट बाद मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार संजीव धानिया व डीएसपी निर्मल सिंह की ओर से शाम तक खाद पहुंचने का लिखित आश्वासन दिया गया तो किसान शांत हुए और कृषि अधिकारी को भी छोड़ा। भरोसा दिया गया था कि पांच बजे तक खाद की गाड़ी पहुंच जाएगी लेकिन देर शाम तक भी किसान इंतजार करते रहे, वहीं ऐलान किया कि खाद नहीं आई और कथित कालाबाजारी पर रोक नहीं लगी तो फिर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
प्रदर्शन के दौरान किसान नेता प्रिंस वड़ैच ने बताया कि धान रोपाई के सीजन के बीच खाद की किल्लत चल रही है और अधिकारियों की मिलीभगत से कालाबाजारी को अंजाम दिया जा रहा है। गत दिवस भी किसानों ने मॉडल टाउन में 300 बैग खाद एक गोदाम में पकड़े थे, जो बाद में किसानों में बंटवाए गए। वहीं प्रशासन को चेताया था कि कथित कालाबाजारी रोकी जाए और खाद की किल्लत दूर करवाई जाए। वीरवार को जब वे खाद के बारे में खंड कृषि अधिकारी प्रदीप कुमार से खाद की जानकारी लेने पहुंचे तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद किसानों का गुस्सा बढ़ता गया, इसके बाद कृषि अधिकारी को रेस्ट हाउस में ले गए जहां उन्हें सुबह करीब 10 बजे ही बंधक बना लिया था। तीन बजे तक वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की जाती रही लेकिन कोई समाधान नहीं दिखा तो किसान नेशनल हाईवे पर पहुंचे और जाम कर दिया।
प्रिंस वड़ैच ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में यूरिया की कालाबाजारी हो रही है, इसमें कृषि अधिकारी खाद विक्रेता के साथ मिले हुए हैं। यूरिया की जानकारी छिपाई जा रही है ताकि बाद में यूरिया को अपनी मनमर्जी के रेट पर बेचा जा सके। उधर थानाध्यक्ष जानपाल सिंह का कहना है कि किसानों को समझाकर शांत कर दिया गया है।
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प्रदर्शन के दौरान किसान नेता प्रिंस वड़ैच ने बताया कि धान रोपाई के सीजन के बीच खाद की किल्लत चल रही है और अधिकारियों की मिलीभगत से कालाबाजारी को अंजाम दिया जा रहा है। गत दिवस भी किसानों ने मॉडल टाउन में 300 बैग खाद एक गोदाम में पकड़े थे, जो बाद में किसानों में बंटवाए गए। वहीं प्रशासन को चेताया था कि कथित कालाबाजारी रोकी जाए और खाद की किल्लत दूर करवाई जाए। वीरवार को जब वे खाद के बारे में खंड कृषि अधिकारी प्रदीप कुमार से खाद की जानकारी लेने पहुंचे तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद किसानों का गुस्सा बढ़ता गया, इसके बाद कृषि अधिकारी को रेस्ट हाउस में ले गए जहां उन्हें सुबह करीब 10 बजे ही बंधक बना लिया था। तीन बजे तक वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की जाती रही लेकिन कोई समाधान नहीं दिखा तो किसान नेशनल हाईवे पर पहुंचे और जाम कर दिया।
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प्रिंस वड़ैच ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में यूरिया की कालाबाजारी हो रही है, इसमें कृषि अधिकारी खाद विक्रेता के साथ मिले हुए हैं। यूरिया की जानकारी छिपाई जा रही है ताकि बाद में यूरिया को अपनी मनमर्जी के रेट पर बेचा जा सके। उधर थानाध्यक्ष जानपाल सिंह का कहना है कि किसानों को समझाकर शांत कर दिया गया है।
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