{"_id":"61f84131d9ff1855436822b7","slug":"farmers-burnt-effigy-of-government-by-celebrating-betrayal-day-kurukshetra-kurukshetra-news-knl976025123","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों ने विश्वासघात दिवस मनाकर सरकार का पुतला फूंका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों ने विश्वासघात दिवस मनाकर सरकार का पुतला फूंका
विज्ञापन
रोष जताते भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने सोमवार को सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाकर लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। किसानों ने नारेबाजी करते सरकार का पुतला भी फूंका। किसानों ने इसे विश्वासघात दिवस करार देते हुए अपनी मांगों के समर्थन में राष्ट्रपति के नाम और सीएम मनोहर लाल के नाम डीसी मुकुल कुमार को ज्ञापन दिया।
इससे पहले जिलेभर के किसान पंचायत भवन पर एकत्रित हुए। यहां से भाकियू (चढूनी) के जिला प्रधान कृष्ण कलाल माजरा की अगुवाई में किसान रोष मार्च निकालते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए लघु सचिवालय पर पुलिस बल को तैनात किया गया था। किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से गत दिनों बारिश से खराब हुई फसल की विशेष गिरदावरी कराकर मुआवजा देने व सूरजमुखी का बीज उपलब्ध कराने की मांग रखी।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश बैंस व कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह मथाना ने बताया की संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद किसान आंदोलन को स्थगित किया था। केंद्र सरकार ने अपने पत्र में कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद एमएसपी कानून, गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त, आंदोलन के दौरान किसान पर हुए केस वापस लेने पर सहमति जताई थी। अभी तक सरकार ने उनकी किसी भी मांग को लेकर कोई भी सकारात्मक रुख नहीं दिखाया है। लिहाजा, संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 31 जनवरी को विश्वासघात दिवस के रूप में मना कर सरकार के पुतले जलाए गए।
विज्ञापन
चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार वादे अनुसार उनकी मांगों को नहीं मानती तो फरवरी के पहले सप्ताह से मिशन बंगाल की तर्ज पर मिशन यूपी चलाया जाएगा, जिसमें यूपी की जनता से भाजपा के खिलाफ वोट करने की अपील की जाएगी। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा की अगली बैठक में सरकार के खिलाफ कड़ा फैसला लिया जाएगा। किसान जसबीर मामू माजरा ने बताया की पिछले दिनों हुई भारी बारिश से किसानों की गेहूं ,सरसों, आलू सहित सब्जियों की अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुचा। मांग है कि सरकार विशेष गिरदावरी कराकर किसानों को मुआवजा दे। वहीं किसानों को समय पर यूरिया और सूरजमुखी के बीज उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। इस कारण किसान बेहद परेशान हैं।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने सोमवार को सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाकर लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। किसानों ने नारेबाजी करते सरकार का पुतला भी फूंका। किसानों ने इसे विश्वासघात दिवस करार देते हुए अपनी मांगों के समर्थन में राष्ट्रपति के नाम और सीएम मनोहर लाल के नाम डीसी मुकुल कुमार को ज्ञापन दिया।
इससे पहले जिलेभर के किसान पंचायत भवन पर एकत्रित हुए। यहां से भाकियू (चढूनी) के जिला प्रधान कृष्ण कलाल माजरा की अगुवाई में किसान रोष मार्च निकालते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए लघु सचिवालय पर पुलिस बल को तैनात किया गया था। किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से गत दिनों बारिश से खराब हुई फसल की विशेष गिरदावरी कराकर मुआवजा देने व सूरजमुखी का बीज उपलब्ध कराने की मांग रखी।
विज्ञापन
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश बैंस व कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष कर्म सिंह मथाना ने बताया की संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद किसान आंदोलन को स्थगित किया था। केंद्र सरकार ने अपने पत्र में कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद एमएसपी कानून, गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त, आंदोलन के दौरान किसान पर हुए केस वापस लेने पर सहमति जताई थी। अभी तक सरकार ने उनकी किसी भी मांग को लेकर कोई भी सकारात्मक रुख नहीं दिखाया है। लिहाजा, संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 31 जनवरी को विश्वासघात दिवस के रूप में मना कर सरकार के पुतले जलाए गए।
विज्ञापन
चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार वादे अनुसार उनकी मांगों को नहीं मानती तो फरवरी के पहले सप्ताह से मिशन बंगाल की तर्ज पर मिशन यूपी चलाया जाएगा, जिसमें यूपी की जनता से भाजपा के खिलाफ वोट करने की अपील की जाएगी। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा की अगली बैठक में सरकार के खिलाफ कड़ा फैसला लिया जाएगा। किसान जसबीर मामू माजरा ने बताया की पिछले दिनों हुई भारी बारिश से किसानों की गेहूं ,सरसों, आलू सहित सब्जियों की अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुचा। मांग है कि सरकार विशेष गिरदावरी कराकर किसानों को मुआवजा दे। वहीं किसानों को समय पर यूरिया और सूरजमुखी के बीज उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। इस कारण किसान बेहद परेशान हैं।