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Kurukshetra News: सरसों खरीद में किसानों को लग रहा 500 रुपये प्रति क्विंटल फटका
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इस्माईलाबाद। अनाज मंडी सरसों की आवक शुरू हो चुकी है। लेकिन सरसों की सरकारी खरीद शुरू न होने से किसानों में मायूसी छाई हुई है। हालांकि अनाज मंडी प्राइवेट खरीदार सरसों की खरीद कर रहे हैं। लेकिन किसानों को उनकी फसल की पूरे दाम न मिलने से किसान सरकारी खरीद शुरू करने की मांग कर रहे हैं। किसान सोहन लाल, प्रदीप, मनदीप, संजीव, तरसेम, राजेश, सौरव आदि बताया कि उन्होंने फसल चक्र अपनाते हुए सरसों की फसल का उत्पादन किया था।
इस वर्ष सरसों की फसल फरवरी माह के अंत में पक कर तैयार हो गई है। मौसम खराब के चलते किसान लंबे समय तक पक्की फसल को खेत में नहीं रख सकते। ऐसे में उन्हें फसल अनाज मंडी में बिकवाली के लिए लाना पड़ रहा है। लेकिन सरकार खरीद का कार्य मार्च माह के दूसरे सप्ताह में शुरू करती है, जिसके चलते किसानों को अपनी फसल औने पौने दामों पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।
इस समय अनाज मंडी में सरसों 5200 से 5400 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बिक रही है, जबकि सरकारी समर्थन मूल्य 5950 रुपये तय किया हुआ है। इस तरह किसानों को 400 से 500 रुपये का आर्थिक नुकसान प्रति क्विंटल के हिसाब से हो रहा है। किसानों ने सरकार से मांग रखी है कि सरसों की सरकारी खरीद का कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाएग।
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सरसों की खरीद को लेकर सभी तैयारियां पूरी : सचिव
मार्केट कमेटी सचिव अंकुर ठकराल ने बताया कि सरसों की खरीद को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि सरकारी आदेश आते ही सरसों की खरीद का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। सरकार ने 15 मार्च से सरसों की खरीद के आदेश जारी किए हैं। जिन किसानों ने फसल का पंजीकरण करवाया हुआ है और सरसों सरकारी मापदंडों के अनुसार सही है। उनकी सरसों की खरीद का कार्य तय समय से शुरू कर दिया जाएगा।
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इस वर्ष सरसों की फसल फरवरी माह के अंत में पक कर तैयार हो गई है। मौसम खराब के चलते किसान लंबे समय तक पक्की फसल को खेत में नहीं रख सकते। ऐसे में उन्हें फसल अनाज मंडी में बिकवाली के लिए लाना पड़ रहा है। लेकिन सरकार खरीद का कार्य मार्च माह के दूसरे सप्ताह में शुरू करती है, जिसके चलते किसानों को अपनी फसल औने पौने दामों पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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इस समय अनाज मंडी में सरसों 5200 से 5400 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बिक रही है, जबकि सरकारी समर्थन मूल्य 5950 रुपये तय किया हुआ है। इस तरह किसानों को 400 से 500 रुपये का आर्थिक नुकसान प्रति क्विंटल के हिसाब से हो रहा है। किसानों ने सरकार से मांग रखी है कि सरसों की सरकारी खरीद का कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाएग।
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सरसों की खरीद को लेकर सभी तैयारियां पूरी : सचिव
मार्केट कमेटी सचिव अंकुर ठकराल ने बताया कि सरसों की खरीद को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि सरकारी आदेश आते ही सरसों की खरीद का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। सरकार ने 15 मार्च से सरसों की खरीद के आदेश जारी किए हैं। जिन किसानों ने फसल का पंजीकरण करवाया हुआ है और सरसों सरकारी मापदंडों के अनुसार सही है। उनकी सरसों की खरीद का कार्य तय समय से शुरू कर दिया जाएगा।