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Kurukshetra News: किसान अनिल ने बेल वाली सब्जियों को वैज्ञानिक तरीके से उगा कर बढ़ाई आय
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कुरुक्षेत्र। पढ़े लिखे युवा नौकरी की लालसा छोड़कर खेती में नाम के साथ अच्छी कमाई कर रहे हैं। ऐसे ही एक प्रगतिशील किसान अनिल ने कुशल कृषि विशेषज्ञों एवं कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में वैज्ञानिक कृषि तरीकों को अपनाकर लाभ कमाया है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह ने अनिल के खेतों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि अनिल ने बेल वाली सब्जियों को वैज्ञानिक तरीके से उगा कर अपनी आमदकी को बढ़ाया है। उन्होंने अनिल की सराहना की तथा भविष्य के लिए मार्गदर्शन भी किया। डॉ. सिंह ने बताया कि किस प्रकार अधिक बरसात और गर्मी में बेल वाली सब्जियों को नुकसान पहुंचता है तथा इन्हें कैसे बचाया जा सकता है।
डॉ. सिंह ने बताया कि बेल वाली सब्जियों में घीया, तोरी, करेला, पेठा, टिंडा और खीरा आदि ऐसी सब्जियां हैं, जिनकी बाजार में काफी डिमांड है। ऐसे में किसान इन सब्जियों को उगाकर अच्छी खासी आमदनी अर्जित कर सकते हैं। इन बेल वाली सब्जियों को साल में दो बार उगाया जाता है। पहला मौसम जनवरी-फरवरी का और दूसरा मौसम जून से जुलाई का है।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह ने अनिल के खेतों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि अनिल ने बेल वाली सब्जियों को वैज्ञानिक तरीके से उगा कर अपनी आमदकी को बढ़ाया है। उन्होंने अनिल की सराहना की तथा भविष्य के लिए मार्गदर्शन भी किया। डॉ. सिंह ने बताया कि किस प्रकार अधिक बरसात और गर्मी में बेल वाली सब्जियों को नुकसान पहुंचता है तथा इन्हें कैसे बचाया जा सकता है।
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डॉ. सिंह ने बताया कि बेल वाली सब्जियों में घीया, तोरी, करेला, पेठा, टिंडा और खीरा आदि ऐसी सब्जियां हैं, जिनकी बाजार में काफी डिमांड है। ऐसे में किसान इन सब्जियों को उगाकर अच्छी खासी आमदनी अर्जित कर सकते हैं। इन बेल वाली सब्जियों को साल में दो बार उगाया जाता है। पहला मौसम जनवरी-फरवरी का और दूसरा मौसम जून से जुलाई का है।
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